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सिरमौर में 59 हजार बेरोजगार, तेजी से बढ़ रहा आंकड़ा
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नाहन (सिरमौर)। जनपद सिरमौर में बेरोजगारी का आंकड़ा दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। ताजा आंकड़ों के अनुसार जिले में बेरोजगारों की संख्या 59 हजार पहुंच गई है। ये सभी पढ़े-लिखे और शिक्षित बेरोजगार हैं, जिनके आंकड़े जिला रोजगार कार्यालय नाहन में दर्ज हैं। बेरोजगारी के इस आंकड़े में वह युवा शामिल हैं जो रोजगार विभाग में अपनी रिन्यूवल को समय-समय पर अपडेट करते आ रहे हैं।
कोविड महामारी के बीच रोजगार का आंकड़ा सिमट कर रह गया है। रोजगार विभाग के माध्यम से निजी क्षेत्र में लोगों को रोजगार मिलता आ रहा है लेकिन डेढ़ साल के भीतर कोविड महामारी के बीच निजी क्षेत्रों में भी रिक्तियों का भारी अभाव रहा।
जिला सिरमौर में कालाअंब और पांवटा साहिब इलाके औद्योगिक क्षेत्र होने के बावजूद भी रोजगार की कमी रही। आंकड़ों पर नजर डाली जाए तो डेढ़ साल के दौरान जिले में नाममात्र उद्योगों ने महज 100 लोगों को ही रोजगार मिला। निजी क्षेत्र में अप्रैल 2020 से मार्च 2021 तक रोजगार विभाग को 942 पदों को भरने की मांग मिली लेकिन इनमें से मात्र 91 लोगों को ही रोजगार मिल पाया।
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इसी तरह मार्च से अब तक 300 पदों को भरने के मांग विभाग को मिली, जिसमें नौ लोग रोजगार ले पाए। लिहाजा, डेढ़ साल में रोजगार का आंकड़ा महज 100 के आंकड़े पर ही सिमट कर रह गया।
बता दें कि कोविड के कारण न तो कैंपस इंटरव्यू हो पा रहे हैं और न ही रोजगार मेले लग पाए हैं। लंबे अरसे से रोजगार मेले के अभाव में भी बेरोजगारी बढ़ रही है। वहीं, उद्योगों में भी रोजगार के द्वार नहीं खुल पाए हैं। उद्योग सहित अन्य निजी संस्थान भी युवाओं को रोजगार देने में दिलचस्पी नहीं ले रहे हैं। इससे युवाओं को भी मायूसी हाथ लग रही है।
कार्यवाहक जिला रोजगार अधिकारी संजय कुमार ने बताया कि कोविड के बीच बेरोजगारी बढ़ी है। उन्होंने कहा कि निजी क्षेत्रों से विभाग को रोजगार के लिए मांग मिलती है लेकिन कोविड के चलते कम मांग मिली। डेढ़ साल में 100 के करीब लोगों को रोजगार मिला है। 15 जुलाई के बाद रोजगार के अवसर खुलने की उम्मीद है। कुछ उद्योगों में विभिन्न पदों के लिए शिक्षित युवाओं की भर्ती की जाएगी।
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कोविड महामारी के बीच रोजगार का आंकड़ा सिमट कर रह गया है। रोजगार विभाग के माध्यम से निजी क्षेत्र में लोगों को रोजगार मिलता आ रहा है लेकिन डेढ़ साल के भीतर कोविड महामारी के बीच निजी क्षेत्रों में भी रिक्तियों का भारी अभाव रहा।
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जिला सिरमौर में कालाअंब और पांवटा साहिब इलाके औद्योगिक क्षेत्र होने के बावजूद भी रोजगार की कमी रही। आंकड़ों पर नजर डाली जाए तो डेढ़ साल के दौरान जिले में नाममात्र उद्योगों ने महज 100 लोगों को ही रोजगार मिला। निजी क्षेत्र में अप्रैल 2020 से मार्च 2021 तक रोजगार विभाग को 942 पदों को भरने की मांग मिली लेकिन इनमें से मात्र 91 लोगों को ही रोजगार मिल पाया।
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इसी तरह मार्च से अब तक 300 पदों को भरने के मांग विभाग को मिली, जिसमें नौ लोग रोजगार ले पाए। लिहाजा, डेढ़ साल में रोजगार का आंकड़ा महज 100 के आंकड़े पर ही सिमट कर रह गया।
बता दें कि कोविड के कारण न तो कैंपस इंटरव्यू हो पा रहे हैं और न ही रोजगार मेले लग पाए हैं। लंबे अरसे से रोजगार मेले के अभाव में भी बेरोजगारी बढ़ रही है। वहीं, उद्योगों में भी रोजगार के द्वार नहीं खुल पाए हैं। उद्योग सहित अन्य निजी संस्थान भी युवाओं को रोजगार देने में दिलचस्पी नहीं ले रहे हैं। इससे युवाओं को भी मायूसी हाथ लग रही है।
कार्यवाहक जिला रोजगार अधिकारी संजय कुमार ने बताया कि कोविड के बीच बेरोजगारी बढ़ी है। उन्होंने कहा कि निजी क्षेत्रों से विभाग को रोजगार के लिए मांग मिलती है लेकिन कोविड के चलते कम मांग मिली। डेढ़ साल में 100 के करीब लोगों को रोजगार मिला है। 15 जुलाई के बाद रोजगार के अवसर खुलने की उम्मीद है। कुछ उद्योगों में विभिन्न पदों के लिए शिक्षित युवाओं की भर्ती की जाएगी।