{"_id":"56f925c14f1c1bfa02f00114","slug":"addmission-fees-from-girls","type":"story","status":"publish","title_hn":"लड़कियों से एडमिशन फीस नहीं लेगा बीएल स्कूल ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लड़कियों से एडमिशन फीस नहीं लेगा बीएल स्कूल
ब्यूरो/अमर उजाला, सोलन
Updated Mon, 28 Mar 2016 09:55 PM IST
विज्ञापन
निजी स्कूलों की आई शामत
- फोटो : concept photo
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान को साकार करने के लिए औद्योगिक क्षेत्र बद्दी के बीएल सेंट्रल सीनियर सेकेंडरी स्कूल ने अनुकरणीय कार्य किया है। विद्यालय ने फैसला लिया है कि प्री नर्सरी से लेकर जमा दो कक्षा तक किसी भी कन्या से एडमिशन फीस नहीं ली जाएगी। बेटियों से सिर्फ मासिक फीस ही ली जाएगी।
विज्ञापन
बीएल सेंट्रल स्कूल की प्रधानाचार्य कामिनी शर्मा और मीडिया प्रभारी कर्ण शर्मा ने बताया कि स्कूल प्रबंधन समिति की बैठक में यह अहम फैसला लिया गया है। अकसर देखने में आता है कि हम बेटी बचाने और बेटी पढ़ाने के नारे तो लगाते हैं लेकिन इन नारों को मूर्त रूप नहीं देते। संस्थान का यह मानना है कि प्रदेश की कोई भी बेटी पैसे के अभाव में शिक्षा से वंचित न रहे। कर्ण शर्मा ने कहा कि स्कूल की प्रधानाचार्य एक महिला हैं और वह बेटियों का दर्द बेहतर समझ सकती है। इस अभियान के तहत अब विद्यालय में बेटियों को हर कक्षा में बिना एडमिशन फीस के दाखिला दिया जा रहा है।
विज्ञापन
यह देखने में आया है कि छात्राओं के परिजन मासिक फीस तो आसानी से दे देते हैं लेकिन उनको हर साल एडमिशन फीस देने में दिक्कत आती है। बेटियों के प्रति समाज की मानसिकता बदले और वह पढ़ लिखकर गांव, समाज और देश का नाम रोशन करें इसी मकसद से बीएल सेंट्रल पब्लिक स्कूल ने यह महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इससे लड़कियों को शिक्षा हासिल करने में आसानी होगी तथा गरीब वर्ग की कन्याएं भी स्कूल में दाखिला ले सकती हैं।
विज्ञापन
अन्य शिक्षण संस्थान भी आएं आगे
स्कूल के निदेशक नरेश शर्मा ने कहा कि स्कूल प्रबंधन की ओर से उठाया गया कदम आने वाले समय में मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने आह्वान किया कि अन्य शिक्षण संस्थानों को भी ऐसे कदम उठाने के लिए आगे आना चाहिए।