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क्षेत्रीय अस्पताल सोलन में सीलन से भरे कमरों में चल रहा मरीजों का ईलाज
Updated Thu, 19 Apr 2018 10:17 PM IST
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सोलन। क्षेत्रीय अस्पताल में मरीजों की सेहत से सरेआम खिलवाड़ हो रहा है। अस्पताल में मरीजों का उपचार सीवरेज की सीलन के नीचे हो रहा है। आलम यह है कि दो वर्ष पहले ही अस्पताल में ई ब्लॉक बनाया गया था। लेकिन इस ब्लॉक के दो वार्डों की हालत बेहद खराब है। इन दोनों वार्डों की छत में सीलन आई है। इसके बावजूद मरीजों को इस वार्ड में रखा जा रहा है। करोड़ों रुपये की लागत से बना यह भवन मरीजों के लिए परेशानी का कारण बन गया है। इसकी खस्ता हालत से अस्पताल प्रशासन पूरी तरह से बेखबर है।
ई-ब्लॉक में ऊपरी मंजिल से आने वाली सीवरेज की पाईपों में लीकेज है जिस कारण गंदे पानी ने कमरों की दीवारों को खराब कर दिया है। अस्पताल में एक और तो मरीजों को बेहतर सुविधाएं देने के वादे सरकार कर रही है वहीं विभाग इसे ठीक नहीं करवा रहा। दो वर्ष पहले ही इस नए ब्लॉक का उद्घाटन किया गया था। करोड़ों रुपये की लागत से बने इस भवन में जगह-जगह सीलन आ गई है। ई ब्लाक के जिस कमरे में यह सीलन आई है वहीं पर मरीजों का बेड लगाया गया है। हालांकि इससे पहले विभाग दावा कर रहा था कि कमरे में आने वाली सीलन को ठीक किया जा चुका है लेकिन अभी भी इस भवन की दीवारें वैसी की वैसी हैं। अस्पताल में मरीजों को सीलन वाले वार्डों में रखना खतरे से खाली नहीं है।
ई ब्लॉक में है महिला वार्ड
ई ब्लॉक में अधिकतर गर्भवती महिलाओं का इलाज किया जाता है। इसी ब्लाक में डायलेसिस और स्पेशल वार्ड बनाया गया है। यदि इस भवन में सीवरेज के पानी को नहीं रोका गया तो आने वाले समय में यह भवन की पूरी तरह से खस्ताहाल हो जाएगा। इस वार्ड में दाखिल मरीजों का कहना है कि अस्पताल के कमरों में इस तरह से सीवरेज की सीलन आने से मरीज को परेशानी हो रही है। डॉक्टरों द्वारा इस दीवार के नीचे मरीजों का इलाज किया जा रहा है।
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एक बार करवा चुके हैं मरम्मत : डॉ. उप्पल
वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजन उप्पल ने बताया कि ई ब्लॉक के वार्ड में आई सीलन को ठीक कर दिया था। यदि फिर से कोई दिक्कत आई है तो इसे जल्द से जल्द ठीक किया जाएगा ताकि मरीजों को परेशानियों का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि अस्पताल प्रबंधन शिकायत मिलते ही उसे दूर करने के लिए प्रयास शुरू कर देता है।
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ई-ब्लॉक में ऊपरी मंजिल से आने वाली सीवरेज की पाईपों में लीकेज है जिस कारण गंदे पानी ने कमरों की दीवारों को खराब कर दिया है। अस्पताल में एक और तो मरीजों को बेहतर सुविधाएं देने के वादे सरकार कर रही है वहीं विभाग इसे ठीक नहीं करवा रहा। दो वर्ष पहले ही इस नए ब्लॉक का उद्घाटन किया गया था। करोड़ों रुपये की लागत से बने इस भवन में जगह-जगह सीलन आ गई है। ई ब्लाक के जिस कमरे में यह सीलन आई है वहीं पर मरीजों का बेड लगाया गया है। हालांकि इससे पहले विभाग दावा कर रहा था कि कमरे में आने वाली सीलन को ठीक किया जा चुका है लेकिन अभी भी इस भवन की दीवारें वैसी की वैसी हैं। अस्पताल में मरीजों को सीलन वाले वार्डों में रखना खतरे से खाली नहीं है।
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ई ब्लॉक में है महिला वार्ड
ई ब्लॉक में अधिकतर गर्भवती महिलाओं का इलाज किया जाता है। इसी ब्लाक में डायलेसिस और स्पेशल वार्ड बनाया गया है। यदि इस भवन में सीवरेज के पानी को नहीं रोका गया तो आने वाले समय में यह भवन की पूरी तरह से खस्ताहाल हो जाएगा। इस वार्ड में दाखिल मरीजों का कहना है कि अस्पताल के कमरों में इस तरह से सीवरेज की सीलन आने से मरीज को परेशानी हो रही है। डॉक्टरों द्वारा इस दीवार के नीचे मरीजों का इलाज किया जा रहा है।
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एक बार करवा चुके हैं मरम्मत : डॉ. उप्पल
वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजन उप्पल ने बताया कि ई ब्लॉक के वार्ड में आई सीलन को ठीक कर दिया था। यदि फिर से कोई दिक्कत आई है तो इसे जल्द से जल्द ठीक किया जाएगा ताकि मरीजों को परेशानियों का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि अस्पताल प्रबंधन शिकायत मिलते ही उसे दूर करने के लिए प्रयास शुरू कर देता है।