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टकसाल में पेयजल किल्लत से आहत ग्रामीणों ने दिया धरना, 12 दिन में एक बार मिल रहा पानी
Updated Thu, 12 Apr 2018 10:23 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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अमर उजाला ब्यूरो
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परवाणू (सोलन)।
पेयजल समस्या को लेकर संघर्ष की राह अपनाने वाले टकसाल गांव के बाशिंदों को राहत मिलने के बजाय उनकी समस्या और गंभीर हो गई है। पहले टकसाल में एक सप्ताह बाद पानी आ रहा था अब सप्लाई 12 दिन बाद हो रही है। वीरवार को गांववासी एक बार फिर सहायक आयुक्त कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए।
गांववासियों ने सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर को ज्ञापन भेजकर मदद की गुहार लगाई है। ग़ौरतलब है कि टकसाल गांव में पेयजल समस्या विकराल रूप ले चुकी है। टकसाल की लगभग 8 हजार की आबादी को 12 दिन बाद पानी मिल पा रहा है। इसमें से आधे से ज्यादा आबादी सड़क से काफ़ी दूर है। लिहाजा वे पानी के टैंकर भी नहीं मंगवा सकते हैं। धरने पर बैठे ग्राम सुधार सभा के प्रधान ओम दत्त शर्मा, उपप्रधान उदय राम, सचिव वीरेंद्र कुमार, कोषाध्यक्ष अमर दास, भगवान दास, सुभाष भाटिया, गोपाल, पंचायत के उपप्रधान कमल कुमार, बीडीसी सदस्य हेमंत कुमार, दलीप कुमार, रणवीर सिंह, हीरा लाल, सिलू, दूनीचंद, मोहम्मद सदिक का कहना है कि जिस पेयजल योजना से पानी आ रहा था उसे कुछ लोगों ने तोड़कर पानी अपने गांव की ओर जोड़ दिया है।
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ग्रामवासियों ने बताया की मंत्री डॉक्टर राजीव सैजल की दख़लंदाजी के बाद विभाग गांव में दो बोर करवा रहा है। लेकिन यह स्थायी समाधान नहीं है। बोर से महज एक से डेढ़ इंच पानी ही मिल पाएगा। गांव में लगे हैंडपंप भी ख़राब हैं। सहायक आयुुक्त ने ग्रामीणों की समस्या को सिंचाई एवं जनस्वास्थ्य मंत्री तक पहुंचाने का आश्वासन दिया है।
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