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Sirmour News: राज्य स्तरीय वामन द्वादशी मेले की सांस्कृतिक संध्या में नाटियों पर झूमे दर्शक
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राज्य स्तरीय वामन द्वादशी मेले की सांस्कृतिक संध्या में प्रस्तुति देते कलाकार। संवाद
-रघुवीर सिंह, अजय चौहान और अर्जुन तोमर ने पहाड़ी गीतों से बांधा समां
-पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गंगू राम मुसाफिर रहे मुख्य अतिथि, मेले को बताया संस्कृति और मेलजोल का माध्यम
संवाद न्यूज एजेंसी
सराहां (सिरमौर)। राज्य स्तरीय वामन द्वादशी मेले की तीसरी सांस्कृतिक संध्या पहाड़ी संस्कृति और लोक संगीत के रंग में रंगी रही। स्टार कलाकार रघुवीर सिंह, अजय चौहान और अर्जुन तोमर ने अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों का मनोरंजन किया। कलाकारों की नाटियों और पहाड़ी गीतों पर दर्शक देर तक झूमते रहे। लोकप्रिय गीतों की प्रस्तुतियों के दौरान पंडाल में मौजूद लोगों ने तालियों के साथ कलाकारों का उत्साह बढ़ाया।
सांस्कृतिक संध्या में रघुवीर सिंह ने अपने लोकप्रिय पहाड़ी गीतों की प्रस्तुतियां दीं। उन्होंने तेरा मेरा प्यार आड़िये, बेलुए बुरा आया जमाना, यार नहीं मिलना, मेरा सिरमौरो बड़ा प्यारा, देवा शिरगुला और लाल चिड़िये समेत कई गीत प्रस्तुत किए। उनके गीतों पर दर्शक अपनी जगह पर थिरकते नजर आए।
इसके बाद मंच पर पहुंचे अजय चौहान और अर्जुन तोमर ने भी एक के बाद एक पहाड़ी गीत और नाटियां प्रस्तुत कर माहौल को जीवंत बनाए रखा। दोनों कलाकारों ने आज पावने तेरे हो धारो पांदे री ए गुजरिये, टेंशन नहीं लेने का, नीलिमा हो नीलिमा, झूठे तेरे वादे, झुमका-झुमका, नाटी रा चस्का बुरा और इश्क हुआ आपसे सहित कई प्रस्तुतियां दीं। कलाकारों की प्रस्तुतियों पर दर्शकों ने जमकर तालियां बजाईं और नृत्य किया।
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कार्यक्रम में पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गंगू राम मुसाफिर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि मेले हिमाचल की समृद्ध लोक संस्कृति और परंपराओं को आगे बढ़ाने के साथ लोगों के बीच आपसी मेलजोल बढ़ाने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। ऐसे आयोजनों से स्थानीय कलाकारों को मंच मिलता है और नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति से जुड़ने का अवसर मिलता है।
उन्होंने राज्य स्तरीय वामन द्वादशी मेले के आयोजन के लिए प्रशासन को बधाई देते हुए कहा कि मेला लगातार अपनी अलग पहचान मजबूत कर रहा है। उन्होंने आयोजन में शामिल कलाकारों और स्थानीय लोगों की सहभागिता की भी सराहना की। सांस्कृतिक संध्या में एसडीएम पच्छाद डॉ. प्रियंका चंद्रा, दयाल प्यारी, तहसीलदार पच्छाद जगपाल सिंह, नायब तहसीलदार रशीद अहमद समेत प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे।-- -- -- -- -- -
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-पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गंगू राम मुसाफिर रहे मुख्य अतिथि, मेले को बताया संस्कृति और मेलजोल का माध्यम
संवाद न्यूज एजेंसी
सराहां (सिरमौर)। राज्य स्तरीय वामन द्वादशी मेले की तीसरी सांस्कृतिक संध्या पहाड़ी संस्कृति और लोक संगीत के रंग में रंगी रही। स्टार कलाकार रघुवीर सिंह, अजय चौहान और अर्जुन तोमर ने अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों का मनोरंजन किया। कलाकारों की नाटियों और पहाड़ी गीतों पर दर्शक देर तक झूमते रहे। लोकप्रिय गीतों की प्रस्तुतियों के दौरान पंडाल में मौजूद लोगों ने तालियों के साथ कलाकारों का उत्साह बढ़ाया।
सांस्कृतिक संध्या में रघुवीर सिंह ने अपने लोकप्रिय पहाड़ी गीतों की प्रस्तुतियां दीं। उन्होंने तेरा मेरा प्यार आड़िये, बेलुए बुरा आया जमाना, यार नहीं मिलना, मेरा सिरमौरो बड़ा प्यारा, देवा शिरगुला और लाल चिड़िये समेत कई गीत प्रस्तुत किए। उनके गीतों पर दर्शक अपनी जगह पर थिरकते नजर आए।
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इसके बाद मंच पर पहुंचे अजय चौहान और अर्जुन तोमर ने भी एक के बाद एक पहाड़ी गीत और नाटियां प्रस्तुत कर माहौल को जीवंत बनाए रखा। दोनों कलाकारों ने आज पावने तेरे हो धारो पांदे री ए गुजरिये, टेंशन नहीं लेने का, नीलिमा हो नीलिमा, झूठे तेरे वादे, झुमका-झुमका, नाटी रा चस्का बुरा और इश्क हुआ आपसे सहित कई प्रस्तुतियां दीं। कलाकारों की प्रस्तुतियों पर दर्शकों ने जमकर तालियां बजाईं और नृत्य किया।
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कार्यक्रम में पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गंगू राम मुसाफिर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि मेले हिमाचल की समृद्ध लोक संस्कृति और परंपराओं को आगे बढ़ाने के साथ लोगों के बीच आपसी मेलजोल बढ़ाने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। ऐसे आयोजनों से स्थानीय कलाकारों को मंच मिलता है और नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति से जुड़ने का अवसर मिलता है।
उन्होंने राज्य स्तरीय वामन द्वादशी मेले के आयोजन के लिए प्रशासन को बधाई देते हुए कहा कि मेला लगातार अपनी अलग पहचान मजबूत कर रहा है। उन्होंने आयोजन में शामिल कलाकारों और स्थानीय लोगों की सहभागिता की भी सराहना की। सांस्कृतिक संध्या में एसडीएम पच्छाद डॉ. प्रियंका चंद्रा, दयाल प्यारी, तहसीलदार पच्छाद जगपाल सिंह, नायब तहसीलदार रशीद अहमद समेत प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे।

राज्य स्तरीय वामन द्वादशी मेले की सांस्कृतिक संध्या में प्रस्तुति देते कलाकार। संवाद