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Solan News: जलजनित रोगों को लेकर शिक्षा सख्त, स्कूलों का होगा औचक निरीक्षण
Sat, 29 Aug 2026 12:10 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
Updated Sat, 29 Aug 2026 12:10 AM IST
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सभी शिक्षा खंडों के लिए गठित की गईं पांच विशेष टीमें
पानी की टंकियों और पेयजल स्रोतों की होगी गहन जांच
सफाई में लापरवाही मिलने पर मौके पर ही कड़ी कार्रवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। बारिश के मौसम में विद्यार्थियों को जलजनित बीमारियों से सुरक्षित रखने के लिए शिक्षा विभाग पूरी तरह सख्त हो गया है। जिले के सभी सरकारी और निजी स्कूलों को पानी की टंकियों की सफाई के निर्देश देने के बाद अब विभाग खुद धरातल पर उतरकर निरीक्षण करेगा। इसके लिए अलग-अलग शिक्षा खंडों के लिए पांच विशेष टीमों का गठन किया गया है।
यह टीमें स्कूलों में पहुंचकर सफाई व्यवस्था, पेयजल टंकियों और जल स्रोतों की जांच करेंगी। निरीक्षण के दौरान यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही पाई गई, तो संबंधित स्कूल प्रबंधन के खिलाफ मौके पर ही कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। मानसून के दौरान जलजनित रोगों के प्रसार का खतरा बढ़ जाता है। इसे देखते हुए प्रारंभिक व उच्च शिक्षा विभाग ने सतर्कता बढ़ा दी है। स्कूलों को निर्देश दिए गए हैं कि वे विद्यार्थियों को डायरिया, पीलिया, उल्टी और दस्त जैसी बीमारियों के प्रति जागरूक करें। साथ ही उन्हें स्कूल और घर में स्वच्छता बनाए रखने के लिए प्रेरित किया जाए। विभाग ने जिले के सभी वरिष्ठ माध्यमिक स्कूलों के प्रधानाचार्यों को सख्त हिदायत दी है कि वे अपने परिसरों में पेयजल भंडारण की सफाई सुनिश्चित करें। पानी की गुणवत्ता को परखने के लिए जल शक्ति विभाग से इसकी जांच करवाई जाए और सभी ओवरहैड व अंडरग्राउंड टंकियों को सुचारू रूप से ढका जाए।
कोट
बारिश के मौसम में जलजनित बीमारियां फैलने का जोखिम अधिक रहता है। इसे देखते हुए सभी स्कूल प्रबंधकों को स्वच्छता का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए गए हैं। व्यवस्था को परखने के लिए टीमों का गठन किया गया है, जो स्कूलों में जाकर औचक निरीक्षण करेंगी। - रीता गुप्ता, उपनिदेशक प्रारंभिक शिक्षा
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पानी की टंकियों और पेयजल स्रोतों की होगी गहन जांच
सफाई में लापरवाही मिलने पर मौके पर ही कड़ी कार्रवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
सोलन। बारिश के मौसम में विद्यार्थियों को जलजनित बीमारियों से सुरक्षित रखने के लिए शिक्षा विभाग पूरी तरह सख्त हो गया है। जिले के सभी सरकारी और निजी स्कूलों को पानी की टंकियों की सफाई के निर्देश देने के बाद अब विभाग खुद धरातल पर उतरकर निरीक्षण करेगा। इसके लिए अलग-अलग शिक्षा खंडों के लिए पांच विशेष टीमों का गठन किया गया है।
यह टीमें स्कूलों में पहुंचकर सफाई व्यवस्था, पेयजल टंकियों और जल स्रोतों की जांच करेंगी। निरीक्षण के दौरान यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही पाई गई, तो संबंधित स्कूल प्रबंधन के खिलाफ मौके पर ही कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। मानसून के दौरान जलजनित रोगों के प्रसार का खतरा बढ़ जाता है। इसे देखते हुए प्रारंभिक व उच्च शिक्षा विभाग ने सतर्कता बढ़ा दी है। स्कूलों को निर्देश दिए गए हैं कि वे विद्यार्थियों को डायरिया, पीलिया, उल्टी और दस्त जैसी बीमारियों के प्रति जागरूक करें। साथ ही उन्हें स्कूल और घर में स्वच्छता बनाए रखने के लिए प्रेरित किया जाए। विभाग ने जिले के सभी वरिष्ठ माध्यमिक स्कूलों के प्रधानाचार्यों को सख्त हिदायत दी है कि वे अपने परिसरों में पेयजल भंडारण की सफाई सुनिश्चित करें। पानी की गुणवत्ता को परखने के लिए जल शक्ति विभाग से इसकी जांच करवाई जाए और सभी ओवरहैड व अंडरग्राउंड टंकियों को सुचारू रूप से ढका जाए।
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कोट
बारिश के मौसम में जलजनित बीमारियां फैलने का जोखिम अधिक रहता है। इसे देखते हुए सभी स्कूल प्रबंधकों को स्वच्छता का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए गए हैं। व्यवस्था को परखने के लिए टीमों का गठन किया गया है, जो स्कूलों में जाकर औचक निरीक्षण करेंगी। - रीता गुप्ता, उपनिदेशक प्रारंभिक शिक्षा
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