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पैराग्लाइडिंग और बागवानी से आत्मनिर्भर बनेगा कंडाघाट
सोलन ब्यूरो
Updated Mon, 27 Mar 2017 10:58 PM IST
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कंडाघाट विकास खंड के लिए करीब पंद्रह करोड़ रुपये मंजूर हुए हैं।
- फोटो : demo pic
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साहसिक खेल पैराग्लाइडिंग के अलावा कृषि बागवानी, बेहतर सड़क सुविधा और सूचना प्रौद्योगिकी की नई कार्यशालाओं के दम पर कंडाघाट में विकास के नए आयाम लिखे जा सकेंगे। यह संभव होगा श्यामा प्रसाद मुखर्जी राष्ट्रीय रूरल -अर्बन मिशन (एनआरयूएम) योजना से।
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सोलन जिले के कंडाघाट उपमंडल के हिन्नर कलस्टर की सात पंचायतों के लिए क्रिटिकल गेप फंडिंग के तहत 15 करोड़ रुपये की कार्य योजनाओं को मंजूरी मिल चुकी है। यह जानकारी एडीएम संदीप नेगी ने जिला स्तरीय अधिकार समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए दी। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत हिमाचल के दो कलस्टर चुने गए हैं। इनमें से एक कंडाघाट खंड के हिन्नर कलस्टर को चुना है। हिन्नर कलस्टर की सात पंचायतों हिन्नर, चायल, धंगील, झाझा, सकोड़ी, बांजणी तथा नगाली को इस योजना में शामिल किया है।
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उन्होंने कहा कि हिन्नर कलस्टर के समग्र आर्थिक विकास के लिए विभिन्न विभागों द्वारा प्रस्तावित योजनाओं के लिए अतिरिक्त बजट प्रदान किया जा रहा है। बैठक में जिला परिषद अध्यक्ष धर्मपाल चौहान, जिप सदस्य अमृता कश्यप, कंडाघाट पंचायत समिति की अध्यक्ष रीता ठाकुर, उपाध्यक्ष बीना शर्मा, प्रधान पंचायत बांजणी प्रेम सिंह कश्यप, प्रधान चायल कलावती, प्रधान पंचायत झाझा मान सिंह, प्रधान पंचायत सकोड़ी सुरेंद्र कश्यप, जिला ग्रामीण विकास अभिकरण के परियोजना अधिकारी भानू गुप्ता, खंड विकास अधिकारी कंडाघाट ललित दुलटा मौजूद रहे।
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यह सड़क होगी दुरुस्त
प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों से जुड़ी गौड़ा-रेखा-काटल वाया डाहरचालका तथा बलोसम से काली का टिब्बा मार्ग के लिए एक करोड़ 10 लाख रुपये स्वीकृत किए हैं। लोनिवि को यह रकम जारी कर दी है। काली का टिब्बा एक अहम पर्यटन स्थल है। देश विदेश के सैलानी यहां घूमने आते हैं। साथ ही सोलन, शिमला और सिरमौर के लाखों लोगों की आस्था का प्रतीक काली का टिब्बा मंदिर है।
इन योजनाओं के लिए फंड स्वीकृत
2.22 करोड़: पैराग्लाइडिंग स्थल को विकसित करने के लिए
2.60 करोड़: कृषि संबंधी छोटी करीब 1391 योजनाएं
2.00 करोड़: शिक्षा विभाग की लघु 82 परियोजनाएं
4.02 करोड़: बागावानी की 58 लघु योजनाएं
कहां कैसे होगा खर्च
पर्यटन विभाग की कुल आठ योजनाओं के लिए 2 करोड़ 40 लाख रुपये स्वीकृत किए हैं। इसमें मुख्यत: पैराग्लाइडिंग स्थल को विकसित करने के लिए 2 करोड़ 22 लाख रुपये स्वीकृत किए हैं। कृषि क्षेत्र की विभाग द्वारा प्रस्तावित कुल 1391 योजनाओं के लिए 2 करोड़ 60 लाख रुपए मंजूर किए हैं। शिक्षा विभाग के नए पुस्तकालय, स्मार्ट क्लास रूम, खेलकूद केंद्र तथा सूचना प्रौद्योगिकी प्रयोगशाला की कुल प्रस्तावित 82 परियोजनाओं के लिए 2 करोड़ रुपये स्वीकृत किए।
बागवानी की 58 योजनाओं को 4 करोड़ मंजूर
बागवानी की 58 प्रस्तावित योजनाओं के लिए चार करोड़ दो लाख रुपये स्वीकृत किए हैं। इसमें ग्रीन हाउस, प्लांट हेल्थ क्लीनिक, सामुदायिक जल भंडारण जलाश्य, वर्षा जल संग्रहण प्रणाली तथा वर्मी कंपोस्ट यूनिट की योजनाएं स्वीकृत की हैं। पशुपालन विभाग द्वारा प्रस्तावित चायल तथा गौड़ा में पशु औषधालय खोलने के लिए 50 लाख रुपये स्वीकृत किए हैं। ग्रामीण विकास विभाग द्वारा सात प्रस्तावित शून्य कचरा प्रबंधन इकाइयों के लिए दो करोड़ 10 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं।