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जेबीटी प्रशिक्षुओं के हवाले होंगे सरकारी स्कूल

Wed, 01 Nov 2017 09:57 PM IST
Updated Wed, 01 Nov 2017 09:57 PM IST
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जेबीटी प्रशिक्षुओं के हवाले होंगे सरकारी स्कूल
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सोलन। सरकारी स्कूलों में परीक्षाओं से ठीक पहले चुनावी ड्यूटी पर निकल रहे शिक्षकों के बाद अब स्कूल जेबीटी प्रशिक्षुओं के हवाले रहेंगे। शिक्षा विभाग ने स्कूलों को खाली न रखने के लिए विशेष प्लान तैयार किया है। इसके तहत जेबीटी प्रशिक्षण संस्थान के अंतिम सत्र के करीब दो सौ प्रशिक्षुओं को इन स्कूलों में तैैनात किया जाएगा। यह प्रशिक्षु उन्हीं स्कूलों में सेवाएं देंगे जो खाली हो गए हैं।
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विभाग इस योजना का अंतिम प्रारूप तैयार कर रहा है और इस पर जेबीटी प्रशिक्षण संस्थान की स्वीकृति लेने की तैयारी है। गौरतलब है कि निर्वाचन आयोग ने चुनाव ड्यूटी पर जेबीटी प्रशिक्षुओं को तैनात किया है। जिला में करीब डेढ़ हजार शिक्षक हैं इनमें से 40 प्रतिशत चुनाव ड्यूटी पर रहेंगे। कई स्कूलों में विभाग ने डेपुटेशन पर शिक्षकों का प्रबंध किया है। लेकिन परीक्षा की वजह से सभी जगह एक स्कूल से दूसरे में शिक्षक भेज पाना मुनासिब नहीं हो पा रहा है। कई स्कूल ऐसे हैं जहां एक ही शिक्षक पर पांच कक्षाओं का भार आ गया है। इन स्कूलों में बच्चों को परीक्षा के लिए तैयार करना अलग से एक बड़ी चुनौती है। इन स्कूलों में जेबीटी प्रशिक्षुओं को तैनात कर उनके लिए प्रशिक्षण की योजना भी है। भविष्य के यह शिक्षक स्कूलों में बच्चों के साथ शिक्षा के तौर तरीके भी सीख सखेंगे। इस बार नौ नवंबर को विधानसभा के लिए मतदान होना है और उससे पूर्व वीपीपैट मशीनों का प्रशिक्षण कार्यक्रम जारी है। इससे स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी अभी से महसूस की जाने लगी है।
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जेबीटी प्रशिक्षुओं की मदद लेंगे : विभाग
शिक्षा विभाग के उपनिदेशक डॉ. चंद्रेश्वर शर्मा ने कहा कि शिक्षकों की कमी को पूरा करने के लिए जेबीटी प्रशिक्षुओं की मदद ली जाएगी। जेबीटी प्रशिक्षण संस्थान में अंतिम सत्र के 200 प्रशिक्षुओं को चुनाव ड्यूटी के दौरान अति आवश्यकता वाले स्कूलों में लगाया जाएगा ताकि स्कूलों का कामकाज प्रभावित न हो। स्कूलों में तैनाती के बाद प्रशिक्षुओं को सीखने का अवसर मिलेगा तो बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित होने से बच जाएगी। उन्होंने बताया कि शिक्षा विभाग इस बार यह फार्मूला आजमाने की तैयारी में है।
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