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कसौली में लोगों ने खुद उठाया कचरा तो सुबाथू में सख्ती से मिली रैंकिंग
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सोलन। स्वच्छता सर्वेक्षण में सोलन के दो छावनी बोर्ड जगह बनाने में कामयाब हुए हैं। कसौली व सुबाथू का नाम स्वच्छता सूची में शामिल होने से यहां के लोगों में भारी उत्साह है। दोनों ही छावनी बोर्ड के नुमाइंदे अब और अधिक ताकत से इस अभियान में जुटने की तैयारी में लग गए हैं। घर से कूड़ा उठाने की योजना को सिर चढ़ाने और कूड़ा खुले में न फेंकने को सख्ती से लागू करने पर विचार किया जा रहा है।
बुधवार को रैंकिंग जारी होने के बाद दोनों ही छाबनी बोर्ड के पदाधिकारियों ने खुशी जाहिर करते हुए रैंकिंग को भविष्य में और आगे ले जाने की बात कही। छावनी बोर्ड की स्वच्छता रैंकिंग में सुबाथू 29वें पायदान पर रहा है। सुबाथू ने 1874.47 अंक हासिल कर यह स्थान पाया है। यहां के छावनी बोर्ड उपाध्यक्ष दिनेश गुप्ता ने बताया कि स्वच्छता का यह पायदान निरंतर काम करने की वजह से हासिल हुआ है। सबसे पहले स्वच्छता अभियान के कागज तैयार किए गए और फिर उसके आधार पर अभियान को आगे बढ़ाया गया। घर से कूड़ा उठाने की योजना शुरू की गई है जिसे पूरी तरह से भविष्य में लागू किया जाएगा। उन्होंने बताया कि सुबाथू की अगले साल रैंकिंग इससे आगे बढ़े इसके लिए यहां के लोगों पर स्वच्छता को हर हाल में लागू किया जाएगा। जो लोग कूड़ा खुले में फेंकते हैं उन पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
उधर, कसौली छावनी बोर्ड 61वें पायदान पर रहा है। छावनी बोर्ड के उपाध्यक्ष देवेंद्र गुप्ता ने बताया कि कसौली को स्वच्छ रखने में सबसे अधिक योगदान यहां के कर्मचारियों, स्कूली छात्रों और स्थानीय लोगों का है। कसौली पर्यटक स्थल भी है और यहां रोजाना सैकड़ों पर्यटक आते हैं। इनकी भीड़ के बीच कसौली को स्वच्छ रखना बड़ी चुनौती है लेकिन यहां लोगों ने एक धारणा बना ली है। स्थानीय लोग जब भी खुले में कूड़ा देखते हैं तो वे इसे उठाकर कूड़ेदान में डाल देते हैं। इस आदत की वजह से कसौली स्वच्छता की रैंकिंग में जगह बना पाया है।
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बुधवार को रैंकिंग जारी होने के बाद दोनों ही छाबनी बोर्ड के पदाधिकारियों ने खुशी जाहिर करते हुए रैंकिंग को भविष्य में और आगे ले जाने की बात कही। छावनी बोर्ड की स्वच्छता रैंकिंग में सुबाथू 29वें पायदान पर रहा है। सुबाथू ने 1874.47 अंक हासिल कर यह स्थान पाया है। यहां के छावनी बोर्ड उपाध्यक्ष दिनेश गुप्ता ने बताया कि स्वच्छता का यह पायदान निरंतर काम करने की वजह से हासिल हुआ है। सबसे पहले स्वच्छता अभियान के कागज तैयार किए गए और फिर उसके आधार पर अभियान को आगे बढ़ाया गया। घर से कूड़ा उठाने की योजना शुरू की गई है जिसे पूरी तरह से भविष्य में लागू किया जाएगा। उन्होंने बताया कि सुबाथू की अगले साल रैंकिंग इससे आगे बढ़े इसके लिए यहां के लोगों पर स्वच्छता को हर हाल में लागू किया जाएगा। जो लोग कूड़ा खुले में फेंकते हैं उन पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
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उधर, कसौली छावनी बोर्ड 61वें पायदान पर रहा है। छावनी बोर्ड के उपाध्यक्ष देवेंद्र गुप्ता ने बताया कि कसौली को स्वच्छ रखने में सबसे अधिक योगदान यहां के कर्मचारियों, स्कूली छात्रों और स्थानीय लोगों का है। कसौली पर्यटक स्थल भी है और यहां रोजाना सैकड़ों पर्यटक आते हैं। इनकी भीड़ के बीच कसौली को स्वच्छ रखना बड़ी चुनौती है लेकिन यहां लोगों ने एक धारणा बना ली है। स्थानीय लोग जब भी खुले में कूड़ा देखते हैं तो वे इसे उठाकर कूड़ेदान में डाल देते हैं। इस आदत की वजह से कसौली स्वच्छता की रैंकिंग में जगह बना पाया है।
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