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Sirmour News: चेक बाउंस मामले में तीन साझेदारों के 1-1 साल कैद, 15-15 लाख जुर्माना

Sat, 27 Dec 2025 11:45 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sat, 27 Dec 2025 11:45 PM IST
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Three partners sentenced to one year imprisonment and a fine of Rs 15 lakh each in a cheque bounce case.
कोर्ट ने कागज की देनदारियां न करने पर ठहराया दोषी
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साल 2016 का मामला, क्राफ्ट पेपर, डुप्लेक्स बोर्ड कोटिंग, लेमिनेशन बीओपीपी फिल्म सामग्री का नहीं किया भुगतान
दीपक मेहता
नाहन (सिरमौर)। अदालत ने आठ साल पुराने चेक बाउंस के मामले में कागज की देनदारियां न करने पर श्री माता बाला सुंदरी लाइटिंग्स फर्म और उसके तीन साझेदारों को दोषी करार दिया।
न्यायिक दंडाधिकारी विकास कपूर ने महादेव एंटरप्राइजेज की तीन शिकायतों पर ये फैसला सुनाया। इसमें नाहन निवासी दोषी रविकांत, अनिल कुमार और पियूष को एक-एक साल की सजा सुनाई गई। साथ ही तीनों को 15-15 लाख का जुर्माना भी लगाया। इसे अदा न करने पर दोषियों को दो महीने का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। अदालत ने माना कि देनदारी के बदले दिए तीनों चेक जानबूझकर बिना पर्याप्त राशि के जारी किए गए थे।
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शिकायतकर्ता रितेश अग्रवाल महादेव इंटरप्राइजेज कंपनी के नाम से व्यवसाय करते हैं। मई 2016 को उनके और फर्म के साझेदारों के बीच समझौता हुआ। इसके तहत आरोपियों ने क्राफ्ट पेपर, डुप्लेक्स बोर्ड कोटिंग, लेमिनेशन बीओपीपी फिल्म सामग्री के लिए शिकायतकर्ता के प्रति 29,53,902 रुपये की देनदारी स्वीकार की। दावा किया था कि सामान की आपूर्ति के बदले में आरोपियों ने भुगतान के लिए सितंबर 2017 में तीन चेक दिए थे। सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया कालाअंब में चेक बाउंस हो गए। इसके बाद शिकायतकर्ता की ओर से नोटिस भी भेजा गया। इसके बावजूद तय समय में राशि का भुगतान नहीं किया गया।
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इसके बावद साल 2017 में अदालत में तीन अलग-अलग शिकायतें दर्ज करवाई गई। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने बैंक रिकॉर्ड, गवाहों के बयान और दस्तावेजी साक्ष्यों का अवलोकन किया। बचाव पक्ष की ओर से चेक के दुरुपयोग और वैकल्पिक भुगतान के दावे को अदालत ने स्वीकार नहीं किया। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि चेक वैध देनदारी के लिए जारी किए थे। इसलिए दोषियों पर एनआई एक्ट की धारा 138 के तहत अपराध बनता है। अदालत ने तीनों मामलों में फर्म और उसके साझेदारों को दोषी ठहराते हुए कहा कि वे कानूनी दायित्व निभाने में विफल रहे।
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