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विधवाओं के प्रति लोगों की संकीर्ण सोच पर रंगकर्मियों ने कसे तंज
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नाहन में स्टेपको थियेटर उत्सव के दौरान सुगंधी नाटक पेश करतीं महिला रंगकर्मी। संवाद
- फोटो : NAHAN
नाहन (सिरमौर)। समाज में विधवाओं के प्रति संकीर्ण सोच को रंगकर्मियों ने ‘सुगंधी’ नाटक के जरिए मंच पर बखूबी प्रदर्शित किया। महिला रंगकर्मियों ने इस नाटक से लोगों की संकीर्ण मानसिकता पर खूब तंज कसे। मौका था भाषा एवं संस्कृति विभाग के सौजन्य से आयोजित स्टेपको थियेटर उत्सव-2022 का।
जिला परिषद भवन में आयोजित इस थियेटर उत्सव के दौरान स्टेपको नाहन, बंगलुरू और जगशेदपुर से आए कलाकारों ने सामाजिक सरोकारों से जुड़े नाटक प्रस्तुत किए। स्टेपको की ओर से आयोजित सुगंधी नाटक में महिला रंगकर्मियों ने विधवा पुनर्विवाह पर समाज की संकीर्ण सोच पेश की।
संकीर्ण सोच से लड़ने का जज्बा भी पेश किया और दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं। रजित सिंह कंवर और वसीम खान की ओर से निर्देशित इस नाटक में फरजाना ने विधवा महिला जानकी के मुख्य किरदार में शानदार अभिनय किया। गीता कैंथ ने विधवा आश्रम की मुखिया के रूप में अपनी भूमिका से न्याय किया। असिफा ने छोटी और सिमरन ने बड़ी सुगंधी की भूमिका अदा की। बंगलुरू के विदूषक समूह ने श्रीनिवास की ओर से निर्देशित सकल जनिहे नाथ.., नाटक से सुदामा चरित्र पर प्रकाश डाला।
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जमशेदपुर से आई टीम ने कन्यादान नाटक प्रस्तुत किया। मो. निजाम की ओर से निर्देशित इस नाटक में कलाकारों ने शादी के बाद महिलाओं के साथ पेश आने वाली समस्याओं से दर्शकों को रूबरू करवाया। कलाकारों ने नाटक से बताया कि एक गलत आदमी के साथ हुई शादी महिला की जिंदगी किस कदर बर्बाद कर सकती है। इस नाटक ने भी दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं। कार्यक्रम में वरिष्ठ अधिवक्ता एसके अत्री ने मुख्यातिथि के रूप में शिरकत की।
इस अवसर पर स्टेपको के अध्यक्ष रजित सिंह कंवर, वसीम खान, आगरा से उमा शंकर, वरिष्ठ रंगकर्मी नीरज गुप्ता, डॉ. एसके सबलोक, राकेश थापा, जोहेब यूसुफजई, अंतरराष्ट्रीय मैराथन धावक सुनील शर्मा और राम कुमार सैनी आदि मौजूद रहे।
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जिला परिषद भवन में आयोजित इस थियेटर उत्सव के दौरान स्टेपको नाहन, बंगलुरू और जगशेदपुर से आए कलाकारों ने सामाजिक सरोकारों से जुड़े नाटक प्रस्तुत किए। स्टेपको की ओर से आयोजित सुगंधी नाटक में महिला रंगकर्मियों ने विधवा पुनर्विवाह पर समाज की संकीर्ण सोच पेश की।
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संकीर्ण सोच से लड़ने का जज्बा भी पेश किया और दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं। रजित सिंह कंवर और वसीम खान की ओर से निर्देशित इस नाटक में फरजाना ने विधवा महिला जानकी के मुख्य किरदार में शानदार अभिनय किया। गीता कैंथ ने विधवा आश्रम की मुखिया के रूप में अपनी भूमिका से न्याय किया। असिफा ने छोटी और सिमरन ने बड़ी सुगंधी की भूमिका अदा की। बंगलुरू के विदूषक समूह ने श्रीनिवास की ओर से निर्देशित सकल जनिहे नाथ.., नाटक से सुदामा चरित्र पर प्रकाश डाला।
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जमशेदपुर से आई टीम ने कन्यादान नाटक प्रस्तुत किया। मो. निजाम की ओर से निर्देशित इस नाटक में कलाकारों ने शादी के बाद महिलाओं के साथ पेश आने वाली समस्याओं से दर्शकों को रूबरू करवाया। कलाकारों ने नाटक से बताया कि एक गलत आदमी के साथ हुई शादी महिला की जिंदगी किस कदर बर्बाद कर सकती है। इस नाटक ने भी दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं। कार्यक्रम में वरिष्ठ अधिवक्ता एसके अत्री ने मुख्यातिथि के रूप में शिरकत की।
इस अवसर पर स्टेपको के अध्यक्ष रजित सिंह कंवर, वसीम खान, आगरा से उमा शंकर, वरिष्ठ रंगकर्मी नीरज गुप्ता, डॉ. एसके सबलोक, राकेश थापा, जोहेब यूसुफजई, अंतरराष्ट्रीय मैराथन धावक सुनील शर्मा और राम कुमार सैनी आदि मौजूद रहे।

नाहन में सुगंधी नाटक के दौरान विधवा आश्रम की मुखिया के निधन पर विलाप करतीं महिला रंगकर्मी। संवाद- फोटो : NAHAN

नाहन में सकल जनिहे नाथ नाटक का मंचन करते बैंगलुरू से आए रंगकर्मी। संवाद- फोटो : NAHAN