{"_id":"5bd9a075bdec2269845a9c4e","slug":"141540989045-solan-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पंचायत समिति अध्यक्ष-उपाध्यक्ष चुनाव में भाजपा की गुटबाजी उजागर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पंचायत समिति अध्यक्ष-उपाध्यक्ष चुनाव में भाजपा की गुटबाजी उजागर
Updated Wed, 31 Oct 2018 06:00 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन
कुनिहार (सोलन)। कुनिहार पंचायत समिति के अध्यक्ष-उपाध्यक्ष पद को लेकर चला घमासान अब चरम पर पहुंच गया है। करीब दो माह से कुनिहार में अभी तक अध्यक्ष-उपाध्यक्ष की कुर्सी पर तैनाती नहीं हो सकी है। इसमें उक्त कुर्सी की तैनाती के लिए बैठक तो बुलाई जाती है लेकिन अभी तक हुई दो बार बैठक में एक बार भी इसका कोई भी फाइनल नतीजा नहीं निकल सका है। इस मामले में कांग्रेस और भाजपा के सदस्यों ने अध्यक्ष-उपाध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास पत्र प्रस्तुत किया था। इसके बाद इस पर सहमति भी बन गई और दोबारा इन दोनों सीटों के लिए चुनाव प्रक्रिया शुरू हो गई थी। इसके बाद भी दो बार आयोजित हुई बैठक का कोरम पूरा नहीं रहा।
अब ताजा घटनाक्रम में कुनिहार पंचायत समिति सदस्य व अर्की भाजपा मंडल के सदस्य हीरापाल चंदेल ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने अपना इस्तीफा अर्की में भाजपा महासचिव को सौंपा है। उन्होंने बताया कि वह पिछले 30 वर्षों से पार्टी के सक्रिय सदस्य हैं। पार्टी को मजबूत करने के लिए ईमानदारी से कार्य कर अपना पूरा जीवन पार्टी के लिए न्योछावर किया लेकिन भाजपा मंडल उनकी लगातार अनदेखी कर रहा है। इस कारण वह त्यागपत्र दे रहे हैं।
विज्ञापन
उधर, हीरापाल चंदेल का कहना है कि ढाई वर्ष पहले पार्टी ने उन्हें पंचायत समिति के उपाध्यक्ष चुनावों में पार्टी प्रत्याशी घोषित किया था। लेकिन जब दोबारा चुनाव की बारी है तो उनकी जगह किसी और को पार्टी उपाध्यक्ष पद पर खड़ा कर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि त्याग पत्र देने के बाद अब वह आजाद हैं और आगामी पांच नवंबर को होने वाले बीडीसी चुनावों में उपाध्यक्ष पद के लिए खड़े होंगे।
विज्ञापन
अर्की भाजपा मंडल के अध्यक्ष बाबूराम पंवर का कहना है कि उन्हें अभी तक त्यागपत्र नहीं मिला है। यदि ऐसा है भी तो सदस्य की नाराजगी दूर की जाएगी। अब कारण चाहे कुछ भी हो लेकिन कुनिहार पंचायत समिति में चल रही उथल-पुथल में कौन बाजी मारेगा, यह देखना रोचक होगा।