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Sirmour News: ओजोन परत क्षीण हुई तो पृथ्वी की जलवायु प्रणाली हो सकती है असंतुलित
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कालाअंब में ओजोन दिवस पर हई बैठक में मौजूद उद्योगों के प्रतिनिधि व अधिकारी। संवाद
संवाद न्यूज़ एजेंसी
कालाअंब (सिरमौर)। हिमाचल प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने ओजोन दिवस के उपलक्ष्य में मंगलवार को कालाअंब में उद्योग जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। इसमें बड़ी संख्या में उद्योग प्रतिनिधियों, पर्यावरण विशेषज्ञों और अधिकारियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य उद्योग जगत में ओजोन परत की सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना था।
कार्यक्रम में एनआईटीटीटीआर चंडीगढ़ के प्रो. डॉ. संजय शर्मा ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि विश्व स्तर पर ओजोन परत की रक्षा के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल को वैश्विक स्तर पर सबसे सफल पर्यावरणीय समझौता माना जाता है और उद्योग जगत की सक्रिय भागीदारी के बिना इसके लक्ष्य को पूरा नहीं किया जा सकता।
उन्होंने उद्योग संचालकों से अपील की कि वह प्रदूषण रोकने, स्वच्छ ऊर्जा अपनाने और नई तकनीकों के प्रयोग में अग्रणी भूमिका निभाएं।
क्षेत्रीय अधिकारी अतुल परमार ने ओजोन परत की वैज्ञानिक भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि समतापमंडल में लगभग 10 से 50 किलोमीटर की उंचाई पर फैली ओजोन परत सूर्य से आने वाली हानिकारक पराबैंगनी विकिरण को अवशोषित करती है। यदि यह परत क्षीण होती है तो पृथ्वी की जलवायु प्रणाली असंतुलित हो सकती है और पारिस्थितिक तंत्र पर व्यापक प्रभाव पड़ सकते हैं। उन्होंने बताया कि भारत ने अंतरराष्ट्रीय समझौते मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल के अंतर्गत अब तक इन हानिकारक गैसों का लगभग 99 प्रतिशत उपयोग समाप्त कर दिया है, जो एक बड़ी उपलब्धि है।
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उन्होंने उद्योग जगत से आग्रह किया कि वे पर्यावरण अनुकूल विकल्पों और नई स्वच्छ तकनीकों को अपनाकर इस मिशन को और मजबूत बनाएं। इस मौके पर मैनकाइंड फार्मा लिमिटेड, ब्लू स्टार लिमिटेड और पिडिलाइट इंडस्ट्रीज के विशेषज्ञों ने भी अपने विचार साझा किए। इसके बाद प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता भी आयोजित की गई, जिसमें ओजोन परत, पर्यावरणीय नीतियों और सतत औद्योगिक उपायों से जुड़े प्रश्न पूछे गए। सही उत्तर देने वाले प्रतिभागियों को भागीदारी प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड कालाअंब के कनिष्ठ अभियंता नवीन कुमार, उद्यमी सीएस पुष्करना, संजय सिंगला, दीपक, सुशील सैनी, सुरेंद्र जैन सहित अन्य उद्यमी भी उपस्थित रहे।
-- -संवाद
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कालाअंब (सिरमौर)। हिमाचल प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने ओजोन दिवस के उपलक्ष्य में मंगलवार को कालाअंब में उद्योग जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। इसमें बड़ी संख्या में उद्योग प्रतिनिधियों, पर्यावरण विशेषज्ञों और अधिकारियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य उद्योग जगत में ओजोन परत की सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना था।
कार्यक्रम में एनआईटीटीटीआर चंडीगढ़ के प्रो. डॉ. संजय शर्मा ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि विश्व स्तर पर ओजोन परत की रक्षा के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल को वैश्विक स्तर पर सबसे सफल पर्यावरणीय समझौता माना जाता है और उद्योग जगत की सक्रिय भागीदारी के बिना इसके लक्ष्य को पूरा नहीं किया जा सकता।
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उन्होंने उद्योग संचालकों से अपील की कि वह प्रदूषण रोकने, स्वच्छ ऊर्जा अपनाने और नई तकनीकों के प्रयोग में अग्रणी भूमिका निभाएं।
क्षेत्रीय अधिकारी अतुल परमार ने ओजोन परत की वैज्ञानिक भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि समतापमंडल में लगभग 10 से 50 किलोमीटर की उंचाई पर फैली ओजोन परत सूर्य से आने वाली हानिकारक पराबैंगनी विकिरण को अवशोषित करती है। यदि यह परत क्षीण होती है तो पृथ्वी की जलवायु प्रणाली असंतुलित हो सकती है और पारिस्थितिक तंत्र पर व्यापक प्रभाव पड़ सकते हैं। उन्होंने बताया कि भारत ने अंतरराष्ट्रीय समझौते मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल के अंतर्गत अब तक इन हानिकारक गैसों का लगभग 99 प्रतिशत उपयोग समाप्त कर दिया है, जो एक बड़ी उपलब्धि है।
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उन्होंने उद्योग जगत से आग्रह किया कि वे पर्यावरण अनुकूल विकल्पों और नई स्वच्छ तकनीकों को अपनाकर इस मिशन को और मजबूत बनाएं। इस मौके पर मैनकाइंड फार्मा लिमिटेड, ब्लू स्टार लिमिटेड और पिडिलाइट इंडस्ट्रीज के विशेषज्ञों ने भी अपने विचार साझा किए। इसके बाद प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता भी आयोजित की गई, जिसमें ओजोन परत, पर्यावरणीय नीतियों और सतत औद्योगिक उपायों से जुड़े प्रश्न पूछे गए। सही उत्तर देने वाले प्रतिभागियों को भागीदारी प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड कालाअंब के कनिष्ठ अभियंता नवीन कुमार, उद्यमी सीएस पुष्करना, संजय सिंगला, दीपक, सुशील सैनी, सुरेंद्र जैन सहित अन्य उद्यमी भी उपस्थित रहे।