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मशोण में फोरलेन की कटिंग से आफत, पहाड़ी से खिसक कर गांव पर गिरी चट्टानें
Updated Wed, 25 Jul 2018 06:16 PM IST
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मशोण में फोरलेन की कटिंग से गांव पर गिर रहीं चट्टानें
पहाड़ी से खिसक कर घर के समीप बावड़ी पर गिरी चट्टानें, खुले में रात गुजार रहे लोग
कटिंग के बाद खुली छोड़ दी पहाड़ी, हल्की बारिश से खिसक रहा मलबा
अमर उजाला ब्यूरो
सोलन। मशोण गांव में बारिश के बाद भूस्खलन से घरों और वहीं रहने वाले लोगों को खतरा पैदा हो गया है। यहां लगातार चट्टानें खिसक कर घरों के पास गिर रही हैं। भारी-भरकम पत्थर से घर के पास बनी बावड़ी पर गिरे हैं जिससे बावड़ी बर्बाद हो गई है। भूस्खलन से सहमे लोग घरों से बाहर रातें गुजारने को मजबूर हैं। मशोण गांव के ठीक ऊपर फोरलेन कटिंग का काम किया है। यहां काम पूरा होने के बाद चट्टानें खुली छोड़ दी गई हैं जो हल्की-सी बारिश के बाद नीचे सड़क को पार करती गांव तक पहुंच रही हैं। सड़क पर भी वाहनों की आवाजाही के लिए पहाड़ से लटकी चट्टानें खतरा बनी हैं। हालांकि कंपनी ने एक कर्मचारी को वाहन रोकने के लिए खड़ा किया है। बारिश के दौरान मार्ग से हो रही वाहनों की भारी आवाजाही को संभाल पाना मुनासिब नहीं है। भूस्खलन से आहत ग्रामीण अब प्रशासन से इस समस्या के निजात की मांग कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि चट्टानें कभी देर रात गिरने लगती हैं तो कभी तड़के गिरने का क्रम शुरू हो जाता है। चट्टानें जोरदार धमाके के साथ नीचे गिरती हैं जिससे घर की दीवारें भी हिलने लगती हैं। उन्होंने अब तक कई रातें घर से बाहर खुले में काटी हैं। प्रशासन या फोरलेन निर्माता कंपनी में कोई भी उनकी सुध लेने नहीं आया है।
मशोण में चट्टानें खिसकने पर प्रशासन रख रहा नजर : एसडीएम
एसडीएम सोलन रोहित राठौर का कहना है कि मशोण में चट्टानें खिसकने के संबंध में एनएचएआई और निर्माता कंपनी से बातचीत चल रही है। उन्होंने बताया कि प्रशासन के ध्यान में पूरा मामला है। इसका निवारण किया जाएगा। एनएचएआई प्रबंधन इस मामले का निपटारा सही ढंग से करे इसका दबाव बनाया जाएगा। लोगों को नुकसान न हो, इस पर भी प्रशासनिक तौर पर नजर रखी जाएगी।
कंपनी ने तीन मीटर लगाया हैं डंगा : पात्रा
फोरलेन निर्माता कंपनी के प्रोजेक्ट निदेशक देवाशीष पात्रा का कहना है कि मशोण में कटिंग काफी ऊंचाई तक हुई है। कंपनी को अनुबंध मार्ग पर तीन मीटर तक डंगे लगाने का ही है। मशोण में भी तीन मीटर तक डंगा लगा दिया गया है। कोई हादसा न हो इसके लिए नियमित रूप से कंपनी का कर्मचारी तैनात किया है। साथ ही जो मलबा मार्ग पर गिर रहा है उसे उठाया जा रहा है।
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हादसा हुआ तो प्रशासन और कंपनी होगी जिम्मेदार : ग्रामीण
ग्रामीणों में जय सिंह, अनिल, अनूप, दिनेश, राकेश, मनोज और सुनील कुमार ने बताया कि लगातार चट्टानें खिसक रही हैं। इस वजह से वे पलायन का मन बना रहे हैं। उन्होंने इन दिनों टमाटर लगा रखे हैं। खेतों तक चट्टानों के अवशेष व मलबा पहुंच रहा है जिससे उन्हें आर्थिक तौर पर नुकसान उठाना पड़ रहा है। घर के पास चट्टानें गिरने से हादसे का खतरा दिन-रात अलग सक सता रहा है। उन्होंने बताया कि उनके साथ कोई हादसा होता है तो उसके लिए कंपनी के साथ ही प्रशासन भी जिम्मेदार होगा।
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पहाड़ी से खिसक कर घर के समीप बावड़ी पर गिरी चट्टानें, खुले में रात गुजार रहे लोग
कटिंग के बाद खुली छोड़ दी पहाड़ी, हल्की बारिश से खिसक रहा मलबा
अमर उजाला ब्यूरो
सोलन। मशोण गांव में बारिश के बाद भूस्खलन से घरों और वहीं रहने वाले लोगों को खतरा पैदा हो गया है। यहां लगातार चट्टानें खिसक कर घरों के पास गिर रही हैं। भारी-भरकम पत्थर से घर के पास बनी बावड़ी पर गिरे हैं जिससे बावड़ी बर्बाद हो गई है। भूस्खलन से सहमे लोग घरों से बाहर रातें गुजारने को मजबूर हैं। मशोण गांव के ठीक ऊपर फोरलेन कटिंग का काम किया है। यहां काम पूरा होने के बाद चट्टानें खुली छोड़ दी गई हैं जो हल्की-सी बारिश के बाद नीचे सड़क को पार करती गांव तक पहुंच रही हैं। सड़क पर भी वाहनों की आवाजाही के लिए पहाड़ से लटकी चट्टानें खतरा बनी हैं। हालांकि कंपनी ने एक कर्मचारी को वाहन रोकने के लिए खड़ा किया है। बारिश के दौरान मार्ग से हो रही वाहनों की भारी आवाजाही को संभाल पाना मुनासिब नहीं है। भूस्खलन से आहत ग्रामीण अब प्रशासन से इस समस्या के निजात की मांग कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि चट्टानें कभी देर रात गिरने लगती हैं तो कभी तड़के गिरने का क्रम शुरू हो जाता है। चट्टानें जोरदार धमाके के साथ नीचे गिरती हैं जिससे घर की दीवारें भी हिलने लगती हैं। उन्होंने अब तक कई रातें घर से बाहर खुले में काटी हैं। प्रशासन या फोरलेन निर्माता कंपनी में कोई भी उनकी सुध लेने नहीं आया है।
मशोण में चट्टानें खिसकने पर प्रशासन रख रहा नजर : एसडीएम
एसडीएम सोलन रोहित राठौर का कहना है कि मशोण में चट्टानें खिसकने के संबंध में एनएचएआई और निर्माता कंपनी से बातचीत चल रही है। उन्होंने बताया कि प्रशासन के ध्यान में पूरा मामला है। इसका निवारण किया जाएगा। एनएचएआई प्रबंधन इस मामले का निपटारा सही ढंग से करे इसका दबाव बनाया जाएगा। लोगों को नुकसान न हो, इस पर भी प्रशासनिक तौर पर नजर रखी जाएगी।
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कंपनी ने तीन मीटर लगाया हैं डंगा : पात्रा
फोरलेन निर्माता कंपनी के प्रोजेक्ट निदेशक देवाशीष पात्रा का कहना है कि मशोण में कटिंग काफी ऊंचाई तक हुई है। कंपनी को अनुबंध मार्ग पर तीन मीटर तक डंगे लगाने का ही है। मशोण में भी तीन मीटर तक डंगा लगा दिया गया है। कोई हादसा न हो इसके लिए नियमित रूप से कंपनी का कर्मचारी तैनात किया है। साथ ही जो मलबा मार्ग पर गिर रहा है उसे उठाया जा रहा है।
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हादसा हुआ तो प्रशासन और कंपनी होगी जिम्मेदार : ग्रामीण
ग्रामीणों में जय सिंह, अनिल, अनूप, दिनेश, राकेश, मनोज और सुनील कुमार ने बताया कि लगातार चट्टानें खिसक रही हैं। इस वजह से वे पलायन का मन बना रहे हैं। उन्होंने इन दिनों टमाटर लगा रखे हैं। खेतों तक चट्टानों के अवशेष व मलबा पहुंच रहा है जिससे उन्हें आर्थिक तौर पर नुकसान उठाना पड़ रहा है। घर के पास चट्टानें गिरने से हादसे का खतरा दिन-रात अलग सक सता रहा है। उन्होंने बताया कि उनके साथ कोई हादसा होता है तो उसके लिए कंपनी के साथ ही प्रशासन भी जिम्मेदार होगा।