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पहली फ रवरी से पीओएस के माध्यम से बेच सकेंगे उर्वरक बिक्री के बाद ही उर्वरक कंपनी को मिलेगा उपदान
Updated Sat, 20 Jan 2018 10:33 PM IST
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जिले में पहली फरवरी से पीओएस के माध्यम से बिकेंगे खाद समेत सभी उर्वरक उत्पाद, बैठक में एडीएम ने दिए निर्देश
बिक्री के बाद ही उर्वरक कंपनी को मिलेगा उपदान
अमर उजाला ब्यूरो
सोलन।
जिले के अधिकृत उर्वरक बिक्री केंद्रों पर उर्वरक की अब पीओएस (प्वाइंट ऑॅफ सेल) मशीनों के माध्यम से पेमेंट होगी। इसे पहली फरवरी से लागू किया जाएगा। यह फैसला एडीएम विवेक चंदेल की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में लिया गया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने किसानों और बागवानों की सहायता के लिए उर्वरक उपदान दरों पर उपलब्ध करवाया जाता है।
उर्वरक केंद्र खाद और बीज आदि की बिक्री की जाती है। किसानों और बागवानों को उर्वरक, बिक्री केंद्रों के माध्यम से इसी उपदान दरों पर प्राप्त होता है। उर्वरक क्षेत्र में डिजिटल प्रणाली लागू होने के बाद विभिन्न उर्वरक कंपनियों को उपदान उर्वरक की बिक्री के बाद ही मिलेगा। इस योजना के लागू होने से उर्वरक बिक्री के क्षेत्र में पारदर्शिता बढ़ेगी तथा कालाबाजारी पर रोक लगेगी। इस प्रणाली के आरंभ होने से सोलन जिले में सामान्य रूप से उर्वरक की उपलब्धता की जानकारी एवं अनुश्रवण ऑनलाईन संभव होगा। पीओएस मशीनों में खाद की बिक्री की पूरी जानकारी उपलब्ध रहेगी।
पीओएस के माध्यम से उर्वरक बिक्री आरंभ होने के बाद थोक उर्वरक विक्रेता केवल अधिकृत लाइसेंस होल्डर रिटेलर के साथ ही व्यवसाय कर पाएंगे। रिटेलर के द्वारा उर्वरक की बिक्री के लिए पीओएस मशीन अनिवार्य है। लाभार्थी किसानों एवं बागवानों के पास उर्वरक क्रय करने के लिए आधार का होना अनिवार्य है। सरकार द्वारा इस संबंध में जिला प्रशासन को आवश्यक दिशानिर्देश जारी कर दिए हैं। पीओएस की जानकारी प्रदान करने के लिए कृषि, बागवानी विभाग तथा हिमफेड के अधिकारियों तथा कर्मचारियों को प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।
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बैठक में केंद्रीय उर्वरक विभाग के प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण प्रकोष्ठ के हिमाचल समन्वयक गौरव भारद्वाज, सहायक पंजीयक सहकारी सभाएं नीरज सूद, उपनिदेशक कृषि डॉ. आरएन ठाकुर, जिला सूचना अधिकारी संजीव कुमार, कृषि प्रसार अधिकारी डीएन गर्ग, बागवानी विकास अधिकारी राज नेगी, हिमफेड सोलन के कृष्ण चौहान एवं सोम दत, हिमफेड नालागढ़ के मनबर सिंह, हिमफेड कुनिहार के मस्तराम, हिमफेड धर्मपुर के रवि मोहन सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
19 जिलों में लागू होगा यह प्रोजेक्ट
केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय के उर्वरक विभाग द्वारा इस परियोजना को सर्वप्रथम देश के 19 जिलों में पायलट आधार पर लागू किया गया है। जिले में पीओएस मशीनें उर्वरक रिटेलर विक्रेताओं को वितरित की जा रही हैं। अभी तक 110 पीओएस मशीनें वितरित की जा चुकी हैं। मशीनें केवल लाइसेंसधारी विक्रेताओं को ही उपलब्ध करवाई जा रही है।
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बिक्री के बाद ही उर्वरक कंपनी को मिलेगा उपदान
अमर उजाला ब्यूरो
सोलन।
जिले के अधिकृत उर्वरक बिक्री केंद्रों पर उर्वरक की अब पीओएस (प्वाइंट ऑॅफ सेल) मशीनों के माध्यम से पेमेंट होगी। इसे पहली फरवरी से लागू किया जाएगा। यह फैसला एडीएम विवेक चंदेल की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में लिया गया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने किसानों और बागवानों की सहायता के लिए उर्वरक उपदान दरों पर उपलब्ध करवाया जाता है।
उर्वरक केंद्र खाद और बीज आदि की बिक्री की जाती है। किसानों और बागवानों को उर्वरक, बिक्री केंद्रों के माध्यम से इसी उपदान दरों पर प्राप्त होता है। उर्वरक क्षेत्र में डिजिटल प्रणाली लागू होने के बाद विभिन्न उर्वरक कंपनियों को उपदान उर्वरक की बिक्री के बाद ही मिलेगा। इस योजना के लागू होने से उर्वरक बिक्री के क्षेत्र में पारदर्शिता बढ़ेगी तथा कालाबाजारी पर रोक लगेगी। इस प्रणाली के आरंभ होने से सोलन जिले में सामान्य रूप से उर्वरक की उपलब्धता की जानकारी एवं अनुश्रवण ऑनलाईन संभव होगा। पीओएस मशीनों में खाद की बिक्री की पूरी जानकारी उपलब्ध रहेगी।
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पीओएस के माध्यम से उर्वरक बिक्री आरंभ होने के बाद थोक उर्वरक विक्रेता केवल अधिकृत लाइसेंस होल्डर रिटेलर के साथ ही व्यवसाय कर पाएंगे। रिटेलर के द्वारा उर्वरक की बिक्री के लिए पीओएस मशीन अनिवार्य है। लाभार्थी किसानों एवं बागवानों के पास उर्वरक क्रय करने के लिए आधार का होना अनिवार्य है। सरकार द्वारा इस संबंध में जिला प्रशासन को आवश्यक दिशानिर्देश जारी कर दिए हैं। पीओएस की जानकारी प्रदान करने के लिए कृषि, बागवानी विभाग तथा हिमफेड के अधिकारियों तथा कर्मचारियों को प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।
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बैठक में केंद्रीय उर्वरक विभाग के प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण प्रकोष्ठ के हिमाचल समन्वयक गौरव भारद्वाज, सहायक पंजीयक सहकारी सभाएं नीरज सूद, उपनिदेशक कृषि डॉ. आरएन ठाकुर, जिला सूचना अधिकारी संजीव कुमार, कृषि प्रसार अधिकारी डीएन गर्ग, बागवानी विकास अधिकारी राज नेगी, हिमफेड सोलन के कृष्ण चौहान एवं सोम दत, हिमफेड नालागढ़ के मनबर सिंह, हिमफेड कुनिहार के मस्तराम, हिमफेड धर्मपुर के रवि मोहन सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
19 जिलों में लागू होगा यह प्रोजेक्ट
केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय के उर्वरक विभाग द्वारा इस परियोजना को सर्वप्रथम देश के 19 जिलों में पायलट आधार पर लागू किया गया है। जिले में पीओएस मशीनें उर्वरक रिटेलर विक्रेताओं को वितरित की जा रही हैं। अभी तक 110 पीओएस मशीनें वितरित की जा चुकी हैं। मशीनें केवल लाइसेंसधारी विक्रेताओं को ही उपलब्ध करवाई जा रही है।