{"_id":"671e319f9aadb30ef9091574","slug":"so-far-1350-ration-cards-have-been-blocked-in-himachal-pradesh-2024-10-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Himachal News: हिमाचल प्रदेश में अब तक 1,350 राशन कार्ड ब्लॉक, जानें क्यों हो रहा है ऐसा; क्या है पूरा मामला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Himachal News: हिमाचल प्रदेश में अब तक 1,350 राशन कार्ड ब्लॉक, जानें क्यों हो रहा है ऐसा; क्या है पूरा मामला
Mon, 28 Oct 2024 05:00 AM IST
अंकेश डोगरा
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Published by: अंकेश डोगरा
Updated Mon, 28 Oct 2024 05:00 AM IST
सार
हिमाचल प्रदेश में तीन महीने से सस्ता राशन न लेने वाले उपभोक्ताओं के राशन कार्ड ब्लॉक होना शुरू हो चुके हैं। वहीं, हिमाचल में पोर्टेबिलिटी योजना के काम न करने से कई उपभोक्ता परेशान हैं। पढ़ें पूरी खबर...
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
विस्तार
खाद्य नागरिक एवं उपभोक्ता मामले विभाग ने डिपो से लगातार तीन माह तक सस्ता राशन न लेने वाले उपभोक्ताओं के राशन कार्ड ब्लॉक करने शुरू कर दिए हैं। अब तक प्रदेश के 1,350 कार्ड बंद किए जा चुके हैं। विभाग का मानना है कि इन उपभोक्ताओं को सस्ते राशन की जरूरत नहीं होगी, इसीलिए यह डिपो से रास्ता राशन नहीं ले रहे होंगे। प्रदेश सरकार ने जिला खाद्य नियंत्रक अधिकारियों को तीन महीने से राशन न लेने वाले उपभोक्ताओं के कार्ड ब्लॉक कर मुख्यालय को सूचित करने के निर्देश दिए हैं।
विज्ञापन
वहीं, हिमाचल में पोर्टेबिलिटी योजना के काम न करने से कई उपभोक्ता परेशान हैं। इस योजना के मुताबिक लोग हिमाचल में कहीं भी किसी भी डिपो से सस्ता राशन ले सकते हैं। ऐसे में इन लोगों के कार्ड भी ब्लॉक हो रहे हैं। हालांकि कई उपभोक्ताओं को अपना कार्ड बंद होने से बचाने के लिए गांव जाकर राशन लेना पड़ रहा है। हिमाचल प्रदेश में साढ़े 19 लाख राशन कार्ड उपभोक्ता हैं। प्रदेश सरकार उपभोक्ताओं को सब्सिडी पर तीन दालें (मलका, माश, दाल चना), दो लीटर तेल (रिफाइंड और सरसों), 500 ग्राम प्रति व्यक्ति चीनी और एक किलो नमक दे रही है। इसके अलावा गेंहू और चावल केंद्र सरकार सब्सिडी पर उपलब्ध करा रही है।
विज्ञापन
कई लोग ऐसे हैं, जिन्होंने केवाईसी नहीं करवाई है, उनके कार्ड भी ब्लॉक हो रहे हैं। कई लोग राशन नहीं ले रहे हैं। इनका राशन डिपो व गोदामों में पड़ा रहता है। ऐसे में यह राशन जरूरतमंद को मिलना चाहिए- राम कुमार गौतम, निदेशक, खाद्य नागरिक एवं उपभोक्ता मामले विभाग
विज्ञापन