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टिकरी स्कूल के रास्ते की हालत खराब, छात्र परेशान
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छुट्टी के बाद खस्ताहाल रास्ते को पकड़ कर घर जाते टिकरी स्कूल के बच्चे। संवाद
- फोटो : NAHAN
संगड़ाह (सिरमौर)। शिक्षा खंड संगड़ाह के अंतर्गत आने वाली प्राथमिक पाठशाला टिकरी के रास्ते की हालत बेहद खस्ता बनी हुई है। नौनिहाल स्कूल जाते और लौटते वक्त रास्ता पकड़कर गंतव्य तक पहुंच रहे हैं। थोड़ी भी चूक हो जाए तो जान पर भारी पड़ सकती है। अभिभावक भी इस रास्ते को ठीक करने की मांग कई बार कर चुके हैं लेकिन कुछ नहीं हुआ।
बता दें कि प्राथमिक पाठशाला टिकरी गांव से 400 मीटर दूर है। स्कूल के समीप पहुंचते वक्त 60 मीटर रास्ता ऐसा है कि पहले चढ़ाई चढ़ते वक्त बच्चों को दिक्कतें पेश आ रहीं हैं। स्कूल के लिए बनाई गईं पत्थर की सीढ़ियां भी खस्ताहाल हैं। इन सीढ़ियों से पहली दूसरी कक्षा में पढ़ने वाले बच्चे बड़ी मुश्किल से चढ़ पाते हैं। टिकरी गांव में बनी यह पाठशाला एक चोटी पर स्थित है जिसके चारों और हर वक्त बच्चों के गिरने का अंदेशा बना रहता है। इस पाठशाला के प्रांगण के चारों और किसी भी प्रकार की जाली या सुरक्षा दीवार नहीं लगी है।
पाठशाला के एक ओर बिल्कुल गहरी खाई है जिससे कभी भी कोई अनहोनी घटना हो सकती है। एक तरफ शिक्षा विभाग पाठशालाओं के रखरखाव के लिए प्रयासरत है लेकिन दूसरी ओर इस प्रकार की पाठशालाएं, पंचायत एवं शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली की पोल खोल रही हैं। इस पाठशाला के लिए पंचायत ने रास्ते का निर्माण करवाया गया था जिसमें रास्ते की हालत देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि नौनिहालों के चलने के लिए कितना आरामदायक रास्ता बनाया गया है।
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खंड प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी जोगेंद्र पुंडीर ने बताया कि उनके पास मार्ग निर्माण के लिए कोई राशि नहीं आती है। इस प्रकार के कार्य पंचायत ही करवाती है। ग्राम पंचायत संगड़ाह की प्रधान नीलम चौहान ने बताया कि इस कार्य के लिए बजट नहीं है। बजट मिलते ही रास्ता दुरुस्त किया जाएगा।
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बता दें कि प्राथमिक पाठशाला टिकरी गांव से 400 मीटर दूर है। स्कूल के समीप पहुंचते वक्त 60 मीटर रास्ता ऐसा है कि पहले चढ़ाई चढ़ते वक्त बच्चों को दिक्कतें पेश आ रहीं हैं। स्कूल के लिए बनाई गईं पत्थर की सीढ़ियां भी खस्ताहाल हैं। इन सीढ़ियों से पहली दूसरी कक्षा में पढ़ने वाले बच्चे बड़ी मुश्किल से चढ़ पाते हैं। टिकरी गांव में बनी यह पाठशाला एक चोटी पर स्थित है जिसके चारों और हर वक्त बच्चों के गिरने का अंदेशा बना रहता है। इस पाठशाला के प्रांगण के चारों और किसी भी प्रकार की जाली या सुरक्षा दीवार नहीं लगी है।
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पाठशाला के एक ओर बिल्कुल गहरी खाई है जिससे कभी भी कोई अनहोनी घटना हो सकती है। एक तरफ शिक्षा विभाग पाठशालाओं के रखरखाव के लिए प्रयासरत है लेकिन दूसरी ओर इस प्रकार की पाठशालाएं, पंचायत एवं शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली की पोल खोल रही हैं। इस पाठशाला के लिए पंचायत ने रास्ते का निर्माण करवाया गया था जिसमें रास्ते की हालत देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि नौनिहालों के चलने के लिए कितना आरामदायक रास्ता बनाया गया है।
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खंड प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी जोगेंद्र पुंडीर ने बताया कि उनके पास मार्ग निर्माण के लिए कोई राशि नहीं आती है। इस प्रकार के कार्य पंचायत ही करवाती है। ग्राम पंचायत संगड़ाह की प्रधान नीलम चौहान ने बताया कि इस कार्य के लिए बजट नहीं है। बजट मिलते ही रास्ता दुरुस्त किया जाएगा।