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रेहड़ी-फड़ी परमिट सबलेट करने पर सियासी घमासान शुरू
Updated Fri, 09 Feb 2018 10:54 PM IST
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Solan City
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सोलन। नगर परिषद में उठा रेहड़ी-फड़ी का विवाद अब गरमाता जा रहा है। सड़क पर फड़ी लगाने वाले गैर पंजीकृत धारक सीटू की शरण में चले गए हैं और सीटू ने इस पूरे घटनाक्रम को जनांदोलन का रूप देने का एलान कर दिया है। फड़ी धारकों की मदद के लिए सीटू प्रशासन और नगर परिषद के खिलाफ सड़क पर उतरेगा। आंदोलन की यह मुहिम तब तक जारी रहेगी जब तक रेहड़ीफड़ी का विवाद सुलझ नहीं जाता।
सीटू ने गैर पंजीकृत फड़ी धारकों को पंजीकृत करने और उनके लिए कारोबार के रास्ते खोलने की मांग की है। सीटू के महासचिव नारायण रनौट ने बताया कि नप ने 144 रेहड़ी धारकों का पंजीकरण किया है। लेकिन इनमें से कई रेहड़ी धारक कारोबार छोड़ चुके हैं। उन्होंने अपने परमिट आगे या तो बेच दिए हैं या फिर किराये पर दे रखे हैं। अब जब वेंडर जोन बनने जा रहा है तो असल फायदा उठाने के लिए नप पर दबाव बनाया जा रहा है। लेकिन इस कड़ी में गरीब और जरूरतमंद फड़ी धारकों की बात कोई नहीं कर रहा है।
उन्होंने कहा कि सीटू ने शहर भर में सौ से अधिक फड़ी धारकों की पहचान की है। इनके पास लाइसेंस या परमिट नहीं हैं। इन धारकों को वेंडर जोन में दुकानें नहीं मिलेंगी। लेकिन असल में यह लोग तहबाजार से जीवनयापन करने वाले हैं। सीटू की प्रशासन से साफ मांग रहेगी कि वेंडर जोन में परमिट धारकों के अलावा उन लोगों को भी शामिल किया जाए जो अभी तक पंजीकृत नहीं हैं। साथ ही वेंडर जोन का साइज बढ़ाया जाए। इस समय सोलन शहर में जिस वेंडर जोन का निर्माण चल रहा है वहां पंजीकृत रेहड़ी धारकों के लिए 144 दुकानें भी नहीं बन पा रही हैं। कहा कि जब तक नप और प्रशासन गैर पंजीकृत फड़ी धारकों के भविष्य का कोई फैैसला नहीं करेगा सीटू आंदोलन से पीछे नहीं हटेगी। इसके लिए फड़ी धारकों और पार्टी हाईकमान दोनों से बातचीत चल रही है। रेहड़ी फड़ी धारकों के लिए सीटू का सोलन शहर में यह सबसे बड़ा आंदोलन होगा।
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छोटा पड़ेगा वेंडर जोन, 108 का ही बंदोबस्त
वेंडर जोन में नगर परिषद निर्माण कार्य तो कर रही है लेकिन यहां सभी रेहड़ी-फड़ी धारकों को जगह नहीं मिल पाएगी। दरअसल, सोलन में नप के खाते में पंजीकृत 144 रेहड़ी फड़ी धारक हैं और वेंडर जोन में 108 दुकानों की व्यवस्था हो पाई है। ऐसे में वेंडर जोन के बावजूद कुछ पंजीकृत परमिट धारक छूट जाएंगे। नप जोन में सभी 144 परमिट धारकों नहीं बसा पाएगी। ऐसे में जोन में स्थल चिन्हित करने को लेकर विवाद भी बढ़ सकता है।
छंटनी के बाद होगी अलॉटमेंट
नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी बीआर नेगी ने कहा कि 144 परमिट धारक हैं। लेकिन इनमें से बहुत से लोग काम नहीं कर रहे हैं। कुछ ही मौत हो चुकी है जबकि कुछ बाहर चले गए हैं। ऐसे परमिट धारकों की पहचान की जाएगी और उन्हें कुल सूची से बाहर निकाला जाएगा। इसके बाद बाकी बचे परमिट धारकों को नगर परिषद वेंडर जोन में बसाएगी। सड़क पर किसी को तहबाजार लगाने की इजाजत नहीं होगी।
जिनके पास परमिट, सिर्फ उनके लिए होंगे प्रयास
नप ने तहबाजार लगाने वालों के लिए कोई योजना नहीं बनाई है। नप के ईओ बीआर नेगी ने कहा कि जो लोग परमिट धारक हैं सिर्फ उनके लिए ही प्रयास किए जाएंगे। कहा कि जो इस श्रेणी में नहीं होंगे उन्हें शहर में फड़ी लगाने से रोक दिया जाएगा। पंजीकृत परमिट धारकों में भी ऐसे लोगों की पहचान की जाएगी जो खुद का काम कर रहे हैं या जिन्होंने परमिट सबलेट नहीं किए हैं।
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सीटू ने गैर पंजीकृत फड़ी धारकों को पंजीकृत करने और उनके लिए कारोबार के रास्ते खोलने की मांग की है। सीटू के महासचिव नारायण रनौट ने बताया कि नप ने 144 रेहड़ी धारकों का पंजीकरण किया है। लेकिन इनमें से कई रेहड़ी धारक कारोबार छोड़ चुके हैं। उन्होंने अपने परमिट आगे या तो बेच दिए हैं या फिर किराये पर दे रखे हैं। अब जब वेंडर जोन बनने जा रहा है तो असल फायदा उठाने के लिए नप पर दबाव बनाया जा रहा है। लेकिन इस कड़ी में गरीब और जरूरतमंद फड़ी धारकों की बात कोई नहीं कर रहा है।
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उन्होंने कहा कि सीटू ने शहर भर में सौ से अधिक फड़ी धारकों की पहचान की है। इनके पास लाइसेंस या परमिट नहीं हैं। इन धारकों को वेंडर जोन में दुकानें नहीं मिलेंगी। लेकिन असल में यह लोग तहबाजार से जीवनयापन करने वाले हैं। सीटू की प्रशासन से साफ मांग रहेगी कि वेंडर जोन में परमिट धारकों के अलावा उन लोगों को भी शामिल किया जाए जो अभी तक पंजीकृत नहीं हैं। साथ ही वेंडर जोन का साइज बढ़ाया जाए। इस समय सोलन शहर में जिस वेंडर जोन का निर्माण चल रहा है वहां पंजीकृत रेहड़ी धारकों के लिए 144 दुकानें भी नहीं बन पा रही हैं। कहा कि जब तक नप और प्रशासन गैर पंजीकृत फड़ी धारकों के भविष्य का कोई फैैसला नहीं करेगा सीटू आंदोलन से पीछे नहीं हटेगी। इसके लिए फड़ी धारकों और पार्टी हाईकमान दोनों से बातचीत चल रही है। रेहड़ी फड़ी धारकों के लिए सीटू का सोलन शहर में यह सबसे बड़ा आंदोलन होगा।
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छोटा पड़ेगा वेंडर जोन, 108 का ही बंदोबस्त
वेंडर जोन में नगर परिषद निर्माण कार्य तो कर रही है लेकिन यहां सभी रेहड़ी-फड़ी धारकों को जगह नहीं मिल पाएगी। दरअसल, सोलन में नप के खाते में पंजीकृत 144 रेहड़ी फड़ी धारक हैं और वेंडर जोन में 108 दुकानों की व्यवस्था हो पाई है। ऐसे में वेंडर जोन के बावजूद कुछ पंजीकृत परमिट धारक छूट जाएंगे। नप जोन में सभी 144 परमिट धारकों नहीं बसा पाएगी। ऐसे में जोन में स्थल चिन्हित करने को लेकर विवाद भी बढ़ सकता है।
छंटनी के बाद होगी अलॉटमेंट
नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी बीआर नेगी ने कहा कि 144 परमिट धारक हैं। लेकिन इनमें से बहुत से लोग काम नहीं कर रहे हैं। कुछ ही मौत हो चुकी है जबकि कुछ बाहर चले गए हैं। ऐसे परमिट धारकों की पहचान की जाएगी और उन्हें कुल सूची से बाहर निकाला जाएगा। इसके बाद बाकी बचे परमिट धारकों को नगर परिषद वेंडर जोन में बसाएगी। सड़क पर किसी को तहबाजार लगाने की इजाजत नहीं होगी।
जिनके पास परमिट, सिर्फ उनके लिए होंगे प्रयास
नप ने तहबाजार लगाने वालों के लिए कोई योजना नहीं बनाई है। नप के ईओ बीआर नेगी ने कहा कि जो लोग परमिट धारक हैं सिर्फ उनके लिए ही प्रयास किए जाएंगे। कहा कि जो इस श्रेणी में नहीं होंगे उन्हें शहर में फड़ी लगाने से रोक दिया जाएगा। पंजीकृत परमिट धारकों में भी ऐसे लोगों की पहचान की जाएगी जो खुद का काम कर रहे हैं या जिन्होंने परमिट सबलेट नहीं किए हैं।