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Solan News: तेज अंधड़ चलते ट्राले पर गिरा पेड़, इलेक्ट्रिक बस के टूटे शीशे
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सड़क पर उतरने से पहले ही एक नई इलेक्ट्रिक बस हुई क्षतिग्रस्त
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। हिमाचल पथ परिवहन निगम के बेड़े में शामिल होने आ रही एक नई इलेक्ट्रिक बस सड़क पर उतरने से पहले ही दुर्घटनाग्रस्त हो गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार यह बस एक ट्राले में लोड होकर आ रही थी, तभी रास्ते में आए तेज अंधड़ और खराब मौसम के कारण एक भारी भरकम पेड़ ट्राले पर गिर गया। इस प्राकृतिक आपदा की चपेट में आने से नई बस को काफी नुकसान पहुंचा है। गनीमत यह रही कि यह हादसा उस समय हुआ जब बस अभी कंपनी के पास ही थी और इसे औपचारिक रूप से हिमाचल पथ परिवहन निगम को नहीं सौंपा गया था। तकनीकी रूप से बस अभी भी निर्माण कंपनी की संपत्ति है, इसलिए निगम को इसका वित्तीय नुकसान नहीं उठाना पड़ेगा। हिमाचल पथ परिवहन निगम के अधिकारियों का कहना है कि हादसे के बाद कंपनी प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि क्षतिग्रस्त बस को वापस प्लांट या वर्कशॉप ले जाया जाएगा। बस की पूरी तरह से मरम्मत करने और उसे ब्रैंड न्यू स्थिति में लाने के बाद ही निगम को इसकी डिलीवरी दी जाएगी।
सोलन से शिमला, कांगड़ा और हमीरपुर भेजी जाएंगी बसें
हैदराबाद की एक कंपनी से बस खरीद की जा रही है। इसमें बसें सोलन ट्राले के जरिये सोलन पहुंच रही है। इसकी अनलोडिंग सब्जी मंडी सोलन के समीप की जा रही है। इन बसों को सोलन से ही ट्रायल के लिए शिमला, कांगड़ा और हमीरपुर भेजा जाना है। इन नई बसों की एक खास विशेषता इनकी सीटिंग क्षमता है। एचआरटीसी की पुरानी डीजल बसें 52, 48 या 42 सीटर होती थीं, लेकिन अक्सर उनमें सवारियां कम रहती थीं। इसी बात को ध्यान में रखते हुए इस बार 30 सीटर बसें मंगवाई गई हैं ताकि परिचालन लागत कम हो सके और कम सवारियों में भी बसें घाटे में न चलें।
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संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। हिमाचल पथ परिवहन निगम के बेड़े में शामिल होने आ रही एक नई इलेक्ट्रिक बस सड़क पर उतरने से पहले ही दुर्घटनाग्रस्त हो गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार यह बस एक ट्राले में लोड होकर आ रही थी, तभी रास्ते में आए तेज अंधड़ और खराब मौसम के कारण एक भारी भरकम पेड़ ट्राले पर गिर गया। इस प्राकृतिक आपदा की चपेट में आने से नई बस को काफी नुकसान पहुंचा है। गनीमत यह रही कि यह हादसा उस समय हुआ जब बस अभी कंपनी के पास ही थी और इसे औपचारिक रूप से हिमाचल पथ परिवहन निगम को नहीं सौंपा गया था। तकनीकी रूप से बस अभी भी निर्माण कंपनी की संपत्ति है, इसलिए निगम को इसका वित्तीय नुकसान नहीं उठाना पड़ेगा। हिमाचल पथ परिवहन निगम के अधिकारियों का कहना है कि हादसे के बाद कंपनी प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि क्षतिग्रस्त बस को वापस प्लांट या वर्कशॉप ले जाया जाएगा। बस की पूरी तरह से मरम्मत करने और उसे ब्रैंड न्यू स्थिति में लाने के बाद ही निगम को इसकी डिलीवरी दी जाएगी।
सोलन से शिमला, कांगड़ा और हमीरपुर भेजी जाएंगी बसें
हैदराबाद की एक कंपनी से बस खरीद की जा रही है। इसमें बसें सोलन ट्राले के जरिये सोलन पहुंच रही है। इसकी अनलोडिंग सब्जी मंडी सोलन के समीप की जा रही है। इन बसों को सोलन से ही ट्रायल के लिए शिमला, कांगड़ा और हमीरपुर भेजा जाना है। इन नई बसों की एक खास विशेषता इनकी सीटिंग क्षमता है। एचआरटीसी की पुरानी डीजल बसें 52, 48 या 42 सीटर होती थीं, लेकिन अक्सर उनमें सवारियां कम रहती थीं। इसी बात को ध्यान में रखते हुए इस बार 30 सीटर बसें मंगवाई गई हैं ताकि परिचालन लागत कम हो सके और कम सवारियों में भी बसें घाटे में न चलें।
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