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5 करोड़ की रकम दबाए बैठे डिफाल्टरों पर कार्रवाई नहीं

Wed, 13 Jul 2016 09:49 PM IST
ब्यूरो, सोलन
ब्यूरो, सोलन Updated Wed, 13 Jul 2016 09:49 PM IST
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5 crore blance in the hand of defalter
सेंनिटेशन टैक्स की अदायगी न करने वालों की मोहलत बढ़ती जा रही है। 10 फीसदी डिफाल्टरों पर लटकी कार्रवाई की तलवार जीएसआई (भौगोलिक जांच सर्वेक्षण) लागू न होने के कारण सरकती नजर आ रही है। - फोटो : demo pic

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सेंनिटेशन टैक्स की अदायगी न करने वालों की मोहलत बढ़ती जा रही है। 10 फीसदी डिफाल्टरों पर लटकी कार्रवाई की तलवार जीएसआई (भौगोलिक जांच सर्वेक्षण) लागू न होने के कारण सरकती नजर आ रही है। अब जीएसआई लागू होने के बाद ही डिफाल्टरों पर शिकंजा कसा जाएगा और नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू होगी।

शहर में ऐसे कई डिफाल्टर हैं, जिन्होंने पांच-छह सालों से टैक्स जमा नहीं करवाया है। नप को टैक्स के रूप में करोड़ों की चपत हर साल लग रही है। इनकी टैक्स की रकम करोड़ों रुपये हो चुकी है। पहले नोटिस जारी करने की प्रक्रिया के बाद कुछ वसूली हो जाती थी लेकिन अब जीएसआई सर्वेक्षण के लागू न होने से यह प्रक्रिया भी अधर में लटकी पड़ी है। इससे इन डिफाल्टरों पर शिकंजा कसने में आसानी हो सकेगी। इससे पहले भी नप रिकवरी तहसीलदार के पास डिफाल्टरों के केस रिकवरी के लिए सौंपता था लेकिन उस पर कार्रवाई नहीं हो
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सकी है।

5 करोड़ से अधिक रकम फंसी
एक अनुमान के मुताबिक करीब 5 करोड़ की सेनिटेशन टैक्स की अदायगी होनी बाकी है। शहर में कई नामी लोगों ने टैक्स की यह रकम दबा रखी है। बताया जा रहा है कि कुल हाउस होल्ड के करीब 10 फीसदी टैक्स डिफाल्टर हैं। इसमें कई रसूखदार भी शामिल हैं। इनसे नगर परिषद ने वसूली करनी है। सोलन शहर में करीब नौ हजार हाउस होल्ड है। इन्हीं हाउस होल्डरों से बिजली, पानी और सफाई कर लेकर परिषद शहर में विकास कार्य करवाता है। ऐसे में यदि टैक्स जमा न हो तो शहर में विकास कार्य करवाने में भी परिषद को परेशानी झेलनी पड़ेगी।
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डिफाल्टरों का सही आंकड़ा नहीं : पवन गुप्ता
नगर परिषद अध्यक्ष पवन गुप्ता ने बताया कि जल्द ही जीआईएस की सेटेलाइट मैपिंग की मदद से शहर के सभी सफाई कर डिफाल्टरों की पहचान की जाएगी। वर्तमान में नप के पास डिफाल्टरों का सही आंकड़ा नहीं है। जीआईएस के लागू होने के बाद नगर परिषद सभी डिफाल्टरों को नोटिस जारी करेगा। 

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