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सर्दी के मौसम में अब गुल नहीं होगी बिजली
Updated Sat, 18 Nov 2017 10:31 PM IST
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बिजलीघर
- फोटो : अमर उजाला
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सोलन। सर्दी के मौसम में बढ़ने वाली बिजली की खपत को लेकर विद्युत बोर्ड ने कवायद शुरू कर दी है। विद्युत बोर्ड ने दावा किया है कि इस बार सर्दियों में लोगों को बिजली कट की समस्या नहीं झेलनी पड़ेगी। उपभोक्ताओं को बेहतर सुविधा प्रदान करने के लिए बोर्ड ने अपने सभी फीडरों का मरम्मत कार्य शुरू कर दिया है। मुख्य फीडरों पर अधिक भार पड़ने पर अतिरिक्त फीडरों से सहायता लेकर उसे वैकल्पिक सप्लाई दी जाएगी।
वर्तमान में शहर सहित अन्य ग्रामीण क्षेत्रों के लिए दो मुख्य फीडर हैं। इसमें 132 केवी सोलन और 33 केवी कथेड़ शामिल है। वैकल्पिक रूप में प्रयोग होने वाले फीडरों में कंडाघाट, सुबाथू और गौड़ा शामिल हैं। हालांकि फीडरों की आवश्यक मरम्मत के दौरान लोगों को कट की परेशानी झेलनी पड़ेगी। लेकिन विद्युत बोर्ड के आला अधिकारियों का दावा है कि इस बार लोगों को रोजाना के कटों का सामना नहीं करना पड़ेगा। इससे लोगों को परेशानी नहीं होगी। जानकारी के अनुसार सर्दी का मौसम शुरू होते ही लोगों को हीटर, ब्लोर और गीजर सहित अन्य बिजली उपकरणों का सुबह और शाम के समय अधिक प्रयोग किया जाता है। इस कारण बिजली स्टेशनों पर अतिरिक्त भार पड़ता है। लोड बढ़ने के कारण फिर विद्युत बोर्ड को कट लगाने पड़ते हैं। हालांकि गर्मी में बिजली का ज्यादा इस्तेमाल नहीं होता। इस दौरान बिजली स्टेशनों पर करीब 18 से 20 एमवीए तक का भार पड़ता है। सर्दियों के मौसम में यह बढ़कर 33 एमवीए तक भी पहुंच जाता है। यह लोड विद्युत स्टेशन का पीक प्वाइंट होता है जिसके चलते इसे नियंत्रण करने के लिए कट लगाने पड़ते हैं। लेकिन इस बार विद्युत बोर्ड के सौजन्य से सोलन के 132 केवी स्टेशन और 33 केवी स्टेशन कथेड़ के लिए वैकल्पिक रूप से कंडाघाट, सुबाथू और गौड़ा स्टेशन से भी जरूरत के हिसाब से मदद ली जा सकती है। सर्दियों के समय रोजाना लगने वाले कटों से लोगों को सुविधा मिलेगी। सोलन में विद्युत बोर्ड के करीब 40 हजार उपभोक्ता हैं।
विद्युत बोर्ड देगा बेहतर सेवाएं : कश्यप
विद्युत बोर्ड के एसडीओ विपुल कश्यप ने बताया कि लोगों को सर्दियों के समय रोजाना लगने वाले बिजली कटों से परेशानी नहीं झेलनी पड़ेगी। लोगों को बेहतर सुविधा प्रदान करने के लिए सभी विद्युत स्टेशनों का मरम्मत कार्य किया जा रहा है। बिजली के लोड के हिसाब से वैकल्पिक तौर पर अन्य विद्युत स्टेशनों से भी बिजली की सप्लाई ली जाएगी। हालांकि फीडरों के मरम्मत कार्य के दौरान कट लगाए जाएंगे जिसके लिए उन्होंने लोगों से सहयोग की अपील भी की है।
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वर्तमान में शहर सहित अन्य ग्रामीण क्षेत्रों के लिए दो मुख्य फीडर हैं। इसमें 132 केवी सोलन और 33 केवी कथेड़ शामिल है। वैकल्पिक रूप में प्रयोग होने वाले फीडरों में कंडाघाट, सुबाथू और गौड़ा शामिल हैं। हालांकि फीडरों की आवश्यक मरम्मत के दौरान लोगों को कट की परेशानी झेलनी पड़ेगी। लेकिन विद्युत बोर्ड के आला अधिकारियों का दावा है कि इस बार लोगों को रोजाना के कटों का सामना नहीं करना पड़ेगा। इससे लोगों को परेशानी नहीं होगी। जानकारी के अनुसार सर्दी का मौसम शुरू होते ही लोगों को हीटर, ब्लोर और गीजर सहित अन्य बिजली उपकरणों का सुबह और शाम के समय अधिक प्रयोग किया जाता है। इस कारण बिजली स्टेशनों पर अतिरिक्त भार पड़ता है। लोड बढ़ने के कारण फिर विद्युत बोर्ड को कट लगाने पड़ते हैं। हालांकि गर्मी में बिजली का ज्यादा इस्तेमाल नहीं होता। इस दौरान बिजली स्टेशनों पर करीब 18 से 20 एमवीए तक का भार पड़ता है। सर्दियों के मौसम में यह बढ़कर 33 एमवीए तक भी पहुंच जाता है। यह लोड विद्युत स्टेशन का पीक प्वाइंट होता है जिसके चलते इसे नियंत्रण करने के लिए कट लगाने पड़ते हैं। लेकिन इस बार विद्युत बोर्ड के सौजन्य से सोलन के 132 केवी स्टेशन और 33 केवी स्टेशन कथेड़ के लिए वैकल्पिक रूप से कंडाघाट, सुबाथू और गौड़ा स्टेशन से भी जरूरत के हिसाब से मदद ली जा सकती है। सर्दियों के समय रोजाना लगने वाले कटों से लोगों को सुविधा मिलेगी। सोलन में विद्युत बोर्ड के करीब 40 हजार उपभोक्ता हैं।
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विद्युत बोर्ड देगा बेहतर सेवाएं : कश्यप
विद्युत बोर्ड के एसडीओ विपुल कश्यप ने बताया कि लोगों को सर्दियों के समय रोजाना लगने वाले बिजली कटों से परेशानी नहीं झेलनी पड़ेगी। लोगों को बेहतर सुविधा प्रदान करने के लिए सभी विद्युत स्टेशनों का मरम्मत कार्य किया जा रहा है। बिजली के लोड के हिसाब से वैकल्पिक तौर पर अन्य विद्युत स्टेशनों से भी बिजली की सप्लाई ली जाएगी। हालांकि फीडरों के मरम्मत कार्य के दौरान कट लगाए जाएंगे जिसके लिए उन्होंने लोगों से सहयोग की अपील भी की है।
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