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Sirmour News: पांवटा साहिब अस्पताल में डायलिसिस बेड की कमी, मरीज परेशान
Sat, 17 Oct 2026 05:00 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरमौर
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरमौर
Updated Sat, 17 Oct 2026 05:00 PM IST
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सिविल अस्पताल पांवटा साहिब में संचालित डायलिसिस केंद्र। संवाद
(ग्राउंड रिपोर्ट)
चार बेड पर दो शिफ्टों में रोजाना सात मरीजों को मिल रही सुविधा, संख्या बढ़ाने की मांग
निजी अस्पतालों में होता है बड़ा खर्चा , जिले समेत उत्तराखंड-हरियाणा से आ रहे मरीज
सुरेश तोमर
पांवटा साहिब (सिरमौर)। सिविल अस्पताल पांवटा साहिब के डायलिसिस केंद्र में बेड की कमी से किडनी रोगियों को परेशानी हो रही है। पिछले ढाई साल से केंद्र में चार बेड पर ही डायलिसिस की सुविधा उपलब्ध है। दो शिफ्टों में रोजाना करीब सात मरीजों की डायलिसिस हो पाती है, जबकि मरीजों की बढ़ती संख्या से प्रतीक्षा सूची बढ़ रही है। स्थानीय लोगों ने बेड की संख्या बढ़ाकर 10 से 12 करने की मांग की है।
अस्पताल में सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) के तहत निजी कंपनी डायलिसिस सेवाएं दे रही है। यहां सिरमौर के अलावा उत्तराखंड और हरियाणा से भी मरीज पहुंचते हैं। भरत ठाकुर, दिनेश शर्मा, आरती, नरेंद्र चौहान और पूनम ने बताया कि किडनी फेलियर के मरीजों को सप्ताह में दो से तीन बार डायलिसिस करवानी पड़ती है। सीमित बेड के कारण उन्हें समय पर सुविधा मिलने में दिक्कत होती है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, निजी अस्पतालों में हिमकेयर कार्ड की सुविधा नहीं मिलने से कई मरीजों को उत्तराखंड या स्थानीय निजी क्लीनिकों में डायलिसिस करवानी पड़ती है। इससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों पर अतिरिक्त बोझ पड़ता है।
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सिविल अस्पताल की प्रभारी डॉ. सुधी गुप्ता ने बताया कि केंद्र में पीपीपी के तहत सेवाएं दी जा रही हैं। स्थानीय विधायक के माध्यम से भी बेड बढ़ाने की मांग उठाई गई है।
इनसेट-1:
निजी अस्पतालों में डायलिसिस पर 2500 से 3000 रुपये खर्च
क्षेत्रवासियों के अनुसार, निजी अस्पतालों में एक बार डायलिसिस करवाने पर 2500 से 3000 रुपये तक खर्च होते हैं। उन्होंने कहा कि लंबे इंतजार से मरीजों को समय पर उपचार मिलने में बाधा आ सकती है। लोगों ने सरकार और स्वास्थ्य विभाग से बेड बढ़ाकर मरीजों को समय पर सुविधा उपलब्ध करवाने की मांग की है।
इनसेट-2:
छह कर्मचारियों की टीम दे रहीं सेवाएं
डायलिसिस केंद्र के प्रभारी मोहम्मद दानिश ने बताया कि शुरुआत में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के माध्यम से चार मशीनों की मांग भेजी गई थी। वर्तमान में केंद्र में एक डॉक्टर, दो तकनीशियन, एक नर्सिंग कर्मचारी, एक हाउसकीपिंग कर्मचारी और एक वार्ड असिस्टेंट सहित छह कर्मचारी सेवाएं दे रहे हैं।
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चार बेड पर दो शिफ्टों में रोजाना सात मरीजों को मिल रही सुविधा, संख्या बढ़ाने की मांग
निजी अस्पतालों में होता है बड़ा खर्चा , जिले समेत उत्तराखंड-हरियाणा से आ रहे मरीज
सुरेश तोमर
पांवटा साहिब (सिरमौर)। सिविल अस्पताल पांवटा साहिब के डायलिसिस केंद्र में बेड की कमी से किडनी रोगियों को परेशानी हो रही है। पिछले ढाई साल से केंद्र में चार बेड पर ही डायलिसिस की सुविधा उपलब्ध है। दो शिफ्टों में रोजाना करीब सात मरीजों की डायलिसिस हो पाती है, जबकि मरीजों की बढ़ती संख्या से प्रतीक्षा सूची बढ़ रही है। स्थानीय लोगों ने बेड की संख्या बढ़ाकर 10 से 12 करने की मांग की है।
अस्पताल में सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) के तहत निजी कंपनी डायलिसिस सेवाएं दे रही है। यहां सिरमौर के अलावा उत्तराखंड और हरियाणा से भी मरीज पहुंचते हैं। भरत ठाकुर, दिनेश शर्मा, आरती, नरेंद्र चौहान और पूनम ने बताया कि किडनी फेलियर के मरीजों को सप्ताह में दो से तीन बार डायलिसिस करवानी पड़ती है। सीमित बेड के कारण उन्हें समय पर सुविधा मिलने में दिक्कत होती है।
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स्थानीय लोगों के अनुसार, निजी अस्पतालों में हिमकेयर कार्ड की सुविधा नहीं मिलने से कई मरीजों को उत्तराखंड या स्थानीय निजी क्लीनिकों में डायलिसिस करवानी पड़ती है। इससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों पर अतिरिक्त बोझ पड़ता है।
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सिविल अस्पताल की प्रभारी डॉ. सुधी गुप्ता ने बताया कि केंद्र में पीपीपी के तहत सेवाएं दी जा रही हैं। स्थानीय विधायक के माध्यम से भी बेड बढ़ाने की मांग उठाई गई है।
इनसेट-1:
निजी अस्पतालों में डायलिसिस पर 2500 से 3000 रुपये खर्च
क्षेत्रवासियों के अनुसार, निजी अस्पतालों में एक बार डायलिसिस करवाने पर 2500 से 3000 रुपये तक खर्च होते हैं। उन्होंने कहा कि लंबे इंतजार से मरीजों को समय पर उपचार मिलने में बाधा आ सकती है। लोगों ने सरकार और स्वास्थ्य विभाग से बेड बढ़ाकर मरीजों को समय पर सुविधा उपलब्ध करवाने की मांग की है।
इनसेट-2:
छह कर्मचारियों की टीम दे रहीं सेवाएं
डायलिसिस केंद्र के प्रभारी मोहम्मद दानिश ने बताया कि शुरुआत में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के माध्यम से चार मशीनों की मांग भेजी गई थी। वर्तमान में केंद्र में एक डॉक्टर, दो तकनीशियन, एक नर्सिंग कर्मचारी, एक हाउसकीपिंग कर्मचारी और एक वार्ड असिस्टेंट सहित छह कर्मचारी सेवाएं दे रहे हैं।

सिविल अस्पताल पांवटा साहिब में संचालित डायलिसिस केंद्र। संवाद