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Solan News: राज कूहल के साथ लगते 100 साल पुराने पेड़ों पर चली कुल्हाड़ी
Wed, 19 Jun 2024 11:45 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन
Updated Wed, 19 Jun 2024 11:45 PM IST
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छह माह के भीतर कट चुके 7 पेड़, पंचायत प्रतिनिधि हैं नाराज
राजकूहल के नाम पर है जमीन, वन विभाग दे रहा है अनुमति
संवाद न्यूज एजेंसी
बद्दी(सोलन)। दून व नालागढ़ की 7 पंचायतों को सिंचाई देने वाली राज कूहल के साथ लगते पेड़ों की लगातार कटाई होने से पर्यावरण को नुकसान हो रहा है। राज कूहल के साथ 100 साल पुराने पेड़ों पर कुल्हाड़ी चलाई जा रही है। लगातार कट रहे पेड़ों से तापमान बढ़ रहा है। जिस हिसाब से पेड़ कट रहे हैं उस हिसाब से नए पेड़ नहीं लग रहे। बुधवार को भी यहां पर दो पेड़ काटे गए जबकि सर्दियों में भी पांच पेड़ काटे गए थे।
60 के दशक में नालागढ़ के राजा ने कूहल का निर्माण किया। इस कूहल से 7 पंचायतों को सिंचाई सुविधा मिलती थी। राजस्व विभाग ने राज कूहल के नाम पर जमीन की है। इस जमीन पर स्वयं पेड़ तैयार हो गए हैं। 100-100 साल पुराने पेड़ों को कुछ लोग खेत खराब होने व कुछ मकानों को खतरा होने के नाम पर कटवा रहे है। जो कि चिंता का विषय है।
सनेड़ पंचायत के पूर्व प्रधान देवराज चौधरी व कमल कुमार ने बताया कि सनेड़ पंचायत में राज कूहल के साथ लगते सफेदा के 100 साल पुराने दो पेड़ों पर बुधवार को कुल्हाड़ी चली है। यह पेड़ मानव जीवन के साथ-साथ हमारी फसलों के लिए भी काफी उपयोगी हैं लेकिन इन पेड़ों पर लगातार कुल्हाड़ी चलना चिंता का विषय है। उन्होंने इन पेड़ो को काटने की अनुमति न देने के मांग की है।
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उधर, वनमंडलाधिकारी विकल्प यादव ने बताया बुधवार को काटे गए पेड़ों से मकानों को खतरा था। जिसके चलते इनकी परमिशन देने के बाद काटा गया है।
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राजकूहल के नाम पर है जमीन, वन विभाग दे रहा है अनुमति
संवाद न्यूज एजेंसी
बद्दी(सोलन)। दून व नालागढ़ की 7 पंचायतों को सिंचाई देने वाली राज कूहल के साथ लगते पेड़ों की लगातार कटाई होने से पर्यावरण को नुकसान हो रहा है। राज कूहल के साथ 100 साल पुराने पेड़ों पर कुल्हाड़ी चलाई जा रही है। लगातार कट रहे पेड़ों से तापमान बढ़ रहा है। जिस हिसाब से पेड़ कट रहे हैं उस हिसाब से नए पेड़ नहीं लग रहे। बुधवार को भी यहां पर दो पेड़ काटे गए जबकि सर्दियों में भी पांच पेड़ काटे गए थे।
60 के दशक में नालागढ़ के राजा ने कूहल का निर्माण किया। इस कूहल से 7 पंचायतों को सिंचाई सुविधा मिलती थी। राजस्व विभाग ने राज कूहल के नाम पर जमीन की है। इस जमीन पर स्वयं पेड़ तैयार हो गए हैं। 100-100 साल पुराने पेड़ों को कुछ लोग खेत खराब होने व कुछ मकानों को खतरा होने के नाम पर कटवा रहे है। जो कि चिंता का विषय है।
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सनेड़ पंचायत के पूर्व प्रधान देवराज चौधरी व कमल कुमार ने बताया कि सनेड़ पंचायत में राज कूहल के साथ लगते सफेदा के 100 साल पुराने दो पेड़ों पर बुधवार को कुल्हाड़ी चली है। यह पेड़ मानव जीवन के साथ-साथ हमारी फसलों के लिए भी काफी उपयोगी हैं लेकिन इन पेड़ों पर लगातार कुल्हाड़ी चलना चिंता का विषय है। उन्होंने इन पेड़ो को काटने की अनुमति न देने के मांग की है।
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उधर, वनमंडलाधिकारी विकल्प यादव ने बताया बुधवार को काटे गए पेड़ों से मकानों को खतरा था। जिसके चलते इनकी परमिशन देने के बाद काटा गया है।