फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Solan News ›   सोलन नप में आसान नहीं तख्ता पलट, भाजपा-कांग्रेस को मिलाना पड़ेगा हाथ

सोलन नप में आसान नहीं तख्ता पलट, भाजपा-कांग्रेस को मिलाना पड़ेगा हाथ

Wed, 24 Oct 2018 07:28 PM IST
Updated Wed, 24 Oct 2018 07:28 PM IST
विज्ञापन
सोलन नप में आसान नहीं तख्ता पलट, भाजपा-कांग्रेस को मिलाना पड़ेगा हाथ

राकेश शर्मा

विज्ञापन

सोलन। नगर परिषद सोलन में तख्ता पलट की तैयारी कर चुके भाजपा के छह पार्षदों की राह आसान नहीं है। सोलन नगर परिषद में कुल 15 सीटें हैं और अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए आठ सदस्यों की जरूरत है। सदन में भाजपा के ग्यारह पार्षद हैं लेकिन इनमें से अध्यक्ष-उपाध्यक्ष के अलावा भाजपा के तीन पार्षदों का समर्थन बगावत करने वाले पार्षदों को नहीं मिला है। सदन में चार पार्षदों वाली कांग्रेस ने अभी तक इस बिसात पर अपने मोहरे नहीं छेड़े हैं। ऐसे में अब सिर्फ छह पार्षदों के बूते नगर परिषद अध्यक्ष या उपाध्यक्ष की कुर्सी को हिलाना आसान नहीं है।

नगर परिषद में सबसे कम पार्षदों के बावजूद कांग्रेस एक बार फिर भाजपा पर भारी है। करीब सवा साल पूर्व कांग्रेस के समर्थन से ही अध्यक्ष का तख्ता पलट संभव हो पाया था। इस बार फिर बागडोर कांग्रेस के हाथ में चली गई है। भाजपा की अंतर्कलह में कांग्रेस का रुख बगावती रहेगा या साथ की राजनीति से तख्ता पलट में कांग्रेसी पार्षद खुद के लिए भी संभावनाएं तलाश लेंगे। इस तथ्य ने नगर परिषद की चर्चा को रोचक बना दिया है। वहीं, तख्ता पलट की संभावनाएं तलाश रहे भाजपा के बागी पार्षदों के पास अध्यक्ष-उपाध्यक्ष का चेहरा साफ नहीं है।
विज्ञापन


जिन पार्षदों ने बगावत का झंडा बुलंद किया है, उनमें पूर्व अध्यक्ष पवन गुप्ता का नाम सबसे आगे है। लेकिन पवन गुप्ता के पास इस समय बघाट बैंक अध्यक्ष का पद है। यदि वे नप अध्यक्ष बनते हैं तो उन्हें बैंक अध्यक्ष का पद छोड़ना होगा। ऐसे में उनके लिए यह सौदा आसान नहीं है। नगर परिषद में शुरू इस उठापटक के बीच एक वर्ग इस बात को हवा देने में लगा है कि असफलता को छिपाने के लिए पार्षद फ्रेंडली मैच खेलने में लगे हैं ताकि लोगों का ध्यान कार्यों से हटकर स्थानीय राजनीति में उलझ जाए और भाजपा को बेचारेपन का फायदा लोकसभा चुनाव में मिल सके। नगर परिषद में मचे इस घमासान को पार्षदों के नक्शे पास न हो पाने से जोड़कर भी देखा जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


अध्यक्ष बनने की दौड़ में नहीं हूं : पवन गुप्ता
नगर परिषद के पूर्व अध्यक्ष पवन गुप्ता का कहना है कि उनके साथ नौ पार्षदों ने त्यागपत्र सौंपे हैं और सभी पार्षद मौजूदा अध्यक्ष-उपाध्यक्ष की कार्यप्रणाली से संतुष्ट नहीं हैं। इस पूरे प्रकरण में वे कहीं भी दोबारा अध्यक्ष पद की दौड़ में शामिल नहीं हैं। उन्होंने कहा कि वे अब किसी भी कीमत पर अध्यक्ष नहीं बनना चाहते हैं। पार्षदों का गुस्सा सिर्फ मौजूदा अध्यक्ष-उपाध्यक्ष के खिलाफ है जो जगजाहिर हो चुका है। अध्यक्ष-उपाध्यक्ष की कार्यप्रणाली संतोषजनक नहीं है जिससे शहर में विकास ठप हो गया है।


ऑनलाइन टेंडर शुरू होने के बाद हो रहा विरोध : ठाकुर
नगर परिषद के मौजूदा अध्यक्ष देवेंद्र ठाकुर का कहना है कि सभी छह निर्वाचित व तीन मनोनीत पार्षद हित साधने की राजनीति कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि नगर परिषद में टेंडर प्रक्रिया ऑनलाइन कर दी है जिस वजह से पार्षद नाराज हो गए हैं। उन्होंने बताया कि नगर परिषद में वे ऐसी किसी भी प्रथा को पनपने नहीं देना चाहते हैं जो बाद में घोटाले की वजह बन जाएं। उन्होंने कहा कि नगर परिषद अब सभी तरह के टेंडर ऑनलाइन लगाएगी और ये टेंडर काबलियत के आधार पर ही मिलेंगे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed