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सोलन में बैंकों की हड़ताल में फंसे 15 करोड़, नहीं हो पाया चेकों का भुगतान
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अमर उजाला ब्यूरो
सोलन। राष्ट्रीयकृत बैंकों की हड़ताल से सोलन में करीब 15 करोड़ रुपये का लेनदेन प्रभावित हुआ। हड़ताल के चलते जारी हुए किसी भी चेक का भुगतान नहीं हो पाया। इसके अलावा बैंकों में काम करवाने पहुंचे उपभोक्ताओं को भी निराशा का सामना करना पड़ा। दूरदराज से आए लोग बिना काम करवाए ही वापस लौट गए। हालांकि, एटीएम के चलते रहने की वजह से नकदी लेनदेन का ज्यादा असर देखने को नहीं मिला। शुक्रवार को राष्ट्रीयकृत बैंकों के कर्मचारियों ने हड़ताल का एलान कर बैंक के बाहर नारेबाजी की। उन्होंने अपनी मांगें पूरी होने तक प्रदर्शन जारी रखने का एलान भी किया। सुबह से ही बैंकों के बंद रहने और कर्मचारियों के हड़ताल पर चले जाने से अधिकतर उपभोक्ताओं को परेशानी भी उठानी पड़ी। सुबह से ही बैंक कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर सोलन के यूको बैंक के सामने धरने पर बैठे रहे।
आईएबीओसी के लोयर कनवीनर नंद लाल परिहार ने बताया कि नवंबर 2017 से ड्यू वेज सेटलमेंट, आईबीए की बैंकों को मर्ज करने की प्रक्रिया का विरोध कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि वेज सेटलमेंट पहले स्केल एक से लेकर सात तक थी। जिसे अब आईबीए ने कहा है कि स्केल 1 से 3 तक ही करेंगे जिससे कर्मचारियों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। साथ ही इसके बाद की 4-7 तक का वेज सेटलमेंट बैंकों को ही करना होगा। उन्होंने कहा कि पिछला वेज सेटलमेंट 17.5 था जो अब केवल छह प्रतिशत कर दिया है। इसको लेकर बैंक के कर्मचारी हड़ताल पर हैं। गौर रहे कि वेतन भत्ते की समीक्षा करने और सरकारी बैंकों के विलय के खिलाफ ऑल इंडिया बैंक फेडरेशन के आह्वान पर हड़ताल की गई है।
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सोलन। राष्ट्रीयकृत बैंकों की हड़ताल से सोलन में करीब 15 करोड़ रुपये का लेनदेन प्रभावित हुआ। हड़ताल के चलते जारी हुए किसी भी चेक का भुगतान नहीं हो पाया। इसके अलावा बैंकों में काम करवाने पहुंचे उपभोक्ताओं को भी निराशा का सामना करना पड़ा। दूरदराज से आए लोग बिना काम करवाए ही वापस लौट गए। हालांकि, एटीएम के चलते रहने की वजह से नकदी लेनदेन का ज्यादा असर देखने को नहीं मिला। शुक्रवार को राष्ट्रीयकृत बैंकों के कर्मचारियों ने हड़ताल का एलान कर बैंक के बाहर नारेबाजी की। उन्होंने अपनी मांगें पूरी होने तक प्रदर्शन जारी रखने का एलान भी किया। सुबह से ही बैंकों के बंद रहने और कर्मचारियों के हड़ताल पर चले जाने से अधिकतर उपभोक्ताओं को परेशानी भी उठानी पड़ी। सुबह से ही बैंक कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर सोलन के यूको बैंक के सामने धरने पर बैठे रहे।
आईएबीओसी के लोयर कनवीनर नंद लाल परिहार ने बताया कि नवंबर 2017 से ड्यू वेज सेटलमेंट, आईबीए की बैंकों को मर्ज करने की प्रक्रिया का विरोध कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि वेज सेटलमेंट पहले स्केल एक से लेकर सात तक थी। जिसे अब आईबीए ने कहा है कि स्केल 1 से 3 तक ही करेंगे जिससे कर्मचारियों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। साथ ही इसके बाद की 4-7 तक का वेज सेटलमेंट बैंकों को ही करना होगा। उन्होंने कहा कि पिछला वेज सेटलमेंट 17.5 था जो अब केवल छह प्रतिशत कर दिया है। इसको लेकर बैंक के कर्मचारी हड़ताल पर हैं। गौर रहे कि वेतन भत्ते की समीक्षा करने और सरकारी बैंकों के विलय के खिलाफ ऑल इंडिया बैंक फेडरेशन के आह्वान पर हड़ताल की गई है।
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