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Solan News: जिले में पटाखों से 28 लोग झुलसे, अस्पतालों में करवाया इलाज
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सोलन अस्पताल का आपातकाल कक्ष में इलाज करने पहुंचे लोग। संवाद
दिवाली को लेकर हाई अलर्ट पर था क्षेत्रीय अस्पताल का स्टाफ
रातभर टीम रही मुस्तैद, बीते वर्षों के मुकाबले कम पहुंचे मरीज
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। जिलेभर के अस्पतालों में दिवाली की रात पटाखों से झुलसे लोग इलाज के लिए पहुंचे। यह मामले सरकारी और निजी अस्पतालों में दर्ज किए गए। क्षेत्रीय अस्पताल में 14 मामले और बीबीएन के सरकारी अस्पताल में आठ मामले पटाखों से झुलसने वालों के पहुंचे। इसके अलावा निजी अस्पतालों में छह मरीज पहुंचे।
बताया जा रहा है कि अधिकतर लोग हाथ झुलसने के कारण अस्पताल पहुंचे। चिकित्सकों ने मरीजों का तुरंत उपचार किया और सभी मामलों में लोगों को छुट्टी दे दी गई। इस बार कोई भी गंभीर मामला नहीं आया। बीते वर्षों की तुलना में अब पटाखों से झुलसने के मामले कम हो गए हैं।
पटाखों के धुएं के कारण कुछ लोगों को सांस लेने में परेशानी हुई। विशेषकर श्वास संबंधी मरीजों ने धुएं से दूरी बनाए रखी और पूरी एहतियात बरती। इस वजह से श्वास संबंधी कोई गंभीर मामला अस्पताल में नहीं आया। कुल मिलाकर, जिलेभर में दीपावली का त्योहार शांतिपूर्ण तरीके से मनाया गया।
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गौरतलब है कि सोमवार को मां लक्ष्मी पूजन के बाद लोगों ने खूब पटाखे और स्काई शॉट्स चलाए। पटाखों के बारूद से जख्मी होने का डर देखते हुए क्षेत्रीय अस्पताल प्रशासन ने एक सप्ताह पहले ही आपातस्थिति के लिए टीम का गठन कर दिया था। इसके साथ ही दवाओं की भी पर्याप्त पूर्ति कर दी गई थी।
रविवार और सोमवार को छुट्टी के बावजूद दो-दो चिकित्सक आपातकालीन कक्ष में तैनात रहे। मंगलवार को ओपीडी चल रही थी। अन्य चिकित्सक ऑन कॉल ड्यूटी पर थे। इसके चलते पटाखों से झुलसे लोगों को तुरंत उपचार की सुविधा मिली। इस बार अधिकांश लोगों ने ग्रीन पटाखे ही चलाए।
दिवाली की रात पटाखों से झुलसे 14 लोग क्षेत्रीय अस्पताल पहुंचे। इन्हें तुरंत उपचार दिया गया। दिवाली के अवसर पर चिकित्सकों की टीम आपातकालीन कक्ष में तैनात थी।
-डॉ. राकेश पंवार, चिकित्सा अधीक्षक, क्षेत्रीय अस्पताल सोलन
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रातभर टीम रही मुस्तैद, बीते वर्षों के मुकाबले कम पहुंचे मरीज
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। जिलेभर के अस्पतालों में दिवाली की रात पटाखों से झुलसे लोग इलाज के लिए पहुंचे। यह मामले सरकारी और निजी अस्पतालों में दर्ज किए गए। क्षेत्रीय अस्पताल में 14 मामले और बीबीएन के सरकारी अस्पताल में आठ मामले पटाखों से झुलसने वालों के पहुंचे। इसके अलावा निजी अस्पतालों में छह मरीज पहुंचे।
बताया जा रहा है कि अधिकतर लोग हाथ झुलसने के कारण अस्पताल पहुंचे। चिकित्सकों ने मरीजों का तुरंत उपचार किया और सभी मामलों में लोगों को छुट्टी दे दी गई। इस बार कोई भी गंभीर मामला नहीं आया। बीते वर्षों की तुलना में अब पटाखों से झुलसने के मामले कम हो गए हैं।
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पटाखों के धुएं के कारण कुछ लोगों को सांस लेने में परेशानी हुई। विशेषकर श्वास संबंधी मरीजों ने धुएं से दूरी बनाए रखी और पूरी एहतियात बरती। इस वजह से श्वास संबंधी कोई गंभीर मामला अस्पताल में नहीं आया। कुल मिलाकर, जिलेभर में दीपावली का त्योहार शांतिपूर्ण तरीके से मनाया गया।
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गौरतलब है कि सोमवार को मां लक्ष्मी पूजन के बाद लोगों ने खूब पटाखे और स्काई शॉट्स चलाए। पटाखों के बारूद से जख्मी होने का डर देखते हुए क्षेत्रीय अस्पताल प्रशासन ने एक सप्ताह पहले ही आपातस्थिति के लिए टीम का गठन कर दिया था। इसके साथ ही दवाओं की भी पर्याप्त पूर्ति कर दी गई थी।
रविवार और सोमवार को छुट्टी के बावजूद दो-दो चिकित्सक आपातकालीन कक्ष में तैनात रहे। मंगलवार को ओपीडी चल रही थी। अन्य चिकित्सक ऑन कॉल ड्यूटी पर थे। इसके चलते पटाखों से झुलसे लोगों को तुरंत उपचार की सुविधा मिली। इस बार अधिकांश लोगों ने ग्रीन पटाखे ही चलाए।
दिवाली की रात पटाखों से झुलसे 14 लोग क्षेत्रीय अस्पताल पहुंचे। इन्हें तुरंत उपचार दिया गया। दिवाली के अवसर पर चिकित्सकों की टीम आपातकालीन कक्ष में तैनात थी।
-डॉ. राकेश पंवार, चिकित्सा अधीक्षक, क्षेत्रीय अस्पताल सोलन

सोलन अस्पताल का आपातकाल कक्ष में इलाज करने पहुंचे लोग। संवाद