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ढाई घंटे जाम में सिसकता रहा शहर, मरीज और माताएं परेशान
Updated Wed, 31 Oct 2018 06:00 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
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सोलन। कोठो स्कूल के छात्र नागेश की मौत पर उपजे उपद्रव ने सोलन शहर के माहौल को पूरी तरह अशांत कर दिया। सुबह ग्यारह बजे तक अपनी रफ्तार से चल रहे शहर में अगले ढाई घंटे तक लोग सड़क पर सिसकते और रास्ता मांगते रहे लेकिन उन्हें गुजरने की इजाजत नहीं दी गई। छात्र की हत्या पर न्याय मांग रहे लोगों ने सड़क पर पूूरी तरह से कब्जा जमा लिया और किसी भी वाहन को गुजरने नहीं दिया। प्रदर्शनकारियों को शहर में शांतिपूर्वक रोष रैली निकालने और पुलिस अधीक्षक कार्यालय में पहुंचकर ज्ञापन सौंपने की इजाजत थी।
उन्होंने इसके विपरीत पूरे शहर को बंधक बना लिया। ढाई घंटे तक चले इस घटनाक्रम में सिर्फ एंबुलेंस को गुजरने लायक रास्ता छोड़ा गया लेकिन भीड़ इतनी ज्यादा थी कि एंबुलेंस को पार पाने में 30 मिनट तक लग गए। जिन गाड़ियों को आईजीएमसी जाना था, उन्हें मालरोड से न होकर करीब चार किलोमीटर का ज्यादा चक्कर काटकर हाईवे से शिमला जाना पड़ा। मुसीबत उनके लिए ज्यादा बड़ी दिखी जिन्हें परिजन निजी गाड़ियों या ऑटो से अस्पताल ले जा रहे थे। इन वाहनों में हूटर न होने की वजह से किसी ने भी मरीजों के लिए रास्ता नहीं छोड़ा। जब परिजन रास्ता खोलने की गुहार लेकर प्रदर्शनकारियों तक पहुंचे तो उन्होंने उन पर ही हमला कर दिया।
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ऐसे ही एक ऑटो में फंसी महिला मरीज के बेटे नितिन ने बताया कि सोलन अस्पताल में उनकी मां का ऑपरेशन हुआ है। डॉक्टरों ने उन्हें आज टांके खोलने के लिए बुलाया था। उनकी माता की हालत खराब हो रही थी। इस वजह से वे उन्हें ऑटो में अस्पताल ले जा रहे हैं। लेकिन जाम की वजह से वे फंस गए हैं। ऐसा ही आलम स्कूल से छुट्टी होने पर बच्चों को घर लाने जा रही महिलाओं में भी नजर आया। महिला आरती, गीता और सावित्री ने बताया कि उनके बच्चे नर्सरी में पढ़ते हैं। स्कूल से अचानक संदेश आया है कि जाम होने की वजह से गाड़ी नहीं भेज सकते हैं। इसलिए वे खुद बच्चों को लेने जा रही हैं लेकिन जाम ने मुसीबत बढ़ा रखी है। कुछ बुद्धिजीवी वर्ग यह कहते भी भीड़ में सुने गए कि हत्या के बाद पुलिस ने आरोपी गिरफ्तार कर लिया, शव बरामद कर लिया तो फिर प्रदर्शन किस वजह से हो रहा है।
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प्रदर्शनकारी चाह रहे थे मामले की कड़ी जांच
छात्र की हत्या के बाद प्रदर्शनकारी बुधवार को मामले की तह तक जांच की मांग कर रहे थे। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि आरोपी विपिन अकेले इस हत्याकांड को अंजाम नहीं दे सकता है। इसमें उसके साथ कुछ और लोग भी शामिल रहे होंगे। पुलिस को इन आरोपियों को भी गिरफ्तार करना चाहिए। हत्या और फिरौती का यह मामला किसी रंजिश के तहत अंजाम तो नहीं दिया गया है, इसकी भी जांच जरूरी है। प्रदर्शनकारी अपनी बात को पुलिस अधीक्षक के समक्ष रखना चाहते थे। लेकिन उनके व्यस्त होने की सूचना मिलते ही वे भड़क गए और चक्का जाम कर दिया।
पुलिस कर रही मामले की जांच : एसपी
पुलिस अधीक्षक मधुसूदन शर्मा का कहना है कि पुलिस मामले की जांच सही दिशा में कर रही है। आरोपी को पकड़ लिया गया है, उससे कड़ी पूछताछ की जाएगी। छात्र का पोस्टमार्टम आईजीएमसी में करवाया गया है। उन्होंने बताया कि पुलिस पूरे मामले में कोई ढील नहीं बरतेगी। अभी तक की जानकारी में अकेला ही आरोपी सामने आया है। यदि कुछ और साक्ष्य सामने आते हैं तो उनके आधार पर भी जांच की जाएगी।