संवाद न्यूज एजेंसी
नाहन/धौलाकुआं (सिरमौर)। जिले में बुधवार देर शाम और रात को आए तूफान से आम की फसल को काफी नुकसान पहुंचा है। फसल के नुकसान से बागवान चिंतित हैं। जिले के मैदानी क्षेत्रों खासकर पांवटा घाटी में आम के काफी बगीचे हैं। यहां के आम की जिला के साथ-साथ अन्य राज्यों में भी काफी मांग रहती है। अधिकतर बगीचों से अभी आम के तुड़ान का कार्य शुरू नहीं हुआ है। आम की फसल अपने यौवन पर है, लेकिन बुधवार को आए तूफान के चलते फसल को काफी नुकसान पहुंचा है। जिले के धौलाकुआं और पांवटा क्षेत्रों के अलावा अन्य क्षेत्रों में नुकसान ज्यादा बताया जा रहा है। बागवानों में राम किशोर, मुकेश चौधरी, प्रदीप कुमार, सुरजीत सिंह और सरबण सिंह आदि ने बताया कि बुधवार रात आठ बजे के करीब तेज हवाएं चलीं, जिससे जगह-जगह पेड़-पौधों को काफी नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा क्षेत्र में आम की फसल को भारी नुकसान हुआ है। इस साल क्षेत्र में आम की बंपर फसल होने से बागवान काफी उत्साहित थे। क्षेत्र के पडदूणी, धौलाकुआं, रामपुर, शिवपुर, मानपुर, देवड़ा, पातलिया, बहरहाल और भगाणी सहित समूचे क्षेत्र में आम के पेड़ फल आने से लदे हुए थे। अचानक आए तूफान ने बागवानों की करीब 30 फीसदी फसल को एक झटके में नुकसान पहुंचा दिया। बागवानों ने सरकार से उचित मुआवजे की गुहार लगाई है।