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Solan News: एक ही जन्मतिथि के मिले आधार कार्ड मामले की गहनता से की जाए जांच
Sun, 22 Sep 2024 11:37 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
Updated Sun, 22 Sep 2024 11:37 PM IST
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कार्ड कहां और किसने बनाए उनके खिलाफ भी हो कार्रवाई
सोलन में प्रेसवार्ता के दौरान बोले देवभूमि क्षत्रिय संगठन के प्रमुख
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। देवभूमि क्षत्रिय संगठन के प्रमुख रुमित सिंह ठाकुर ने कहा कि गुम्मा में एक ही जन्मतिथि के 45 आधार कार्ड एक समुदाय विशेष के लोगों के मिले जिनमें एक ही जन्मतिथि दर्शाई गई है। इसके बाद प्रदेश भर में प्रवासी लोगों के आधार कार्ड इस तरह की खामियों वाले पाए गए हैं, जो संदेह के घेरे में हैं। रविवार को सोलन में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने सरकार से मांग की है कि इसकी उचित जांच पूरी गहनता से की जाए।
उन्होंने कहा कि सरकार इसकी भी जांच करे कि इस तरह के आधार कार्ड कहां और किसने बनाए उनके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाए। यही नहीं प्रदेश में प्रवासी लोग नाम बदलकर रहते हैं, दुकानें चलाते हैं, और लव जेहाद व कई असामाजिक गतिविधियों को अंजाम देते हैं। ऐसे क्या कारण हैं कि यह समुदाय विशेष के लोग अपनी पहचान छिपा रहे हैं। क्या यह किसी साजिश के तहत एक विशेष समुदाय के लोग तो नहीं कर रहे हैं। क्या प्रदेश में पहचान छिपाकर कोई बांग्लादेशी, पाकिस्तानी या अन्य लोग तो नहीं रह रहे। उन्होंने कहा कि इसके पीछे क्या साजिश है, यह सत्य है या असत्य इसकी उचित जांच हो। यह भी कहा कि यह इतने भारी भरकम दुकानों के किराया कहां से दे रहे हैं, जबकि इन दुकानों में इतनी आमदनी भी नहीं है, यह भी जांच का विषय है। वक्फ बोर्ड पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि वक्फ बोर्ड का गठन ही गलत था। समुदाय विशेष जगह-जगह वक्फ बोर्ड के नाम पर अपना कब्जा जमा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद जब बंटवारा हुआ तो उसके बाद भी यहां समुदाय विशेष को विशेषाधिकार देकर वक्फ बोर्ड का गठन करना दुर्भाग्यपूर्ण था। यदि वक्फ बोर्ड का गठन किया गया था तो सनातन बोर्ड का गठन क्यों नहीं हुआ।
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सोलन में प्रेसवार्ता के दौरान बोले देवभूमि क्षत्रिय संगठन के प्रमुख
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। देवभूमि क्षत्रिय संगठन के प्रमुख रुमित सिंह ठाकुर ने कहा कि गुम्मा में एक ही जन्मतिथि के 45 आधार कार्ड एक समुदाय विशेष के लोगों के मिले जिनमें एक ही जन्मतिथि दर्शाई गई है। इसके बाद प्रदेश भर में प्रवासी लोगों के आधार कार्ड इस तरह की खामियों वाले पाए गए हैं, जो संदेह के घेरे में हैं। रविवार को सोलन में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने सरकार से मांग की है कि इसकी उचित जांच पूरी गहनता से की जाए।
उन्होंने कहा कि सरकार इसकी भी जांच करे कि इस तरह के आधार कार्ड कहां और किसने बनाए उनके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाए। यही नहीं प्रदेश में प्रवासी लोग नाम बदलकर रहते हैं, दुकानें चलाते हैं, और लव जेहाद व कई असामाजिक गतिविधियों को अंजाम देते हैं। ऐसे क्या कारण हैं कि यह समुदाय विशेष के लोग अपनी पहचान छिपा रहे हैं। क्या यह किसी साजिश के तहत एक विशेष समुदाय के लोग तो नहीं कर रहे हैं। क्या प्रदेश में पहचान छिपाकर कोई बांग्लादेशी, पाकिस्तानी या अन्य लोग तो नहीं रह रहे। उन्होंने कहा कि इसके पीछे क्या साजिश है, यह सत्य है या असत्य इसकी उचित जांच हो। यह भी कहा कि यह इतने भारी भरकम दुकानों के किराया कहां से दे रहे हैं, जबकि इन दुकानों में इतनी आमदनी भी नहीं है, यह भी जांच का विषय है। वक्फ बोर्ड पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि वक्फ बोर्ड का गठन ही गलत था। समुदाय विशेष जगह-जगह वक्फ बोर्ड के नाम पर अपना कब्जा जमा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद जब बंटवारा हुआ तो उसके बाद भी यहां समुदाय विशेष को विशेषाधिकार देकर वक्फ बोर्ड का गठन करना दुर्भाग्यपूर्ण था। यदि वक्फ बोर्ड का गठन किया गया था तो सनातन बोर्ड का गठन क्यों नहीं हुआ।
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