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फोरलेन की कटिंग से ढहा मैदान, स्कूल भवन को भी किया असुरक्षित घोषित
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फोरलेन की कटिंग से ढहा मैदान, स्कूल भवन असुरक्षित घोषित
शुक्रवार देर रात का मामला, स्कूल मैदान पड़ गई थीं दरारें, शनिवार को जिला प्रशासन की टीम ने किया मौके का दौरा
अमर उजाला ने पहले ही किया था सचेत, एसडीएम सोलन ने नुकसान का आकलन करने के दिए निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
धर्मपुर (सोलन)। कालका-शिमला एनएच पर स्थित जाबली स्कूल का डंगा ढहने के बाद शुक्रवार देर रात स्कूल मैदान भी पूरा ढह गया। इसके बाद स्कूल भवन को भी खतरा पैदा हो गया है। शनिवार को जिला प्रशासन से एसडीएम सोलन रोहित राठौर सहित प्रशासन की अन्य टीम ने मौके का जायजा लिया। इसके बाद स्कूल के एक भवन को असुरक्षित घोषित कर दिया जबकि अन्य कमरों में भी बच्चों को न बिठाने की बात कही है।
जानकारी के अनुसार कालका-शिमला एनएच पर फोरलेन कार्य को लेकर की जा रही कटिंग से स्कूल भवन को भी नुकसान पहुंच रहा है। इस मुद्दे को अमर उजाला ने प्रमुखता से उठाकर जिला प्रशासन को भवन को खतरा होने की बात से सचेत किया गया था। लेकिन भवन को बचाने के लिए कोई उचित कदम नहीं उठाया गया। इसके बाद शुक्रवार को देर रात स्कूल भवन का पूरा मैदान ढह गया जिससे स्कूल भवन को भी नुकसान पहुंचा है। हालांकि इसमें कोई जानी नुकसान नहीं हुआ है। वहीं मौके पर मौजूद एसडीएम सोलन तहसीलदार और संबंधित क्षेत्र के पटवारी को स्कूल भवन के हुए नुकसान का आकलन करने के आदेश जारी किए हैं। इसके अलावा स्कूल भवन में पढ़ रहे विद्यार्थियों को शिक्षा देने के लिए वैकल्पिक भवन को तलाशने को कहा गया है।
भवन को बचाने के किए जा रहे प्रयास
कालका-शिमला एनएच पर फोरलेन निर्माण कर रही जीआर कंपनी के डिप्टी प्रोजेक्ट मैनेजर उमेश कुमार ने बताया कि कटिंग के कारण स्कूल भवन को नुकसान पहुंचा है। उन्होंने बताया कि स्कूल भवन को बचाने के लिए उनकी टीम प्रयास कर रही है। करीब एक माह में स्कूल के आगे डंगा लगाकर इसे बचाने की कोशिश की जाएगी।
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कक्षाएं लगाने के लिए तलाशा जा रहा भवन
एसडीएम सोलन रोहित राठौर ने बताया कि स्कूल भवन का एक ब्लॉक को असुरक्षित घोषित किया गया है जबकि अन्य भवन के कमरे ठीक है। इसके बाद भी बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए, सरकारी या फिर निजी बिल्डिंग की तलाश की जा रही है जहां पर विद्यार्थियों की कक्षाएं लग सकें। उन्होंने बताया कि संबधित फोरलेन कार्य कर रही कंपनी को स्कूल भवन को सुरक्षित करने के निर्देश जारी कर दिए हैं। जिला प्रशासन और कंपनी ने नुकसान का आकलन कर कार्य भी शुरू कर दिया है।
स्कूल के विद्यार्थियों के लिए पैदा हो गया खतरा
स्कूल प्रबंधन समिति के प्रधान भूपेंद्र ठाकुर ने बताया कि स्कूल भवन के एक ब्लॉक के पिलरों में दरारें पड़ गई हैं। स्कूल प्रबंधन सहित स्थानीय लोगों ने बताया कि स्कूल के नीचे फोरलेन निर्माण कंपनी का कटिंग कार्य चल रहा है। इससे स्कूल के मैदान में कुछ दिन पहले हल्की-हल्की दरारें पड़ी थीं लेकिन अचानक स्कूल के नीचे पहाड़ी ढहने लगी। इससे स्कूल का एक हिस्सा गिर गया था। अब शुक्रवार देर रात पूरा स्कूल मैदान नीचे गिर गया जिससे स्कूली बच्चों को भी खतरा बना हुआ है।
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शुक्रवार देर रात का मामला, स्कूल मैदान पड़ गई थीं दरारें, शनिवार को जिला प्रशासन की टीम ने किया मौके का दौरा
अमर उजाला ने पहले ही किया था सचेत, एसडीएम सोलन ने नुकसान का आकलन करने के दिए निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
धर्मपुर (सोलन)। कालका-शिमला एनएच पर स्थित जाबली स्कूल का डंगा ढहने के बाद शुक्रवार देर रात स्कूल मैदान भी पूरा ढह गया। इसके बाद स्कूल भवन को भी खतरा पैदा हो गया है। शनिवार को जिला प्रशासन से एसडीएम सोलन रोहित राठौर सहित प्रशासन की अन्य टीम ने मौके का जायजा लिया। इसके बाद स्कूल के एक भवन को असुरक्षित घोषित कर दिया जबकि अन्य कमरों में भी बच्चों को न बिठाने की बात कही है।
जानकारी के अनुसार कालका-शिमला एनएच पर फोरलेन कार्य को लेकर की जा रही कटिंग से स्कूल भवन को भी नुकसान पहुंच रहा है। इस मुद्दे को अमर उजाला ने प्रमुखता से उठाकर जिला प्रशासन को भवन को खतरा होने की बात से सचेत किया गया था। लेकिन भवन को बचाने के लिए कोई उचित कदम नहीं उठाया गया। इसके बाद शुक्रवार को देर रात स्कूल भवन का पूरा मैदान ढह गया जिससे स्कूल भवन को भी नुकसान पहुंचा है। हालांकि इसमें कोई जानी नुकसान नहीं हुआ है। वहीं मौके पर मौजूद एसडीएम सोलन तहसीलदार और संबंधित क्षेत्र के पटवारी को स्कूल भवन के हुए नुकसान का आकलन करने के आदेश जारी किए हैं। इसके अलावा स्कूल भवन में पढ़ रहे विद्यार्थियों को शिक्षा देने के लिए वैकल्पिक भवन को तलाशने को कहा गया है।
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भवन को बचाने के किए जा रहे प्रयास
कालका-शिमला एनएच पर फोरलेन निर्माण कर रही जीआर कंपनी के डिप्टी प्रोजेक्ट मैनेजर उमेश कुमार ने बताया कि कटिंग के कारण स्कूल भवन को नुकसान पहुंचा है। उन्होंने बताया कि स्कूल भवन को बचाने के लिए उनकी टीम प्रयास कर रही है। करीब एक माह में स्कूल के आगे डंगा लगाकर इसे बचाने की कोशिश की जाएगी।
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कक्षाएं लगाने के लिए तलाशा जा रहा भवन
एसडीएम सोलन रोहित राठौर ने बताया कि स्कूल भवन का एक ब्लॉक को असुरक्षित घोषित किया गया है जबकि अन्य भवन के कमरे ठीक है। इसके बाद भी बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए, सरकारी या फिर निजी बिल्डिंग की तलाश की जा रही है जहां पर विद्यार्थियों की कक्षाएं लग सकें। उन्होंने बताया कि संबधित फोरलेन कार्य कर रही कंपनी को स्कूल भवन को सुरक्षित करने के निर्देश जारी कर दिए हैं। जिला प्रशासन और कंपनी ने नुकसान का आकलन कर कार्य भी शुरू कर दिया है।
स्कूल के विद्यार्थियों के लिए पैदा हो गया खतरा
स्कूल प्रबंधन समिति के प्रधान भूपेंद्र ठाकुर ने बताया कि स्कूल भवन के एक ब्लॉक के पिलरों में दरारें पड़ गई हैं। स्कूल प्रबंधन सहित स्थानीय लोगों ने बताया कि स्कूल के नीचे फोरलेन निर्माण कंपनी का कटिंग कार्य चल रहा है। इससे स्कूल के मैदान में कुछ दिन पहले हल्की-हल्की दरारें पड़ी थीं लेकिन अचानक स्कूल के नीचे पहाड़ी ढहने लगी। इससे स्कूल का एक हिस्सा गिर गया था। अब शुक्रवार देर रात पूरा स्कूल मैदान नीचे गिर गया जिससे स्कूली बच्चों को भी खतरा बना हुआ है।