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जिले में 77.44 प्रतिशत मतदान, देर शाम डटे रहे मतदाता
Updated Thu, 09 Nov 2017 11:34 PM IST
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सोलन। सूरज निकलने से पहले वीरवार को मतदाताओं की दौड़ शुरू हुई तो दिन ढलने तक जारी रही। देर शाम तक मतदाता मतदान केंद्रों के बाहर कतारबद्ध खड़े नजर आए। वीवीपैट में खराबी और दूसरे कारणों से हुई देरी का असर मतदान प्रक्रिया पर साफ देखने को मिला है। कसौली, दून और नालागढ़ विधानसभा में शाम सात बजे तक मतदान चलता रहा। रिकॉर्ड बनाने की होड़ में मतदाओं की कतारें गांव से शहर तक नजर आई। हालांकि शुरुआती दो घंटों में मतदान केंद्रों के बाहर जोश कम दिखा। लेकिन बाद में हुजूम बढ़ता गया और लोग कतारबद्ध होकर मतदान प्रक्रिया का हिस्सा बनते चले गए।
खासतौर पर निचले इलाकों में मतदान रिकॉर्ड स्पीड के साथ आगे बढ़ा और शाम चार बजे तक नालागढ़ और दून दोनों विधानसभा क्षेत्रों में मतदान 80 प्रतिशत के जादुई आंकड़े को छू गया। यहां शाम तक नालागढ़ में 84.27 और दून में 89.95 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। सोलन सदर और कसौली विधानसभा क्षेत्रों में मतदान की रफ्तार काफी धीमी रही। लेकिन कसौली में आखिरी दो घंटों में रिकॉर्ड मतदाता मतदान केंद्रों में पहुंचे यहां मतदान का कुल प्रतिशत 74.86 प्रतिशत रहा। हालांकि निर्वाचन आयोग की तरफ से इनमें से किसी भी मतदान केंद्र में अतिरिक्त समय नहीं दिया गया। लेकिन पांच बजे तक जो लोग मतदान केंद्र की परिधि में पहुंच गए थे उन्हें वोट डालने की इजाजत मिल गई। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के चुनाव क्षेत्र अर्की में 74.63 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया है। सोलन सदर में सबसे कम मतदान हुआ है। यहां 66.65 प्रतिशत मतदाता ही मतदान करने पहुंचे। यहां ससुर और दामाद के बीच आमने-सामने की टक्कर है। लेकिन दिलचस्प मुकाबले ने लोगों में उत्साह नहीं बढ़ाया।
पांच बजे के बाद भी चलता रहा मतदान
जिला में करीब चार हजार लोगों ने पांच बजे के बाद भी मतदान किया है। सोलन जिला में शुरुआती दो घंटों में सिर्फ 13 प्रतिशत मतदान हो पाया। शहर में लोगों का उत्साह सुबह ज्यादा नजर नहीं आया। हालांकि ग्रामीण इलाकों में सुबह के समय कतारें जरूर दिखना शुरू हो गई थी। दोपहर 12 बजे तक जिला भर में करीब 30 प्रतिशत तक मतदान रिकॉर्ड किया गया। धीमी गति से शुरू हुए मतदान में थोड़ी सी तेजी दोपहर बाद आई। धूप खिलने के साथ ही मतदाताओं ने बाहर निकलना शुरू किया। कुछ मतदान केंद्रों में वीवीपैट की खराबी की वजह से भी मतदान प्रक्रिया शुरू होने में देरी हुई। जिसका असर मतदान प्रतिशत पर भी दिखा।
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मतदान के आखिरी चरण में बरसे वोट
दोपहर 12 बजे तक अर्की विधानसभा क्षेत्र में 21 प्रतिशत, नालागढ़ में 37.02 प्रतिशत, दून में 29.85 प्रतिशत, सोलन में 33 प्रतिशत और कसौली में 29.30 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। समूचे जिला में शुरुआती चार घंटों का कुल मतदान 30 प्रतिशत रहा है। दोपहर दो बजे तक जिला भर में करीब 49 प्रतिशत मतदान रिकॉर्ड किया गया। इसमें अर्की 51 प्रतिशत, नालागढ़ 55 प्रतिशत, दून 51 प्रतिशत, सोलन 44 प्रतिशत, कसौली में 40 प्रतिशत मतदान हुआ है। आगामी एक घंटे में सोलन जिला में 3.00 बजे तक करीब 16 प्रतिशत मतदाताओं ने मताधिकार का इस्तेमाल किया। तीन बजे तक मतदान का प्रतिशत 58 तक पहुंच गया। जिसमें अर्की विधानसभा क्षेत्र में लगभग 57 प्रतिशत, नालागढ़ में करीब 67 प्रतिशत, दून में 60 प्रतिशत, सोलन में लगभग 55 प्रतिशत व कसौली में 53 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। मतदान के आखिरी चरण में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। आखिरी एक घंटे दून और नालागढ़ में मतदाताओं की कतारें अचानक लंबी हो गई। अर्की व नालागढ़ में करीब 17 प्रतिशत, दून में 28 प्रतिशत, सोलन में 11 प्रतिशत और कसौली में 21 प्रतिशत मतदान तीन बजे के बाद हुआ है।
शांतिपूवर्क हुआ मतदान : राकेश कंवर
वीवीपैट मशीनों में खराबी को छोड़ दिया जाए तो पूरे जिला में मतदान में खलल की कोई दूसरी शिकायत नहीं आई है। जिला भर में शांतिपूर्वक मतदान हुआ। मतदान प्रक्रिया को पूरा करवाने में भारी पुलिस बल और अर्द्धसैनिक बल समेत अन्य सुरक्षा कर्मियों की मदद ली गई थी। मतदान केंद्रों को संवेदनशीलता की श्रेणी में बांटा गया था। लेकिन जिला भर में शाम तक किसी भी मतदान केंद्र से अनहोनी की शिकायत निर्वाचन आयोग को नहीं मिली है। जिला निर्वाचन अधिकारी राकेश कंवर ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि पूरे जिला में चुनाव शांतिपूर्वक ढंग से संपन्न हुआ है और कहीं से मतदान में खलल की शिकायत नहीं मिली है।
निराश नहीं हुए मतदान केंद्र तक आए लोग
वे मतदान केंद्र जहां वीवीपैट खराब थे या फिर पांच बजे तक मतदाता केंद्र में पहुंच चुके थे वहां पांच बजे के बाद भी मतदान की इजाजत दी गई। जिला निर्वाचन अधिकारी राकेश कंवर ने बताया कि यह अतिरिक्त समय नहीं है। लेकिन जो लोग मतदान केंद्र तक पहुंचे हैं उन्हें मतदान का अधिकार मिलना चाहिए। ऐसे में एक दर्जन के करीब मतदान केंद्रों में पांच बजे के बाद भी मतदान की प्रक्रिया चलती रही।
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खासतौर पर निचले इलाकों में मतदान रिकॉर्ड स्पीड के साथ आगे बढ़ा और शाम चार बजे तक नालागढ़ और दून दोनों विधानसभा क्षेत्रों में मतदान 80 प्रतिशत के जादुई आंकड़े को छू गया। यहां शाम तक नालागढ़ में 84.27 और दून में 89.95 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। सोलन सदर और कसौली विधानसभा क्षेत्रों में मतदान की रफ्तार काफी धीमी रही। लेकिन कसौली में आखिरी दो घंटों में रिकॉर्ड मतदाता मतदान केंद्रों में पहुंचे यहां मतदान का कुल प्रतिशत 74.86 प्रतिशत रहा। हालांकि निर्वाचन आयोग की तरफ से इनमें से किसी भी मतदान केंद्र में अतिरिक्त समय नहीं दिया गया। लेकिन पांच बजे तक जो लोग मतदान केंद्र की परिधि में पहुंच गए थे उन्हें वोट डालने की इजाजत मिल गई। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के चुनाव क्षेत्र अर्की में 74.63 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया है। सोलन सदर में सबसे कम मतदान हुआ है। यहां 66.65 प्रतिशत मतदाता ही मतदान करने पहुंचे। यहां ससुर और दामाद के बीच आमने-सामने की टक्कर है। लेकिन दिलचस्प मुकाबले ने लोगों में उत्साह नहीं बढ़ाया।
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पांच बजे के बाद भी चलता रहा मतदान
जिला में करीब चार हजार लोगों ने पांच बजे के बाद भी मतदान किया है। सोलन जिला में शुरुआती दो घंटों में सिर्फ 13 प्रतिशत मतदान हो पाया। शहर में लोगों का उत्साह सुबह ज्यादा नजर नहीं आया। हालांकि ग्रामीण इलाकों में सुबह के समय कतारें जरूर दिखना शुरू हो गई थी। दोपहर 12 बजे तक जिला भर में करीब 30 प्रतिशत तक मतदान रिकॉर्ड किया गया। धीमी गति से शुरू हुए मतदान में थोड़ी सी तेजी दोपहर बाद आई। धूप खिलने के साथ ही मतदाताओं ने बाहर निकलना शुरू किया। कुछ मतदान केंद्रों में वीवीपैट की खराबी की वजह से भी मतदान प्रक्रिया शुरू होने में देरी हुई। जिसका असर मतदान प्रतिशत पर भी दिखा।
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मतदान के आखिरी चरण में बरसे वोट
दोपहर 12 बजे तक अर्की विधानसभा क्षेत्र में 21 प्रतिशत, नालागढ़ में 37.02 प्रतिशत, दून में 29.85 प्रतिशत, सोलन में 33 प्रतिशत और कसौली में 29.30 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। समूचे जिला में शुरुआती चार घंटों का कुल मतदान 30 प्रतिशत रहा है। दोपहर दो बजे तक जिला भर में करीब 49 प्रतिशत मतदान रिकॉर्ड किया गया। इसमें अर्की 51 प्रतिशत, नालागढ़ 55 प्रतिशत, दून 51 प्रतिशत, सोलन 44 प्रतिशत, कसौली में 40 प्रतिशत मतदान हुआ है। आगामी एक घंटे में सोलन जिला में 3.00 बजे तक करीब 16 प्रतिशत मतदाताओं ने मताधिकार का इस्तेमाल किया। तीन बजे तक मतदान का प्रतिशत 58 तक पहुंच गया। जिसमें अर्की विधानसभा क्षेत्र में लगभग 57 प्रतिशत, नालागढ़ में करीब 67 प्रतिशत, दून में 60 प्रतिशत, सोलन में लगभग 55 प्रतिशत व कसौली में 53 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। मतदान के आखिरी चरण में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। आखिरी एक घंटे दून और नालागढ़ में मतदाताओं की कतारें अचानक लंबी हो गई। अर्की व नालागढ़ में करीब 17 प्रतिशत, दून में 28 प्रतिशत, सोलन में 11 प्रतिशत और कसौली में 21 प्रतिशत मतदान तीन बजे के बाद हुआ है।
शांतिपूवर्क हुआ मतदान : राकेश कंवर
वीवीपैट मशीनों में खराबी को छोड़ दिया जाए तो पूरे जिला में मतदान में खलल की कोई दूसरी शिकायत नहीं आई है। जिला भर में शांतिपूर्वक मतदान हुआ। मतदान प्रक्रिया को पूरा करवाने में भारी पुलिस बल और अर्द्धसैनिक बल समेत अन्य सुरक्षा कर्मियों की मदद ली गई थी। मतदान केंद्रों को संवेदनशीलता की श्रेणी में बांटा गया था। लेकिन जिला भर में शाम तक किसी भी मतदान केंद्र से अनहोनी की शिकायत निर्वाचन आयोग को नहीं मिली है। जिला निर्वाचन अधिकारी राकेश कंवर ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि पूरे जिला में चुनाव शांतिपूर्वक ढंग से संपन्न हुआ है और कहीं से मतदान में खलल की शिकायत नहीं मिली है।
निराश नहीं हुए मतदान केंद्र तक आए लोग
वे मतदान केंद्र जहां वीवीपैट खराब थे या फिर पांच बजे तक मतदाता केंद्र में पहुंच चुके थे वहां पांच बजे के बाद भी मतदान की इजाजत दी गई। जिला निर्वाचन अधिकारी राकेश कंवर ने बताया कि यह अतिरिक्त समय नहीं है। लेकिन जो लोग मतदान केंद्र तक पहुंचे हैं उन्हें मतदान का अधिकार मिलना चाहिए। ऐसे में एक दर्जन के करीब मतदान केंद्रों में पांच बजे के बाद भी मतदान की प्रक्रिया चलती रही।