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पांवटा में नहीं वेंटीलेटर, सिर्फ एक शिशु रोग विशेषज्ञ

Sun, 06 Jun 2021 12:06 AM IST
Shimla	 Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Sun, 06 Jun 2021 12:06 AM IST
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sirmaur hospital
पांवटा अस्पताल के शिशु वार्ड में उपचाराधीन बच्चे अपनी माताओं के साथ। - फोटो : NAHAN
पांवटा साहिब (सिरमौर)। प्रदेश में कोरोना की तीसरी लहर से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग कमर कस रहा है। तीसरी लहर में बच्चों पर महामारी का असर होने की आशंका के चलते प्रदेश सरकार और स्वास्थ्य विभाग अब गंभीरता से तैयारियों में जुटने लगा है लेकिन स्टाफ कम होने के कारण तीसरी लहर का सामना करना मुश्किल हो सकता है।
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लिहाजा, अस्पताल में स्टाफ नर्स समेत अन्य खाली पदों को भरने की जरूरत शिद्दत से महसूस की जा रही है। अस्पताल महज एक शिशु रोग विशेषज्ञ के सहारे चल रहा है। जबकि गिरिपार से लेकर पांवटा और सीमाओं से सटे हरियाणा आदि इलाके से भी यहां मरीज पहुंचते हैं।
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सिविल अस्पताल के शिशु वार्ड में कुल 21 बिस्तर की सुविधा है जिसमें नवजात शिशु वार्ड में 8 तथा शिशु वार्ड में 13 बिस्तर की सुविधाएं हैं। जरूरत पड़ने पर इन वार्डों में अतिरिक्त स्पेशल बिस्तर भी लगाए जा सकते हैं। स्थानीय अस्पताल में किसी भी संभावित संक्रमित बच्चे की जांच करने को कोविड-19 टेस्ट, ऑक्सीजन सिलिंडर, सीटी स्कैन और एक्सरे सुविधाएं उपलब्ध हैं लेकिन अस्पताल में वेंटिलेटर की सुविधा उपलब्ध नहीं है।
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नवजात शिशु वार्ड में स्टाफ नर्सों से कुल सात पदों में से चार पद रिक्त पड़े हैं। यदि आशंका अनुसार शिशुओं पर कोरोना का ज्यादा असर पड़ता है तो पांवटा अस्पताल में रिक्त चार स्टाफ नर्सों के पदों के साथ अतिरिक्त नर्सों के पद की जरूरत पड़ सकती है। फिलहाल, शिशु रोग विशेषज्ञ तीसरी लहर से निपटने के लिए शिशु वार्ड में पूरी सुविधाएं जुटाने को कृत संकल्प है। उधर, सिविल अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. अमिताभ जैन ने बताया कि
अस्पताल के शिशु वार्ड में कुल 21 बिस्तरों की सुविधाएं हैं। जरूरत पड़ने पर पर्याप्त ऑक्सीजन, सीटी स्कैन और एक्सरे समेत विभिन्न टेस्ट सुविधाएं उपलब्ध हैं। ज्यादा गंभीर हालत होने पर ही आईसीयू-वेंटिलेटर सुविधा प्रदान करने को ही नाहन रेफर किया जाएगा।

तीसरी लहर से निपटने के लिए सरकार की तरफ से जारी सभी दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए सुविधाएं प्रदान करने की तैयारियां की जा रही हैं। डॉ. जैन ने बताया कि नवजात शिशु वार्ड में स्टाफ नर्सों के चार रिक्त पदों को भरने के साथ अतिरिक्त नर्सों के पदों के लिए प्रदेश सरकार और विभाग को पत्र भेज दिया गया है।
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