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बागवानी विभाग फलों की पैदावार को बढ़ाने के लिए करेंगा हाईडेंसिटी प्लांटेशन
Updated Sun, 31 Dec 2017 09:28 PM IST
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सोलन।जिले में बागवानी विभाग ने फलों की पैदावार बढ़ाने की दिशा में कार्य शुरू कर दिया है। इसके तहत हाईडेंसिटी प्लांटेशन करने के लिए बागवानी विभाग सब्सिडी प्रदान करेगा। इसमें हाईडेंसिटी प्लांटेशन के लिए ड्रिप ईरीगेशन सहित 60 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर और बिना ड्रिप ईरीगेशन के लिए 50 हजार रुपये की सहायता प्रति हेक्टेयर की दर से प्रदान की जाएगी। इसमें बागवान को पहले साल 60 फीसदी और अगले दो साल तक 20-20 फीसदी राशि विभाग की ओर से मिलेगी। इसके लिए विभाग फलदार पौधों की हाईडेंसिटी प्लांटेशन (सघन खेती) पर बल दे रहा है।
हाईडेंसिटी प्लांटेशन से कम भूमि पर फलों की ज्यादा पैदावार करने का लक्ष्य है। इसके लिए विभाग बागवानों को बगीचा लगाने के लिए अनुदान भी देगा। हाईडेंसिटी प्लांटेशन में बगीचा लगाने के लिए पौधे की पौधे से दूरी कम होगी। बागवान सहित किसान कम भूमि पर फलों की ज्यादा पैदावार ले सकते हैं। इससे कम एरिया में ज्यादा पौधे लगाए जा सकेंगे। हालांकि इससे प्रति पौधा उपज में कमी आएगी लेकिन प्रति हेक्टेयर पैदावार 3 से 5 गुना तक बढ़ेगी। इसमें कम भूमि पर ज्यादा प्लांटेशन की जाएगी। इससे छोटे बगीचे को व्यवस्थित किया जाता है। हिमाचल जैसे पहाड़ी राज्यों के लिए फलों की सघन खेती ज्यादा कारगर साबित हो सकती है।
ऐसे किया जाएगा प्लांटेशन
सामान्य बगीचे में बागवानी विशेषज्ञ सेब के पौधों को 10-10 मीटर की दूरी में लगाने की सलाह देते हैं। हाईडेंसिटी प्लांटेशन 3-3 की दूरी पर प्लांटेशन करते हैं। इसमें प्लांट 10 गुना तक अधिक लगते हैं। इसी तरह आम की फसल में सामान्य रूप से 8 से 10 मीटर की दूरी पर प्लांटेशन करते हैं जबकि हाईडेंसिटी प्लांटेशन में इन्हीं पौधों को 3-3 या 6-6 मीटर की दूरी पर लगाया जा सकता है।
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ऐसे तैयार होगा बगीचा
बागवान अपना बगीचा तैयार करने के लिए नजदीक के उद्यान प्रसार अधिकारी एवं उद्यान विकास अधिकारी की सहायता ले सकते हैैं। बागवानों को जलवायु के अनुसार ही फलदार पौधों का चयन करना चाहिए। विभाग के विशेषज्ञों ने कहा कि पौधे के लिए गड्ढे तैयार कर लें। खोदे गड्ढे में से मिट्टी निकालकर 10 से 15 किलोग्राम गोबर की खाद, सुपर फास्फेट डेढ़ किलो मिलाकर गड्ढे अच्छी तरह भर दें। इसके बाद पौधा लगाने का कार्य करें। पौधा लगाने के बाद समय-समय पौधों को पानी देते रहे हैैं।
विभाग करेगा सहायता प्रदान
विषय विशेषज्ञ डॉ. देशराज शर्मा ने बताया कि नया बगीचा लगाने के लिए एकीकृत बागवानी मिशन के तहत बागवानी विभाग सहायता प्रदान करता है। डिप्टी डायरेक्टर हॉर्टीकल्चर सोलन ने बताया कि जिले में एकीकृत बागवानी मिशन के तहत बागवानी विभाग हाईडेंसिटी प्लांटेशन को बढ़ावा दे रहा है। मिशन के तहत बगीचा लगाने के लिए विभाग आर्थिक सहायता भी प्रदान कर रहा है। बागवान एकीकृत बागवानी मिशन के तहत दी जा रही सुविधाओं का लाभ उठाएं। बागवान अच्छी प्रजातियों के फलदार पौधे लगाकर अपनी आर्थिकी को मजबूत कर सकते हैं।
हाईडेंसिटी प्लांटेशन से कम भूमि पर फलों की ज्यादा पैदावार करने का लक्ष्य है। इसके लिए विभाग बागवानों को बगीचा लगाने के लिए अनुदान भी देगा। हाईडेंसिटी प्लांटेशन में बगीचा लगाने के लिए पौधे की पौधे से दूरी कम होगी। बागवान सहित किसान कम भूमि पर फलों की ज्यादा पैदावार ले सकते हैं। इससे कम एरिया में ज्यादा पौधे लगाए जा सकेंगे। हालांकि इससे प्रति पौधा उपज में कमी आएगी लेकिन प्रति हेक्टेयर पैदावार 3 से 5 गुना तक बढ़ेगी। इसमें कम भूमि पर ज्यादा प्लांटेशन की जाएगी। इससे छोटे बगीचे को व्यवस्थित किया जाता है। हिमाचल जैसे पहाड़ी राज्यों के लिए फलों की सघन खेती ज्यादा कारगर साबित हो सकती है।
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ऐसे किया जाएगा प्लांटेशन
सामान्य बगीचे में बागवानी विशेषज्ञ सेब के पौधों को 10-10 मीटर की दूरी में लगाने की सलाह देते हैं। हाईडेंसिटी प्लांटेशन 3-3 की दूरी पर प्लांटेशन करते हैं। इसमें प्लांट 10 गुना तक अधिक लगते हैं। इसी तरह आम की फसल में सामान्य रूप से 8 से 10 मीटर की दूरी पर प्लांटेशन करते हैं जबकि हाईडेंसिटी प्लांटेशन में इन्हीं पौधों को 3-3 या 6-6 मीटर की दूरी पर लगाया जा सकता है।
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ऐसे तैयार होगा बगीचा
बागवान अपना बगीचा तैयार करने के लिए नजदीक के उद्यान प्रसार अधिकारी एवं उद्यान विकास अधिकारी की सहायता ले सकते हैैं। बागवानों को जलवायु के अनुसार ही फलदार पौधों का चयन करना चाहिए। विभाग के विशेषज्ञों ने कहा कि पौधे के लिए गड्ढे तैयार कर लें। खोदे गड्ढे में से मिट्टी निकालकर 10 से 15 किलोग्राम गोबर की खाद, सुपर फास्फेट डेढ़ किलो मिलाकर गड्ढे अच्छी तरह भर दें। इसके बाद पौधा लगाने का कार्य करें। पौधा लगाने के बाद समय-समय पौधों को पानी देते रहे हैैं।
विभाग करेगा सहायता प्रदान
विषय विशेषज्ञ डॉ. देशराज शर्मा ने बताया कि नया बगीचा लगाने के लिए एकीकृत बागवानी मिशन के तहत बागवानी विभाग सहायता प्रदान करता है। डिप्टी डायरेक्टर हॉर्टीकल्चर सोलन ने बताया कि जिले में एकीकृत बागवानी मिशन के तहत बागवानी विभाग हाईडेंसिटी प्लांटेशन को बढ़ावा दे रहा है। मिशन के तहत बगीचा लगाने के लिए विभाग आर्थिक सहायता भी प्रदान कर रहा है। बागवान एकीकृत बागवानी मिशन के तहत दी जा रही सुविधाओं का लाभ उठाएं। बागवान अच्छी प्रजातियों के फलदार पौधे लगाकर अपनी आर्थिकी को मजबूत कर सकते हैं।