{"_id":"5a0dcad64f1c1bda538bd556","slug":"91510853334-solan-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बीबीएन में डेंगू 18 मामले आने से मचा हड़कंप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बीबीएन में डेंगू 18 मामले आने से मचा हड़कंप
Updated Thu, 16 Nov 2017 10:58 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बद्दी (सोलन)। बारिश न होने के कारण अब बीबीएन में डेंगू ने पांव पसारना शुरू कर दिए हैं। आए दिन डेंगू के मरीज सामने आने लगे हैं। हालांकि स्वास्थ्य विभाग एलीजा विधि से हुए टेस्टों में डेंगू पॉजिटिव को सही मानता है लेकिन क्षेत्र में स्लाइड टेस्टों के अनुसार भी डेंगू के पॉजिटिव मरीज आ रहे है। बीबीएन के सबसे बड़े सरकारी नालागढ़ अस्पताल में एलीजा विधि से हुए टेस्टों के मुताबिक 18 मरीज डेंगू के पाए गए हैं। स्वास्थ्य मंत्री के डेंगू रोकथाम के फरमान को लेकर स्वास्थ्य विभाग हाई अलर्ट है। इससे पहले गठित टीमों को और अधिक प्रभावी ढंग से डेंगू रोकथाम के लिए लोगों को जागरूक करने के लिए अस्पताल प्रशासन ने आदेश जारी कर दिए हैं। डेंगू पॉजिटिव में नालागढ़ और इसके आसपास के लगते इलाकों के रोगी शामिल है।
डेंगू बुखार एक अलग किस्म के मच्छर के काटने से होता है और यह मच्छर दिन के समय ही लोगों को अपना शिकार बनाता है। यह मच्छर अन्य मच्छरों की अपेक्षा आकार में बड़ा और धारीदार होता है। इसमें मरीज को तेज बुखार, हैडऐक, भूख न लगना, शरीर में दर्द होना आदि लक्षण होते है। इनसे रोकथाम के लिए नालागढ़ अस्पताल के एमडी मेडिसिन डॉ. अनुज गुप्ता ने उपाय सुझाते हुए कहा कि इसे बचाव के लिए साफ सफाई का होना बहुत जरूरी है। पानी एक जगह पर जमा नहीं होना चाहिए। बर्तनों को ढककर रखें और मच्छर दानियों का प्रयोग करें, वहीं पूरी बाजू वाले वस्त्र पहनने चाहिए। कूलर आदि में रखा पानी साफ करना चाहिए और डेंगू बीमारी आमतौर पर घर के आसपास पानी जमा होने से होती है।
जागरूकता अभियानों को किया तेज : जस्सल
खंड चिकित्साधिकारी डॉ. केडी जस्सल ने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री द्वारा जारी आदेशों के तहत जागरूकता अभियान को और तेज किया है। टीमें जगह-जगह जाकर लोगों को जागरूक बनाने में जुटी हुई है। कहा कि एलीजा विधि से होने वाले टेस्ट में एक्यूरेसी अधिक रहती है। कहा कि एलीजा टेस्ट के साथ ब्लड के भी सैंपल लिए जाते है, जिस पर प्लेटलेटस कम पाए जाने पर उपचार तुरंत शुरू कर दिया जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
डेंगू बुखार एक अलग किस्म के मच्छर के काटने से होता है और यह मच्छर दिन के समय ही लोगों को अपना शिकार बनाता है। यह मच्छर अन्य मच्छरों की अपेक्षा आकार में बड़ा और धारीदार होता है। इसमें मरीज को तेज बुखार, हैडऐक, भूख न लगना, शरीर में दर्द होना आदि लक्षण होते है। इनसे रोकथाम के लिए नालागढ़ अस्पताल के एमडी मेडिसिन डॉ. अनुज गुप्ता ने उपाय सुझाते हुए कहा कि इसे बचाव के लिए साफ सफाई का होना बहुत जरूरी है। पानी एक जगह पर जमा नहीं होना चाहिए। बर्तनों को ढककर रखें और मच्छर दानियों का प्रयोग करें, वहीं पूरी बाजू वाले वस्त्र पहनने चाहिए। कूलर आदि में रखा पानी साफ करना चाहिए और डेंगू बीमारी आमतौर पर घर के आसपास पानी जमा होने से होती है।
विज्ञापन
जागरूकता अभियानों को किया तेज : जस्सल
खंड चिकित्साधिकारी डॉ. केडी जस्सल ने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री द्वारा जारी आदेशों के तहत जागरूकता अभियान को और तेज किया है। टीमें जगह-जगह जाकर लोगों को जागरूक बनाने में जुटी हुई है। कहा कि एलीजा विधि से होने वाले टेस्ट में एक्यूरेसी अधिक रहती है। कहा कि एलीजा टेस्ट के साथ ब्लड के भी सैंपल लिए जाते है, जिस पर प्लेटलेटस कम पाए जाने पर उपचार तुरंत शुरू कर दिया जाता है।
विज्ञापन