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बंदर मारने के लिए जहर डाला तो दर्ज होगा केस : एसडीएम
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अमर उजाला ब्यूरो
अर्की (सोलन)। उपमंडलाधिकारी अर्की विकास शुक्ला ने पंचायत प्रतिनिधियों को निर्देश दिए हैं कि वे सात जुलाई को होने वाली ग्रामसभा में लोगों को बंदरों को जहर न देने के बारे में जागरूक करें। पंचायत स्तर पर सफाई अभियान चलाएं और अपने आसपास के जल स्रोतों को साफ रखें। उन्होंने कहा कि यदि किसी पंचायत में कोई बंदर मरा मिले तो उसे गड्ढा करके दबा दें और वन विभाग को तुरंत सूचित करें।
उन्होंने सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए कि सभी जल स्रोतों की सफाई करवाएं और पंचायत प्रतिनिधियों को इस बारे में जागरूक करें। नागरिक कार्यालय अर्की के सभागार में उपमंडलाधिकारी विकास शुक्ला की अध्यक्षता में हुई बैठक में सभी पंचायत प्रतिनिधियों और विभागों के कर्मचारियों को बंदरों को दिए जा रहे जहर पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि बंदरों को जहर देकर मारना अपराध है और मामला दर्ज किया जा सकता है।
उन्होंने बताया कि जब भी बंदर जहर खाता है तो वह पानी की ओर भागता है जिससे जल स्रोत दूषित हो रहे हैं। इस पानी के पीने से हैपेटाइटिस बी व जलजनित रोगों का खतरा है। उन्होंने बताया कि अभी कुछ समय पहले ही पलोग पंचायत में ऐसा ही एक मामला सामने आया जिसमें दूषित पानी पीने से लगभग डेढ़ सौ लोग डायरिया की चपेट में आ गए थे।
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अर्की (सोलन)। उपमंडलाधिकारी अर्की विकास शुक्ला ने पंचायत प्रतिनिधियों को निर्देश दिए हैं कि वे सात जुलाई को होने वाली ग्रामसभा में लोगों को बंदरों को जहर न देने के बारे में जागरूक करें। पंचायत स्तर पर सफाई अभियान चलाएं और अपने आसपास के जल स्रोतों को साफ रखें। उन्होंने कहा कि यदि किसी पंचायत में कोई बंदर मरा मिले तो उसे गड्ढा करके दबा दें और वन विभाग को तुरंत सूचित करें।
उन्होंने सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए कि सभी जल स्रोतों की सफाई करवाएं और पंचायत प्रतिनिधियों को इस बारे में जागरूक करें। नागरिक कार्यालय अर्की के सभागार में उपमंडलाधिकारी विकास शुक्ला की अध्यक्षता में हुई बैठक में सभी पंचायत प्रतिनिधियों और विभागों के कर्मचारियों को बंदरों को दिए जा रहे जहर पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि बंदरों को जहर देकर मारना अपराध है और मामला दर्ज किया जा सकता है।
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उन्होंने बताया कि जब भी बंदर जहर खाता है तो वह पानी की ओर भागता है जिससे जल स्रोत दूषित हो रहे हैं। इस पानी के पीने से हैपेटाइटिस बी व जलजनित रोगों का खतरा है। उन्होंने बताया कि अभी कुछ समय पहले ही पलोग पंचायत में ऐसा ही एक मामला सामने आया जिसमें दूषित पानी पीने से लगभग डेढ़ सौ लोग डायरिया की चपेट में आ गए थे।
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