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सिपला दवा उद्योग में मांगों को लेकर मजदूरों ने की हड़ताल
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अमर उजाला ब्यूरो
बद्दी (सोलन)। बद्दी स्थित सिपला दवा कंपनी में प्रबंधकों पर मनमानी का आरोप लगाते हुए मजदूरों ने उत्पादन बंद कर दिया है। सोमवार को सुबह 5:00 बजे 500 के करीब मजदूर गेट के अंदर आए और वहीं हड़ताल पर बैठ गए। इस कारण पूरा दिन उत्पादन बंद रहा। मजदूरों का आरोप है कि कंपनी प्रबंधकों की धक्केशाही के चलते पिछले पांच साल से किसी कर्मचारी के वेतन में बढ़ोतरी नहीं की गई है।
आठ घंटे के बजाय 12 घंटे काम लिया जा रहा है और रविवार के दिन भी काम पर बुला लिया जाता है जबकि उसका कोई ओवरटाइम उन्हें नहीं दिया जा रहा है। मजदूरों का कहना है कि वह पिछले 10-12 सालों से यहां कार्यरत हैं लेकिन प्रबंधकों का मनमाना रवैया मजदूरों का शोषण कर रहा है।
यदि कोई ओवरटाइम या सैलरी बढ़ाने की बात करता है तो मैनेजर लोग कहते हैं कि अपना हिसाब ले लो और घर चले जाओ। यहां पर सैलरी बढ़ाने के लिए ग्रेड सिस्टम बनाया गया है जो प्रबंधक स्वयं निर्धारित करते हैं। पिछले पांच साल के दौरान किसी का भी ग्रेड नहीं बदला गया है। सैलरी बढ़ाने को लेकर ग्रेड नहीं बढ़ने का तर्क दिया जा रहा है।
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उधर, लेबर इंस्पेक्टर मनीष कोरल ने कहा कि मजदूरों की उचित मांगों को पूरा करवाने की कोशिश की जाएगी।
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बद्दी (सोलन)। बद्दी स्थित सिपला दवा कंपनी में प्रबंधकों पर मनमानी का आरोप लगाते हुए मजदूरों ने उत्पादन बंद कर दिया है। सोमवार को सुबह 5:00 बजे 500 के करीब मजदूर गेट के अंदर आए और वहीं हड़ताल पर बैठ गए। इस कारण पूरा दिन उत्पादन बंद रहा। मजदूरों का आरोप है कि कंपनी प्रबंधकों की धक्केशाही के चलते पिछले पांच साल से किसी कर्मचारी के वेतन में बढ़ोतरी नहीं की गई है।
आठ घंटे के बजाय 12 घंटे काम लिया जा रहा है और रविवार के दिन भी काम पर बुला लिया जाता है जबकि उसका कोई ओवरटाइम उन्हें नहीं दिया जा रहा है। मजदूरों का कहना है कि वह पिछले 10-12 सालों से यहां कार्यरत हैं लेकिन प्रबंधकों का मनमाना रवैया मजदूरों का शोषण कर रहा है।
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यदि कोई ओवरटाइम या सैलरी बढ़ाने की बात करता है तो मैनेजर लोग कहते हैं कि अपना हिसाब ले लो और घर चले जाओ। यहां पर सैलरी बढ़ाने के लिए ग्रेड सिस्टम बनाया गया है जो प्रबंधक स्वयं निर्धारित करते हैं। पिछले पांच साल के दौरान किसी का भी ग्रेड नहीं बदला गया है। सैलरी बढ़ाने को लेकर ग्रेड नहीं बढ़ने का तर्क दिया जा रहा है।
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उधर, लेबर इंस्पेक्टर मनीष कोरल ने कहा कि मजदूरों की उचित मांगों को पूरा करवाने की कोशिश की जाएगी।