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पुलिस लाइन सोलन में मार्चपास्ट कर शहीदों को किया याद
Updated Sat, 21 Oct 2017 11:14 PM IST
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पुलिस लाइन सोलन में शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते एसपी सोलन मोहित चावला।
- फोटो : अमर उजाला
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सोलन। पुलिस लाइन सोलन में शहीदी दिवस मनाया गया। इस मौके पर पुलिस कर्मियों ने मार्चपास्ट कर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस मौके पर एसपी सोलन मोहित चावला ने बताया कि 1959 में चीन के साथ भारत सीमाओं की रक्षा करते हुए दस पुलिस कर्मियों के बलिदान का दिन मनाया जाता है। 1959 की शरद ऋतु तक तिब्बत के साथ भारत के 2500 मील लंबी सीमा की रक्षा करने की जिम्मेदारी भारतीय पुलिस कर्मियों की सौंपी गई थी।
20 अक्तूबर को तीन अभियानों के लिए पूर्वोत्तर लद्दाख में हॉट स्प्रिंग्स से एक भारतीय अभियान की शुरुआत की गई। पुलिस टीम को अलग-अलग भागों में बाटा गया। कुछ टीमें पैदल और कुछ घोड़ों पर सवार थीं। टीमों की अगुवाई कर्म सिंह कर रहे थे। जैसे ही पुलिस कर्मियों की टुकड़ी एक पहाड़ी के समीप पहुंची तो चीनी सेना ने भारतीय जवानों पर ग्रेनेड फेंक दिया। इसमें पुलिस के दस जवान शहीद हो गए। जबकि सात घायल जवानों को चीनी सेना ने बंधी बना लिया। इसके बाद शहीद जवानों के शवों को सीमा से वापस लाया और उनका राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। इन्हीं शहीद जवानों की याद में शहीदी दिवस मनाया जाता है। पुलिस अधीक्षक मोहित चावला ने कहा कि जवानों की बहादुरी काबिले तारीफ है।
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20 अक्तूबर को तीन अभियानों के लिए पूर्वोत्तर लद्दाख में हॉट स्प्रिंग्स से एक भारतीय अभियान की शुरुआत की गई। पुलिस टीम को अलग-अलग भागों में बाटा गया। कुछ टीमें पैदल और कुछ घोड़ों पर सवार थीं। टीमों की अगुवाई कर्म सिंह कर रहे थे। जैसे ही पुलिस कर्मियों की टुकड़ी एक पहाड़ी के समीप पहुंची तो चीनी सेना ने भारतीय जवानों पर ग्रेनेड फेंक दिया। इसमें पुलिस के दस जवान शहीद हो गए। जबकि सात घायल जवानों को चीनी सेना ने बंधी बना लिया। इसके बाद शहीद जवानों के शवों को सीमा से वापस लाया और उनका राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। इन्हीं शहीद जवानों की याद में शहीदी दिवस मनाया जाता है। पुलिस अधीक्षक मोहित चावला ने कहा कि जवानों की बहादुरी काबिले तारीफ है।
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