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मूलभूत सुविधाओं को तरस रही परवाणू सेब मंडी
Updated Fri, 06 Jul 2018 10:44 PM IST
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परवाणू (सोलन)। हर साल करोड़ों रुपये का कारोबार करने वाली परवाणू सेब मंडी की हालत बेहद खस्ता बनी हुई है। अब सेब सीजन शुरू होने वाला है लेकिन परवाणू आने वाले सेब व्यापारियों को मूलभूत सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। सेब मंडी के भवन की हालत तक खस्ता बनी हुई है। कई बार सरकार से मंडी में सुविधाएं देने का आग्रह किया गया लेकिन अभी तक किसानों व व्यापारियों को कोई राहत नहीं मिल सकी है।
गौर रहे कि परवाणू सेब मंडी प्रदेश की सबसे बड़ी सेब मंडी है, प्रदेश के सभी जिलों से इस सेब मंडी में सेब पहुंचता है और बाहर के राज्यों के व्यापारी यहां सेब कारोबार करने हर वर्ष आते हैं। 1994 में सरकार ने सेब मंडी का निर्माण करवाया जिससे बागवानों को राज्य के बाहर मंडियों में हो रहे शोषण से बचाया जा सके। मंडी भवन में 100 दुकानों का निर्माण करवाया गया। 24 सालों से प्रदेश की सबसे बड़ी सेब मंडी यहां लगती है लेकिन सुविधाएं न मिलने से व्यापारी और बागवान दोनों परेशान है। मंडी में पीने के पानी के लिए भी कई बार लोगों भटकना पड़ता है।
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नहीं है ठहरने की व्यवस्था
प्रदेश की सबसे बड़ी सेब मंडी में किसानों व बागवानों के लिए ठहरने तक की सुविधा नहीं है। सीजन में लोगों को ठहरने के लिए पंचकुला और चंडीगढ़ जाना पड़ता है। कई बार सरकार से मांग करने के बाद भी परवाणू सेब मंडी के हालात नहीं बदल पाए है। इस वर्ष भी व्यापारियों व बागवानों को परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। सेब मंडी में हर साल काफी संख्या में व्यापारी यूपी, बिहार, महाराष्ट्र, हैदराबाद, पंजाब और हरियाणा से आते हैं। साथ ही 150 से अधिक मजदूर लोडिंग-अनलोडिंग के लिए आते हैं। सेब सीजन में रोज 200 छोटे-बड़े वाहन मंडी में पहुंचते हैं।
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हरियाणा सरकार ने की है बड़ी घोषणा
हरियाणा सरकार ने पिंजौर के पास देश की सबसे बड़ी सेब मंडी बनाने की घोषणा की है। यदि यह सेब मंडी यहां बनी तो इसका सीधा असर परवाणू सेब मंडी पर पड़ेगा। परवाणू सेब मंडी में सुविधाएं न मिलने के चलते पिंजौर की मंडी की तरफ रुख करेंगे।
समय रहते दूर होंगी शिकायतें : सचिव
मार्केट कमेटी परवाणू के सचिव मोहन लाल ने बताया कि हिमुडा ने यहां पानी कनेक्शन दे दिए हैं। मंडी में लोगों को बेहतर सुविधाएं देने के प्रयास हैं। उन्होंने बताया कि सेब सीजन शुरू होने तक सभी सुविधाएं मुहैया करवाई जाएंगी।