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नेताओं की जनसभाओं से गायब हुए स्थानीय मुद्दे

Sun, 29 Oct 2017 10:58 PM IST
Updated Sun, 29 Oct 2017 10:58 PM IST
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नेताओं की जनसभाओं से गायब हुए स्थानीय मुद्दे
दाड़लाघाट में रविवार को आयोजित मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की जनसभा में उपस्थित लोग। - फोटो : अमर उजाला
सोलन। चुनावी बेला में प्रचार चरम पर है। केंद्र और राज्य के नामी चेहरे मैदान में उतर चुके हैं। लोगों को उनके बेहतर भविष्य की परिकल्पना और उन्हें साकार करने के रास्ते दिखा रहे हैं। लेकिन हालात ऐसे हैं कि धरातल की समस्याओं और योजनाओं पर कोई चर्चा नहीं हो पा रही है। तूफानी दौरों के साथ धूल उड़ाते काफिले यह देखने में असमर्थ हैं कि सड़क पक्की थी या कच्ची। भीड़ में जुट रहे लोगों की आस्था नेता में है लेकिन नेता भीड़ के लिए कौन सी सौगात लेकर आएंगे। चुनावी माहौल पूरी तरह से केंद्र सरकार बनाम हिमाचल सरकार के रंग में ढल चुका है और इससे स्थानीय मुद्दे गायब हैं। रोजगार, औद्योगिक विकास, सड़क और शिक्षा की बेहतरी पर बात नहीं हो रही है। सोलन में अब तक हुई जनसभाओं में नेताओं ने किसी भी स्थानीय मुद्दे को नहीं छुआ है। सोलन जिला में विकास के दो पहिये मुख्य रूप से रहे हैं। इनमें खेतीबाड़ी ने ऊपरी क्षेत्र सोलन सदर और अर्की समेत अन्य को विकसित किया है तो निचले इलाके बद्दी, नालागढ़, बरोटीवाला और परवाणू शामिल है, जिनमें औद्योगिक विकास तेजी से उभरा है। युवा पीढ़ी को स्थायी रोजगार और आला दर्जे के प्रशिक्षण केंद्रों की जरूरत है। यहां के नौणी विश्वविद्यालय में स्टाफ की कमी को दूर कर और बजट समेत अन्य सुविधाओं से निखारा जा सकता है।
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फोरलेन की वजह से उजड़ चुके धर्मपुर के बाजार को स्थायी ठिकाने की तलाश है तो पैदल रास्तों के सहारे दिनचर्या गुजार रहे लोग सड़क की राह ताक रहे हैं। लेकिन इन मुद्दों पर न तो आला नेताओं की जनसभा में कोई गूंज सुनाई दे रही है और न ही आम कार्यकर्ता इस पर जवाब देने को तैयार हैं। अभी तक के चुनाव प्रचार पूरी तरह से आरोपों की राजनीति पर केंद्रित हो गया है और विकास की बात करने को दोनों बड़े राजनीतिक दल फिलहाल तैयार नहीं हैं। हालांकि, चुनावी घोषणापत्र में प्रदेश स्तरीय वादों का उल्लेख दोनों ही दलों को करना होगा। लेकिन धरातल पर जो छोटे मुद्दे पनपे हैं, उनका भविष्य क्या होगा, इसका जवाब भी साथ में देना होगा। एकल नारी संगठन ने न्याय पंचायत की मांग दोनों राजनीतिक दलों के सामने रखी है और ऐसी ही उम्मीद अब हर गांव और मोहल्ले से भी की जा रही है। उधर, भाजपा जिलाध्यक्ष पवन गुप्ता का कहना है कि स्थानीय मुद्दों पर भी एजेंडा तैयार किया जाएगा। जबकि कांग्रेस जिलाध्यक्ष राहुल ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस ने हमेशा स्थानीय स्तर के विकास को बिना किसी भेदभाव के तरजीह दी है।
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