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कालका शिमला एनएच पर अब सीआरपीएफ कैंप पर बना पहाड़ दरकने का खतरा
Updated Sun, 22 Jul 2018 05:36 PM IST
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सीआरपीएफ कैंप दरकने का खतरा, खाली कराए मकान
सीआरपीएफ डीआईजी पिंजौर ने रविवार को लिया जायजा, जांच के दिए आदेश
कालका-शिमला एनएच पर बारिश में मलबा गिरने से चपेट में आ सकते हैं भवन
अमर उजाला ब्यूरो
धर्मपुर (सोलन)। कालका-शिमला एनएच पर बारिश के चलते पहाड़ दरकने के कारण यहां बने सीआरपीएफ के ट्रेनिंग सेंटर के लिए खतरा बन गया है। सीआरपीएफ का ट्रेनिंग सेंटर धर्मपुर के समीप एनएच के किनारे पर है। बताया जा रहा है कि फोरलेन के कार्य के चलते की गई पहाड़ों की कटिंग अब लोगों के लिए खतरा बनती नजर आ रही है। रविवार को सीआरपीएफ के डीआईजी पिंजौर प्रताप सिंह ने मौके का जायजा लिया और इसकी जांच करवाने के आदेश जारी किए हैं। गौर रहे कि शनिवार को पहाड़ दरकने से करीब 11 वाहन इसकी चपेट में आ गए थे। अब सीआरपीएफ ट्रेनिंग सेंटर के करीब चार भवनों को भारी खतरा पैदा हो गया है। सीआरपीएफ परिसर में बने पटेल भवन और इसके साथ बने अन्य चार भवनों पर पहाड़ गिरने का खतरा बना हुआ है। 93 वर्ष पहले बने इन भवनों पर बारिश के चलते कभी भी मलबा गिर सकता है। इससे सीआरपीएफ को काफी नुकसान झेलना पड़ेगा। बताया जा रहा है कि जिन भवनों पर मलबा गिरने का खतरा बना हुआ है, उसमें सब इंस्पेक्टर और इंस्पेक्टर रैंक के अधिकारी रहते हैं। पहाड़ दरकने के खतरे को देखते हुए अधिकारियों ने अपने भवनों को खाली करवा दिया है। इन दिनों हो रही बारिश के चलते एनएच पर जगह जगह पर मलबा गिरने लगा है।
टेक्निकल टीम करेगी सुरक्षा
इस मौके पर पर मौजूद सीपीडब्लयूडी अधिकारी आईके गुप्ता ने कहा कि बारिश के मौसम में काम नहीं किया जा सकता। मौसम ठीक रहने पर भूस्खलन वाले स्थान को सुरक्षित रखने के लिए तिरपाल लगाई जाएगी। उसके बाद टेक्निकल टीम से परिसर को सुरक्षित रखने के लिए सहायता ली जाएगी। उन्होंने कहा कि सड़क से सीआरपीएफ के भवनों की ऊंचाई 100 फीट से अधिक होने के कारण जगह को जल्द सुरक्षित करना मुश्किल हो गया है।
सीआरपीएफ के सीओ नवीन कुमार ने बताया की रविवार को सीआरपीएफ के डीआईजी पिंजौर और स्टेट ऑफिसर प्रताप सिंह ने घटना स्थल का जायजा लिया। उन्होंने घटना की जांच के आदेश भी दिए। कहा कि स्थानीय पुलिस थाना में मामला दर्ज करने के लिए कहा है।
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पुलिस थाना प्रभारी धर्मपुर नवीन झालटा ने शिकायत पत्र मिलने की पुष्टि की है।
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सीआरपीएफ डीआईजी पिंजौर ने रविवार को लिया जायजा, जांच के दिए आदेश
कालका-शिमला एनएच पर बारिश में मलबा गिरने से चपेट में आ सकते हैं भवन
अमर उजाला ब्यूरो
धर्मपुर (सोलन)। कालका-शिमला एनएच पर बारिश के चलते पहाड़ दरकने के कारण यहां बने सीआरपीएफ के ट्रेनिंग सेंटर के लिए खतरा बन गया है। सीआरपीएफ का ट्रेनिंग सेंटर धर्मपुर के समीप एनएच के किनारे पर है। बताया जा रहा है कि फोरलेन के कार्य के चलते की गई पहाड़ों की कटिंग अब लोगों के लिए खतरा बनती नजर आ रही है। रविवार को सीआरपीएफ के डीआईजी पिंजौर प्रताप सिंह ने मौके का जायजा लिया और इसकी जांच करवाने के आदेश जारी किए हैं। गौर रहे कि शनिवार को पहाड़ दरकने से करीब 11 वाहन इसकी चपेट में आ गए थे। अब सीआरपीएफ ट्रेनिंग सेंटर के करीब चार भवनों को भारी खतरा पैदा हो गया है। सीआरपीएफ परिसर में बने पटेल भवन और इसके साथ बने अन्य चार भवनों पर पहाड़ गिरने का खतरा बना हुआ है। 93 वर्ष पहले बने इन भवनों पर बारिश के चलते कभी भी मलबा गिर सकता है। इससे सीआरपीएफ को काफी नुकसान झेलना पड़ेगा। बताया जा रहा है कि जिन भवनों पर मलबा गिरने का खतरा बना हुआ है, उसमें सब इंस्पेक्टर और इंस्पेक्टर रैंक के अधिकारी रहते हैं। पहाड़ दरकने के खतरे को देखते हुए अधिकारियों ने अपने भवनों को खाली करवा दिया है। इन दिनों हो रही बारिश के चलते एनएच पर जगह जगह पर मलबा गिरने लगा है।
टेक्निकल टीम करेगी सुरक्षा
इस मौके पर पर मौजूद सीपीडब्लयूडी अधिकारी आईके गुप्ता ने कहा कि बारिश के मौसम में काम नहीं किया जा सकता। मौसम ठीक रहने पर भूस्खलन वाले स्थान को सुरक्षित रखने के लिए तिरपाल लगाई जाएगी। उसके बाद टेक्निकल टीम से परिसर को सुरक्षित रखने के लिए सहायता ली जाएगी। उन्होंने कहा कि सड़क से सीआरपीएफ के भवनों की ऊंचाई 100 फीट से अधिक होने के कारण जगह को जल्द सुरक्षित करना मुश्किल हो गया है।
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सीआरपीएफ के सीओ नवीन कुमार ने बताया की रविवार को सीआरपीएफ के डीआईजी पिंजौर और स्टेट ऑफिसर प्रताप सिंह ने घटना स्थल का जायजा लिया। उन्होंने घटना की जांच के आदेश भी दिए। कहा कि स्थानीय पुलिस थाना में मामला दर्ज करने के लिए कहा है।
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पुलिस थाना प्रभारी धर्मपुर नवीन झालटा ने शिकायत पत्र मिलने की पुष्टि की है।