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माता के जयकारों से गूंजा त्रिलोकपुर, 10 हजार भक्तों ने नवाया शीश

Thu, 07 Oct 2021 11:03 PM IST
Shimla	 Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Thu, 07 Oct 2021 11:03 PM IST
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Trilokpur resonated with mother's cheers, 10 thousand devotees got their heads renewed
त्रिलोकपुर में माता बालासुंदरी के दर्शन के लिए कतार में खड़े श्रद्धालू। - फोटो : NAHAN
नाहन (सिरमौर)। उत्तर भारत के प्रसिद्ध महामाया बालासुंदरी मंदिर त्रिलोकपुर में शारदीय नवरात्र मेले के पहले दिन 10 हजार श्रद्धालुओं ने माता के दरबार में शीश नवाया। इस दौरान मंदिर परिसर माता के जयकारों से गूंज उठा।
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सुबह पांच बजे मुख्य आरती के बाद मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए थे। इसके बाद बारी-बारी से श्रद्धालुओं ने माता के दरबार में हाजिरी भरी। दिनभर मंदिर परिसर में माता के भक्तों के पहुंचने का क्रम बना रहा। मंदिर परिसर में थर्मल स्क्रीनिंग के बाद भक्तों में मंदिर में प्रवेश मिला। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिर परिसर में व्यापक प्रबंध किए गए थे।
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उपायुक्त सिरमौर रामकुमार गौतम और नाहन के विधायक डा. राजीव बिंदल ने सुबह 5 बजे मंदिर पहुंचकर आरती में हिस्सा लिया और मां बालासुंदरी के दर्शन किए। इसके बाद उपायुक्त ने मंदिर परिसर में व्यवस्थाओं का जायजा भी लिया। नवरात्र के पहले दिन जिला प्रशासन की ओर से जारी किए गए कोविड-19 के नियमों का सख्ती से पालन करवाया गया। इसके साथ साथ जिला मुख्यालय नाहन स्थित काली माता मंदिर, जमटा स्थित माता बालासुंदरी मंदिर व जिले के अन्य मंदिरों में भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटी। जहां मंदिर प्रबंधन ने अपने स्तर पर व्यवस्थाएं जुटाईं। उपायुक्त सिरमौर एवं आयुक्त त्रिलोकपुर मंदिर न्यास रामकुमार गौतम ने बताया कि पहले दिन माता के दरबार में श्रद्धालुओं ने 7 लाख 50 हजार रुपये नकद राशि और एक किलो 50 ग्राम चांदी चढ़ावे के रूप में अर्पित की। उन्होंने बताया कि त्रिलोकपुर में 20 अक्तूबर तक चलने वाले मेले के दौरान श्रद्धालुओं को कोविड-19 के प्रोटोकॉल का पालन करना होगा। मंदिर प्रवेश के दौरान श्रद्धालुओं को न्यूनतम छह फीट की दूरी बनाए रखनी होगी। मंदिर में भजन-कीर्तन की अनुमति नहीं है। धर्मशालाओं में 50 प्रतिशत क्षमता पर रात्रि ठहराव की व्यवस्था की गई है।
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