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राहत न मिलने से लघु उद्यमी नाराज, पेंशन से चहके छोटे कारोबारी

Fri, 05 Jul 2019 11:24 PM IST
Shimla	 Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Fri, 05 Jul 2019 11:24 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
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सोलन/बद्दी। केंद्र की मोदी सरकार-2 की ओर से पेश केंद्रीय बजट पर प्रदेश के उद्यमियों ने अलग-अलग प्रतिक्रिया दी है। कुछ उद्योग संगठनों ने बजट को सराहा तो कुछ ने इसे छलावा ही करार दिया। विशेषकर सूक्ष्म एवं लघु उद्योग इस बजट से ज्यादा खुश नहीं दिखे। वहीं छोटे व्यापारियों को पेंशन देने का वादा कर सरकार ने उनका दिल जीतने की कोशिश की है। वहीं पांच लाख रुपये तक बढ़ाई आयकर सीमा में कोई बदलाव न कर सरकार ने मध्यम वर्ग से चुनाव के दौरान किए वादे को पूरा किया है। इस वर्ग ने भी बजट से राहत की सांस ली है। अमर उजाला ने बजट पर उद्योग, छोटे कारोबारी और महिला वर्ग की राय जानी। प्रस्तुत हैं इसके मुख्य अंश :

हिमाचल प्रदेश ड्रग मैनुफेक्चरिंग के प्रदेशाध्यक्ष डॉ. राजेश गुप्ता ने कहा कि एमएसएमई का सशक्तिकरण, लेबर लॉ को चार कोड के सरलीकरण करने के बारे में, कारपोरेट टैक्स में 400 करोड़ तक की कंपनी को 25 फीसदी टैक्स के दायरे में लाना, एक राष्ट्र एक पावर ग्रिड के निर्माण की सोच, एक करोड़ कैश विड्राल पर दो फीसदी टीडीसी, 45 लाख तक के होम लोन के ब्याज, इनकम टैक्स में कैशलेस असेसमेंट का प्रावधान का स्वागत किया है। इसके अलावा एक करोड़ तक का लोन 59 मिनट और इंटरेस्ट में छूट के प्रावधानों से उद्योग जगत को बल मिलेगा।
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लघु उद्योगों के उत्थान के लिए कुछ नहीं
लघु उद्योग भारती के प्रदेशाध्यक्ष राजीव कंसल ने कहा कि इस बजट में सूक्ष्म एवं लघु उद्योगों के उत्थान के लिए कुछ नहीं है जबकि यही सेक्टर देश में सर्वाधिक रोजगार देतस है। उन्होंने कहा कि आज देश के लाखों लघु उद्योगों को बचाने और उनके लिए नीतियां बनाने की जरूरत है। आज के बजट में मात्र लघु उद्योग का जिक्र होना और धरातल पर इनके लिए कुछ न होना चिंताजनक है। यही हाल रहा तो लघु उद्योग धीरे-धीरे प्रदेश से सिमटते जाएंगे। केंद्र सरकार एमएसएमई सेक्टर के लिए ब्याज दरों में विशेष छूट दे ताकि उनका उत्थान हो सके। अधिकांश उद्योग वित्त की कमी और ज्यादा ब्याज दरों की मार सहन कर रहे हैं।
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टैक्स पर टैक्स लगाना गलत निर्णय
बीबीएन उद्योग संघ के अध्यक्ष शैलेष अग्रवाल ने एक करोड़ तक के लोन पर दो फीसदी ब्याज से राहत मिलने को उद्योग परक करार दिया जबकि टैक्स पर टैक्स लगाना बहुत की गलत निर्णय है। डीजल-पेट्रोल पर लगाया एक प्रतिशत टैक्स उद्योगपतियों और आम लोगों लोगों के लिए सही नहीं है। अग्रवाल ने बजट को सामान्य बताया और कहा कि इसमें लघु उद्योगों के लिए कुछ नहीं है।

महिला उत्थान को मिलेगा बढ़ावा : रीना भारद्वाज
रीना भारद्वाज ने बताया कि महिलाओं के लिए मोदी सरकार ने अलग से एलान किए हैं। इसमें जन धन खाताधारक महिलाओं को पांच हजार ओवरड्राफ्ट की सुविधा देना सहित महिलाओं के लिए अलग से एक लाख रुपये के मुद्रा लोन की व्यवस्था की करना सराहनीय कार्य है।


व्यापारियों को पेंशन सराहनीय कदम : मुकेश गुप्ता
सोलन व्यापार मंडल अध्यक्ष मुकेश गुप्ता का कहना है कि तीन करोड़ छोटे व्यापारियों को पेंशन देने का फैसला सराहनीय है। सरकार इसको जल्द से जल्द लागू करे। 59 मिनट में दुकानदारों को लोन देने की योजना अच्छा फैसला है। उन्होंने कहा कि 20 रुपये के सिक्के निकालने का फैसला भी केंद्र सरकार का अच्छा कदम है। पैन कार्ड के साथ-साथ आधार से भी आयकर रिटर्न भरने का प्रावधान से ज्यादा व्यापारी रिटर्न फाइल करेंगे। व्यापारियों को जीएसटी का सॉफ्टवेयर मुफ्त देना सही है। पांच लाख तक पर आयकर न लगना अच्छा कदम है।
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