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Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Solan News ›   61 farmers of Nalagarh refused to give seed wheat to the department.

Solan News: नालागढ़ के 61 किसानों ने विभाग को बीज का गेहूं देने से किया इन्कार

Tue, 05 May 2026 01:23 AM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Tue, 05 May 2026 01:23 AM IST
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गेहूं के पैसे का देरी भुगतान होने के चलते इस बार किसान व्यापारियों को बेच रहे फसल
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295 किसानों ने लगाया था गेहूं का बीज, 234 ने ही दिए जांच के लिए सैंपल
संवाद न्यूज एजेंसी
बद्दी (सोलन)। नालागढ़ क्षेत्र में बेहतर गुणवत्ता वाले गेहूं का बीज तैयार करने वाले किसानों का अब इस काम से मोहभंग होने लगा है। कृषि विभाग की ओर से भुगतान में की जाने वाली देरी और स्टोरेज की समस्या के चलते 61 किसानों ने इस बार अपना बीज विभाग को बेचने से साफ इन्कार कर दिया है। ये किसान अब घाटा सहकर भी बीज वाली गेहूं को सामान्य बाजार भाव पर बेचने को मजबूर हैं। इस वर्ष नालागढ़ में 295 किसानों ने करीब 650 हेक्टेयर भूमि पर फाउंडेशन और ब्रीडर बीज लगाया था। नियमानुसार बीज की खरीद से पहले विभाग को सैंपल जांच के लिए सोलन प्रयोगशाला भेजने होते हैं। विभाग ने जब सैंपलिंग की प्रक्रिया शुरू की, तो 295 में से केवल 234 किसानों ने ही सैंपल दिए, जबकि 61 किसानों ने दो टूक मना कर दिया। मझौली के किसान सुच्चा सिंह और खेड़ा के अवतार सिंह का कहना है कि पिछले साल फसल बेचने के 6 महीने बाद भुगतान मिला था। तब तक अगली फसल (खरीफ) पककर तैयार हो गई थी। भुगतान न होने से किसानों को अगली बिजाई के लिए उधार लेना पड़ता है। विभाग सैंपल पास होने के बाद ही खरीद करता है। तब तक गेहूं को स्टोर करने के लिए कई किसानों के पास पर्याप्त जगह नहीं है। विभाग ग्रेडिंग के दौरान बारीक गेहूं को रिजेक्ट कर देता है, जिससे किसानों को उसे बेचने में मुश्किल आती है।
2,585 का रेट भी नहीं आ रहा रास
इस बार विभाग ने बीज के लिए 2,585 रुपये प्रति क्विंटल का दाम तय किया है, जो सामान्य गेहूं से अधिक है। बावजूद इसके, समय पर पैसा न मिलने के डर से किसान औने-पौने दामों पर निजी खरीदारों को फसल बेच रहे हैं।
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कोट
234 किसानों के गेहूं के सैंपल जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिए गए हैं। रिपोर्ट आते ही खरीद की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। किसानों की चिंताओं को ध्यान में रखा जा रहा है।
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-डॉ. संदीप गौतम, विषय वाद विशेषज्ञ, कृषि विभाग
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