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बारिश की भेंट चढ़ी शूलिनी मेले की अंतिम सांस्कृतिक संध्या
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अमर उजाला ब्यूरो
सोलन। राज्य स्तरीय मां शूलिनी मेले की अंतिम सांस्कृतिक संध्या बारिश में धुल गई। इसमें भारी बारिश से ठोडो मैदान पूरी तरह से दलदल में बदल गया। वहीं सांस्कृतिक संध्या में कार्यक्रम प्रस्तुत करने वाले कुछ कलाकार अपनी प्रस्तुति भी नहीं दे सके है। वहीं दंगल सहित अन्य कार्यक्रम भी आधे में ही रुक गए।
बारिश से पूर्व दूरदराज समेत क्षेत्रीय लोगों से सोलन शहर सहित ठोडो मैदान भरा पड़ा था जिसमें तिल रखने लायक भी जगह नहीं थी। जैसे ही मौसम खराब हुआ, लोगों ने मेले से वापसी करना शुरू कर दिया। बारिश जैसे ही बारिश शुरू हुई, ठोडो मैदान में लोगों संख्या भी कम हो गई।
कई लोग बारिश से बचने के लिए कारोबारियों की दुकानों की शरण लेते दिखाई दिए। इसके अलावा ठोडो मैदान में आयोजित सभी कार्यक्रम बंद हो गए। इसमें होने वाले कार्यक्रमों में 55 लोक और मुख्य कलाकारों की सूची थी। इनमें से करीब पांच से सात बजे तक के समय में अपनी प्रस्तुति देने वाले कलाकार शूलिनी स्टेज तक भी नहीं पहुंच सके। हालांकि, करीब सात बजे तक मौसम साफ हो गया लेकिन बारिश के स्टेज सहित लोगों के लिए लगाई गई कुर्सियां भी बारिश से गिली हो गई थी।
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12 बजे तक अंतिम संध्या
मुख्य कलाकार सतिंद्र सरताज ने अपने कार्यक्रम की शुरुआत प्रसिद्ध गीत उडारिया से की। इसके बाद उन्होंने एक से बढ़कर कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी। इसमें सजन राजी हो जाए, साई बे साढ़ी फरियाद, इबादत, मासूमियत, गुरमुखी दा बेटा की प्रस्तुति दी।
इन कलाकारों के कार्यक्रमों का था शेड्यूल
राजकुमार सांस्कृतिक दल धर्मपुर, यशपाल चंदेल, सोलन के मुकेश कुमार, भारत भूषण, जनित चौहान, तोमल कुमार, युगम राणा, रिद्धिक, निहारिका, तन्मय, विक्रम, अर्की के शिव दत्त ठाकुर, सोलन की मीना शर्मा, निशा बाला, शिमला के किशोर कुमार, अर्की के नरेश, बाड़ीधार का पूजा कलामंच, शिमला के राजपाल, कोटखाई के मनमोहन सतरेला, शिमला की शांति हेटा, डांस प्लेनेट जौणाजी, ब्रिजेश्वरी सांस्कृतिक दल छावशा, सोलन की इंदू, हमीरपुर के राहुल कांगा, विद्या दत्त धाल्टा कलामंच राजगढ़, सुदर्शन दीवाना राजगढ़, बिलासपुर के अभिषेक सोनी, भुवनेश्वरी सांस्कृतिक दल कुल्लू, राखी गौतम, चंदेल म्यूजिक ग्रुप ठियोग, बागेश्वरी लोक नृत्य सांस्कृतिक दल, जयंत भारद्वाज मंडी, राजीव नेगी किन्नौर, नरेश भारद्वाज, दयानंद आदर्श विद्यालय सोलन, गौरी शंकर ठाकुर कथेड़ सोलन, सिया सिंह सोलन, अनु निगाह, पीयूष शर्मा सोलन, नटराज कला केंद्र सोलन, सरल सोलन, डॉ. मदन झाल्टा, रामेश्वर शर्मा चौपाल, अरविंद ढटवालिया सिरमौर की ओर से अंतिम संध्या में प्रस्तुति देनी थी।
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सोलन। राज्य स्तरीय मां शूलिनी मेले की अंतिम सांस्कृतिक संध्या बारिश में धुल गई। इसमें भारी बारिश से ठोडो मैदान पूरी तरह से दलदल में बदल गया। वहीं सांस्कृतिक संध्या में कार्यक्रम प्रस्तुत करने वाले कुछ कलाकार अपनी प्रस्तुति भी नहीं दे सके है। वहीं दंगल सहित अन्य कार्यक्रम भी आधे में ही रुक गए।
बारिश से पूर्व दूरदराज समेत क्षेत्रीय लोगों से सोलन शहर सहित ठोडो मैदान भरा पड़ा था जिसमें तिल रखने लायक भी जगह नहीं थी। जैसे ही मौसम खराब हुआ, लोगों ने मेले से वापसी करना शुरू कर दिया। बारिश जैसे ही बारिश शुरू हुई, ठोडो मैदान में लोगों संख्या भी कम हो गई।
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कई लोग बारिश से बचने के लिए कारोबारियों की दुकानों की शरण लेते दिखाई दिए। इसके अलावा ठोडो मैदान में आयोजित सभी कार्यक्रम बंद हो गए। इसमें होने वाले कार्यक्रमों में 55 लोक और मुख्य कलाकारों की सूची थी। इनमें से करीब पांच से सात बजे तक के समय में अपनी प्रस्तुति देने वाले कलाकार शूलिनी स्टेज तक भी नहीं पहुंच सके। हालांकि, करीब सात बजे तक मौसम साफ हो गया लेकिन बारिश के स्टेज सहित लोगों के लिए लगाई गई कुर्सियां भी बारिश से गिली हो गई थी।
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12 बजे तक अंतिम संध्या
मुख्य कलाकार सतिंद्र सरताज ने अपने कार्यक्रम की शुरुआत प्रसिद्ध गीत उडारिया से की। इसके बाद उन्होंने एक से बढ़कर कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी। इसमें सजन राजी हो जाए, साई बे साढ़ी फरियाद, इबादत, मासूमियत, गुरमुखी दा बेटा की प्रस्तुति दी।
इन कलाकारों के कार्यक्रमों का था शेड्यूल
राजकुमार सांस्कृतिक दल धर्मपुर, यशपाल चंदेल, सोलन के मुकेश कुमार, भारत भूषण, जनित चौहान, तोमल कुमार, युगम राणा, रिद्धिक, निहारिका, तन्मय, विक्रम, अर्की के शिव दत्त ठाकुर, सोलन की मीना शर्मा, निशा बाला, शिमला के किशोर कुमार, अर्की के नरेश, बाड़ीधार का पूजा कलामंच, शिमला के राजपाल, कोटखाई के मनमोहन सतरेला, शिमला की शांति हेटा, डांस प्लेनेट जौणाजी, ब्रिजेश्वरी सांस्कृतिक दल छावशा, सोलन की इंदू, हमीरपुर के राहुल कांगा, विद्या दत्त धाल्टा कलामंच राजगढ़, सुदर्शन दीवाना राजगढ़, बिलासपुर के अभिषेक सोनी, भुवनेश्वरी सांस्कृतिक दल कुल्लू, राखी गौतम, चंदेल म्यूजिक ग्रुप ठियोग, बागेश्वरी लोक नृत्य सांस्कृतिक दल, जयंत भारद्वाज मंडी, राजीव नेगी किन्नौर, नरेश भारद्वाज, दयानंद आदर्श विद्यालय सोलन, गौरी शंकर ठाकुर कथेड़ सोलन, सिया सिंह सोलन, अनु निगाह, पीयूष शर्मा सोलन, नटराज कला केंद्र सोलन, सरल सोलन, डॉ. मदन झाल्टा, रामेश्वर शर्मा चौपाल, अरविंद ढटवालिया सिरमौर की ओर से अंतिम संध्या में प्रस्तुति देनी थी।