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साई संजीवनी में छात्राओं ने बताए टीबी के लक्षण
Updated Tue, 19 Dec 2017 11:14 PM IST
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साईं संजीवनी नर्सिंग होम में कार्यक्रम के दौरान मौजूद छात्राएं
- फोटो : amar ujala
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अमर उजाला ब्यूरो
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सोलन। साई संजीवनी में क्षय रोग उन्मूलन पर दो दिवसीय कार्यशाला आयोजित की जा रही है। इसी शृंखला में साई संजीवनी में लघु नाटिका और पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।
भाषण प्रतियोगिता में द्वितीय वर्ष की छात्राओं प्रीति, इंदू, मोनिका, रिचिका, सरिता, तनुजा ने भाग लिया। प्रीति ने टीबी के होने की वजह और उसके लक्षण तथा हिमाचल में इसके सबसे अधिक रोगी होने का कारण बताया।
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इंदू ने टीबी की जांच के लिए किए जाने वाले विभिन्न टेस्ट की जानकारी दी। संस्था के निदेशक डॉ. संजय अग्रवाल ने बताया कि हिमाचल मेें टीबी के सबसे ज्यादा मरीज होने का कारण लोगों का सही ढंग से दवाई न लेना है और पूरा कोर्स नहीं करना है।
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उन्होंने कहा कि अगर किसी को भी दो हफ्तों से ज्यादा खांसी हो तो उन्हें टीबी हो सकता है। कहा कि डॉट्स प्रणाली में टीबी की दवाइयां निशुल्क दी जाती हैं। टीबी का इलाज अधूरा छोड़ने पर इसके घातक परिणाम हो सकते हैं।
डॉ. संजय अग्रवाल ने छात्राओं को बताया कि आप सावधानियों के बारे जागरूक रहे और समाज को भी जागरूक करें। कार्यक्रम में संस्थान की प्रीति गर्ग, शेफाली, नवनीत, बबीता, कंचन, नीलम, कुसुम, रजनी, मोनिका, श्वेता, राधिका, दीपिका, ज्योति, अंकिता, रूबीना, प्रतिभा आदि उपस्थित रहीं।