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कैंथा चढियार पेयजल योजना बुझाएगी 11 गांवों के लोगों की प्यास
Updated Mon, 01 Jan 2018 10:31 PM IST
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stone in water
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नालागढ़ (सोलन)। उपमंडल नालागढ़ के तहत 11 गांवों के हजारों लोगों की आबादी को अब पेयजल किल्लत नहीं झेलनी पड़ेगी। गांवों के लोगों सहित दो स्कूलों के बच्चों के लिए 12 महीने पानी मुहैया करवाने के लिए सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग नालागढ़ मंडल ने कैंथा चढ़ियार पेयजल योजना तैयार की है। इसके लिए ट्यूबवेल ड्रिल किया जा चुका है। योजना के शेष कार्य के लिए टेंडर हो गया है और कार्य जल्द अवार्ड किया जाएगा। 2,70,50,000 रुपये की इस योजना से 11 गांवों की करीब 3544 आबादी सहित दो स्कूलों के बच्चों को लाभ मिलेगा।
योजना से क्षेत्र में स्थापित उद्योगों के कामगारों सहित इन गांवों में रहने वाले लोगों को इस योजना का सीधा लाभ मिलेगा। इन गांवों को उठाऊ पेयजल योजना से पानी मिल रहा था लेकिन आबादी बढ़ने के बाद अब लोगों को पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं मिल रहा। विभाग के मुताबिक नई योजना ट्यूबवेल आधारित होगी जिसमें 12 माह लोगों को जलापूर्ति होती रहेगी। कैंथा चढियार पेयजल योजना के तहत ग्यारह गांवों कैंथा, चढियार, च्योटा, तरोत, नारा, धार कनोना, महाली, नालग, जंगल और धरोआ के करीब 3544 लोगों को राहत मिलेगी। क्षेत्र में स्थापित उद्योगों के कामगार भी इन गांवों में रहते हैं जिन्हें भी पेयजल योजना का लाभ मिलेगा। गर्मियों के मौसम में पानी के लिए त्राहि त्राहि मच जाती है। पेयजल आपूर्ति सुचारु न होने से ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को भारी परेशानियां झेलनी पड़ती हैं। क्षेत्र की पेयजल समस्या का मुद्दा पंचायतों, बीडीसी और जिप की बैठकों में बार-बार उठता रहा है।
ड्रिल हो चुका है ट्यूबवेल : ढटवालिया
सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग नालागढ़ मंडल के अधिशासी अभियंता विजय ढटवालिया ने कहा कि इस पेयजल योजना का ट्यूबवेल ड्रिल हो चुका है। विभाग ने इसके टेंडर कर दिए हैं और कार्य जल्द अवार्ड कर दिया जाएगा ताकि कार्य युद्धस्तर पर शुरू हो सके और यह योजना तैयार होकर जनता को समर्पित की जा सके।
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योजना से क्षेत्र में स्थापित उद्योगों के कामगारों सहित इन गांवों में रहने वाले लोगों को इस योजना का सीधा लाभ मिलेगा। इन गांवों को उठाऊ पेयजल योजना से पानी मिल रहा था लेकिन आबादी बढ़ने के बाद अब लोगों को पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं मिल रहा। विभाग के मुताबिक नई योजना ट्यूबवेल आधारित होगी जिसमें 12 माह लोगों को जलापूर्ति होती रहेगी। कैंथा चढियार पेयजल योजना के तहत ग्यारह गांवों कैंथा, चढियार, च्योटा, तरोत, नारा, धार कनोना, महाली, नालग, जंगल और धरोआ के करीब 3544 लोगों को राहत मिलेगी। क्षेत्र में स्थापित उद्योगों के कामगार भी इन गांवों में रहते हैं जिन्हें भी पेयजल योजना का लाभ मिलेगा। गर्मियों के मौसम में पानी के लिए त्राहि त्राहि मच जाती है। पेयजल आपूर्ति सुचारु न होने से ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को भारी परेशानियां झेलनी पड़ती हैं। क्षेत्र की पेयजल समस्या का मुद्दा पंचायतों, बीडीसी और जिप की बैठकों में बार-बार उठता रहा है।
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ड्रिल हो चुका है ट्यूबवेल : ढटवालिया
सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग नालागढ़ मंडल के अधिशासी अभियंता विजय ढटवालिया ने कहा कि इस पेयजल योजना का ट्यूबवेल ड्रिल हो चुका है। विभाग ने इसके टेंडर कर दिए हैं और कार्य जल्द अवार्ड कर दिया जाएगा ताकि कार्य युद्धस्तर पर शुरू हो सके और यह योजना तैयार होकर जनता को समर्पित की जा सके।
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