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Himachal News: दोस्त ने ही किया फ्रॉड, मैनेजर के साथ मिलकर की 1 करोड़ की धोखाधड़ी; दोनों आरोपी गिरफ्तार
Wed, 29 Jan 2025 09:53 PM IST
अंकेश डोगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन।
संवाद न्यूज एजेंसी, सोलन।
Published by: अंकेश डोगरा
Updated Wed, 29 Jan 2025 09:53 PM IST
सार
कोऑपरेटिव सोसायटी के चेयरमैन सुशील कुमार गर्ग और मैनेजर अमर लाल कश्यप को गिरफ्तार किया है। सोसायटी के अध्यक्ष ने अपने ही दोस्त को एक करोड़ से अधिक का चूना लगा दिया। पढ़ें पूरा मामला...
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
सुबाथू के समीप एक पेट्रोल पंप मालिक के नाम पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर लोन लेने के मामले में पुलिस ने कोऑपरेटिव सोसायटी के चेयरमैन सुशील कुमार गर्ग और मैनेजर अमर लाल कश्यप को गिरफ्तार किया है। पेट्रोल पंप मालिक परस राम ने अपने दोस्त सुशील समेत दो लोगों पर एक करोड़ की धोखाधड़ी का मामला दर्ज करवाया था।
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सोलन के पुलिस अधीक्षक गौरव सिंह के अनुसार जांच में पाया गया कि दोनों ने मिलीभगत से शिकायतकर्ता के नाम से फर्जी दस्तावेज तैयार कर लोन लिया। धोखाधड़ी कर शिकायतकर्ता के नाम से एक करोड़ की देनदारियां खड़ी कर दीं। एसपी ने बताया कि 17 मई 2023 को शांति फिलिंग स्टेशन रड़ियाणा सुबाथू के मालिक परस राम ने धर्मपुर थाने में शिकायत दी कि 2020 में आईजीएमसी शिमला में उपचाराधीन थे। इस दौरान सुशील निवासी सुबाथू को पेट्रोल पंप का कार्य सौंप दिया। अपनी पंजाब नेशनल बैंक और एचडीएफसी बैंक की दो चेक बुक भी उसे सौंप दीं, ताकि कारोबार में दिक्कत न आए।
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आरोप है कि सुशील आमदनी इन खातों में जमा न करवाकर अपनी को-ऑपरेटिव सोसायटी में जमा करवाता रहा। खुद को फिलिंग स्टेशन में पार्टनर होने संबंधी फर्जी दस्तावेज तैयार किए, जिसमें उसने पेट्रोल पंप में 50 फीसदी शेयर का हिस्सेदार बताया। सुशील ने इनके नाम से एनएटीसीएस सुबाथू में फर्जी हस्ताक्षर से इनके नाम का खाता खोलकर लोन ले लिया। पेट्रोल पंप की आमदनी भी इसी खाते में डायवर्ट कर दी।
खाते का संचालन सुशील सोसायटी के मैनेजर की मिलीभगत से करता था। सुशील उपरोक्त खाते से पैसों को अपने पीएनबी के बैंक खाते में ट्रांसफर करवाता था। परस राम ने बताया कि वर्ष 2022 में जब यह वापस पेट्रोल पंप पर आए तो इन्हें इनके सीए के माध्यम से ज्ञात हुआ कि बैलेंस शीट के अनुसार करीब 80 लाख की नकदी की कमी पाई गई। परस राम ने आरोप लगाया कि सुशील ने फिलिंग स्टेशन में करीब एक करोड़ की हेराफेरी की है।
खाते का संचालन सुशील सोसायटी के मैनेजर की मिलीभगत से करता था। सुशील उपरोक्त खाते से पैसों को अपने पीएनबी के बैंक खाते में ट्रांसफर करवाता था। परस राम ने बताया कि वर्ष 2022 में जब यह वापस पेट्रोल पंप पर आए तो इन्हें इनके सीए के माध्यम से ज्ञात हुआ कि बैलेंस शीट के अनुसार करीब 80 लाख की नकदी की कमी पाई गई। परस राम ने आरोप लगाया कि सुशील ने फिलिंग स्टेशन में करीब एक करोड़ की हेराफेरी की है।