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परवाणू में मालवाहक वाहनों की हड़ताल
Updated Tue, 12 Jun 2018 10:16 PM IST
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परवाणू (सोलन)। कैंटर यूनियन पर कब्जे को लेकर शुरू हुए फसाद से परवाणू के 500 उद्योगों से माल नहीं उठ पाया। इन उद्योगों को एक दिन में करोड़ों रुपये का घाटा उठाना पड़ा है। मंगलवार को मालवाहक वाहनों के न चलने की वजह से उद्योगों में तैयार माल बाहर नहीं जा सका। हड़ताल अभी खत्म नहीं हुई है और यूनियनों ने इसे आगे भी जारी रखने का ऐलान कर दिया है। इससे उद्योगों का घाटा और अधिक बढ़ने की संभावनाएं जागृत हो गई हैं। मंगलवार को हड़ताल के कारण शहर में छोटे और बड़े करीब डेढ़ हजार वाहनों के पहिये पूरी तरह से थम गए। इससे शहर के उद्योगों को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है।
शहर के उद्योगों में बाहर से आने वाले कच्चे माल की सप्लाई तो होती रही लेकिन उद्योगों में बने तैयार माल बाहर नहीं जा सका। इस हड़ताल का ऐलान मंगलवार इंटक के अध्यक्ष हरदीप सिंह बावा ने किया था और यह हड़ताल जब तक न्याय न मिले तब तक जारी रखने की चेतावनी दी थी। मंगलवार को हड़ताल का ऐलान करने वाले इंटक प्रदेशाध्यक्ष और पूर्व श्रमिक कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष हरदीप सिंह बावा ने डीएसपी परवाणू को शिकायत पत्र सौंपकर मामले की पूरी जांच की मांग की है। परवाणू औद्योगिक संघ ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, सासंद वीरेंद्र कश्यप, मंत्री राजीव सैजल, मुख्य सचिव, जिला सोलन के प्रशासनिक अधिकारियों को एक ई मेल के माध्यम से परवाणू में ट्रक यूनियन के चक्का जाम से हो रही करोड़ों की आर्थिक हानि के बारे में अवगत करवाया है।
संघ ने कहा है कि बुधवार शाम तक इस विवाद का निपटारा नहीं हुआ तो संघ बाहर से ट्रक मंगवाने के लिए बाध्य होगा। प्रशासन की सुरक्षा प्रदान करने की जिमेदारी होगी। सोमवार को कैंटर और पिकअप यूनियन के कब्जे को लेकर यहां पर काफी विवाद पैदा हुआ था। इस दौरान परिवहन सहकारी सभा ने कैंटर और पिकअप यूनियन पर अपना कब्जा कर लिया। लेकिन इसके कुछ देर बाद बाद बावा समर्थकों ने पिकअप यूनियन से कब्जा वापस ले लिया और इस बीच दोनों ही गुटों के बीच में झड़प भी हुई। इसके बाद कैंटर और पिकअप यूनियन पर कथित रूप से कब्जे के विरोध ने बावा समर्थकों ने परवाणू के ओल्ड हाईवे में चक्का जाम कर दिया। इससे करीब 4 घंटे तक यातायात पूरी तरह से बंद रहा। इस दौरान बावा समर्थकों ने जिला प्रशासन के खिलाफ खूब नारेबाजी भी की।
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परवाणू में 1350 मालवाहक वाहन नहीं चले
शहर में मंगलवार को ट्रक यूनियन में करीब 500, कैंटर यूनियन में 500 और पिकअप यूनियन में करीब 350 गाड़ियों के अलावा ट्रांस्पोर्ट एसोसिएशन की गाड़ियां हड़ताल में शामिल रहीं। गाड़ियां न चलने से उद्योगों को खासा नुकसान उठाना पड़ा है। उद्योग में तैयार माल नहीं उठाया जा सका। इसकी वजह से इस हड़ताल का सीधा असर यहां के उद्योगों पर पड़ने लगा है।
सीसीटीवी फुटेज खंगाल रहे हैं : डीएसपी
डीएसपी अजय राणा ने बताया कि सुरक्षा की मांग को लेकर एक पत्र मिला है। इसके अलावा हमलावरों की तलाश की जा रही है और सीसीटीवी फुटेज को खंगाले जा रहे हैं। कहा कि जो भी साक्ष्य मिलेंगे उनके आधार पर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
उद्योगों को उठानी पड़ रही आर्थिक हानि : गुप्ता
पीआईए (परवाणू इंडस्ट्री एसोसिएशन) के अध्यक्ष सुबोध गुप्ता ने कहा कि मंगलवार को बाहर से कच्चा माल तो आता रहा लेकिन तैयार माल की सप्लाई नहीं हो सकी है। उद्योगों को हो रही आर्थिक हानि के बारे में राज्य सरकार और जिला प्रशासन को ईमेल के माध्यम से बात की जानकारी दे दी है। बुधवार शाम इस विवाद का निपटारा नहीं किया तो उद्योगों को बाहर से ट्रक मंगवा कर अपनी जरूरत पूरी करनी पड़ेगी। उद्योग पहले से ही आर्थिक मंदी झेल रहे हैं। यदि मामला शांत नहीं होता है तो उद्योगों को करोड़ों रुपये का नुकसान उठाना पड़ेगा।
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शहर के उद्योगों में बाहर से आने वाले कच्चे माल की सप्लाई तो होती रही लेकिन उद्योगों में बने तैयार माल बाहर नहीं जा सका। इस हड़ताल का ऐलान मंगलवार इंटक के अध्यक्ष हरदीप सिंह बावा ने किया था और यह हड़ताल जब तक न्याय न मिले तब तक जारी रखने की चेतावनी दी थी। मंगलवार को हड़ताल का ऐलान करने वाले इंटक प्रदेशाध्यक्ष और पूर्व श्रमिक कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष हरदीप सिंह बावा ने डीएसपी परवाणू को शिकायत पत्र सौंपकर मामले की पूरी जांच की मांग की है। परवाणू औद्योगिक संघ ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, सासंद वीरेंद्र कश्यप, मंत्री राजीव सैजल, मुख्य सचिव, जिला सोलन के प्रशासनिक अधिकारियों को एक ई मेल के माध्यम से परवाणू में ट्रक यूनियन के चक्का जाम से हो रही करोड़ों की आर्थिक हानि के बारे में अवगत करवाया है।
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संघ ने कहा है कि बुधवार शाम तक इस विवाद का निपटारा नहीं हुआ तो संघ बाहर से ट्रक मंगवाने के लिए बाध्य होगा। प्रशासन की सुरक्षा प्रदान करने की जिमेदारी होगी। सोमवार को कैंटर और पिकअप यूनियन के कब्जे को लेकर यहां पर काफी विवाद पैदा हुआ था। इस दौरान परिवहन सहकारी सभा ने कैंटर और पिकअप यूनियन पर अपना कब्जा कर लिया। लेकिन इसके कुछ देर बाद बाद बावा समर्थकों ने पिकअप यूनियन से कब्जा वापस ले लिया और इस बीच दोनों ही गुटों के बीच में झड़प भी हुई। इसके बाद कैंटर और पिकअप यूनियन पर कथित रूप से कब्जे के विरोध ने बावा समर्थकों ने परवाणू के ओल्ड हाईवे में चक्का जाम कर दिया। इससे करीब 4 घंटे तक यातायात पूरी तरह से बंद रहा। इस दौरान बावा समर्थकों ने जिला प्रशासन के खिलाफ खूब नारेबाजी भी की।
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परवाणू में 1350 मालवाहक वाहन नहीं चले
शहर में मंगलवार को ट्रक यूनियन में करीब 500, कैंटर यूनियन में 500 और पिकअप यूनियन में करीब 350 गाड़ियों के अलावा ट्रांस्पोर्ट एसोसिएशन की गाड़ियां हड़ताल में शामिल रहीं। गाड़ियां न चलने से उद्योगों को खासा नुकसान उठाना पड़ा है। उद्योग में तैयार माल नहीं उठाया जा सका। इसकी वजह से इस हड़ताल का सीधा असर यहां के उद्योगों पर पड़ने लगा है।
सीसीटीवी फुटेज खंगाल रहे हैं : डीएसपी
डीएसपी अजय राणा ने बताया कि सुरक्षा की मांग को लेकर एक पत्र मिला है। इसके अलावा हमलावरों की तलाश की जा रही है और सीसीटीवी फुटेज को खंगाले जा रहे हैं। कहा कि जो भी साक्ष्य मिलेंगे उनके आधार पर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
उद्योगों को उठानी पड़ रही आर्थिक हानि : गुप्ता
पीआईए (परवाणू इंडस्ट्री एसोसिएशन) के अध्यक्ष सुबोध गुप्ता ने कहा कि मंगलवार को बाहर से कच्चा माल तो आता रहा लेकिन तैयार माल की सप्लाई नहीं हो सकी है। उद्योगों को हो रही आर्थिक हानि के बारे में राज्य सरकार और जिला प्रशासन को ईमेल के माध्यम से बात की जानकारी दे दी है। बुधवार शाम इस विवाद का निपटारा नहीं किया तो उद्योगों को बाहर से ट्रक मंगवा कर अपनी जरूरत पूरी करनी पड़ेगी। उद्योग पहले से ही आर्थिक मंदी झेल रहे हैं। यदि मामला शांत नहीं होता है तो उद्योगों को करोड़ों रुपये का नुकसान उठाना पड़ेगा।