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सिरमौर में तूफानी हवाओं का कहर, धान की खेती तबाह
ब्यूरो अमर उजाला धौलाकुआं (सिरमौर)।
Updated Wed, 05 Oct 2016 10:38 PM IST
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धौलाकुआं (सिरमौर)। जनपद सिरमौर में एक बार फिर मौसम ने कहर बरपा दिया है। मंगलवार मध्य रात्रि जिलाभर में आसमान पर जोरदार बिजलियां कड़की और तेज तूफानी हवाएं चलीं। हालांकि बारिश नाममात्र ही हुई लेकिन तूफानी हवाओं के चलते धान की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। लगभग 50 प्रतिशत धान की फसल खेतों में ही ढह गई है। इससे धान उत्पादक बैकफुट पर आ गए हैं।
पांवटा क्षेत्र में भारी बारिश और तूफान से धान और गन्ने की फसल को भारी नुकसान। मंगलवार आधी रात को अचानक आई आंधी और तूफान के चलते किसानों की पचास फीसदी धान की फसल बर्बाद हो चुकी है। कुछ किसानों की धान की कटी फसल में बारिश का पानी भर गया है जिससे खेतों में तैयार धान तबाह हो गया है।
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गौरतलब है कि इन दिनों धान की फसल तैयार है। लोग धान की कटाई का कार्य शुरू करने वाले हैं लेकिन ऐन मौके पर बरपा मौसम के कहर ने किसानों की रीढ़ तोड़ दी है। पांवटा के शिवपुर, काहनु वाला, शुभ खेड़ा, बहराल, सतीवाला, कुडियों, गुलाबगढ़ में तूफान का कहर बरपा है। कुडियों पंचायत प्रधान सरवण सिंह, शराफत अली, घुमान सिंह, दर्शन सिंह, शेर सिंह ने बताया कि इस साल तूफान ने दूसरी बार नुकसान पहुंचाया है।
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उधर, बुधवार शाम को भी मौसम खराब हो गया है। नाहन में हल्की बूंदा-बांदी शुरू हो गई है। ऐसे में किसानों की भी धुकधुकी बढ़ने लगी ह।ै