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तारकोल की बजाए पत्थर और मिट्टी से भर दिए गड्ढे
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सातौन (सिरमौर)। पांवटा-शिलाई एनएच-707 वाहन चालकों और पैदल राहगीरों के जी का जंजाल बन गया है। एनएच ने इस मार्ग को पत्थर और मिट्टी से भरना शुरू कर दिया है जिससे नई तरह की मुसीबत खड़ी हो गई है। अब यहां वाहन चालकों को गड्ढों के साथ-साथ धूल-मिट्टी का भी सामना करना पड़ रहा है। इस एनएच मार्ग पर कई जगह गड्ढे इतने बड़े हैं कि दुपहिया वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं।
गौरतलब रहे कि एनएच ने इन गड्ढों पर पैच वर्क करने की बजाए इनको पत्थर और मिट्टी से भरना शुरू कर दिया है। विभाग के सहायक अभियंता की गाड़ी में पत्थर ढोए जा रहे हैं। फिलहाल बद्रीपुर और तारुवाला सड़क पर पड़े गड्ढों को पत्थर व मिट्टी से भर दिया है। मजे की बात यह है कि इन गड्ढों का पैच वर्क विभाग तब कर पाएगा जब केंद्र की टीम इस सड़क का चौड़ीकरण का कार्य करेगी। यह कार्य कब होगा इसका कुछ पता नहीं है।
ऐसे में अभी वाहन चालकों और पैदल राहगीरों को राहत मिलने की उम्मीद बिल्कुल नहीं है। विभाग ने जिन गड्ढों में पत्थर और मिट्टी डाली है वह अब नई तरह की मुसीबत खड़ी कर रहे हैं। आगे से गुजर रहे वाहन के कारण मिट्टी और धूल उड़ रही है। जो कि पीछे चल रहे वाहन चालकों व पैदल राहगीरों के जी का जंजाल बन चुकी है। कच्ची ढांक के समीप तो स्थिति और भी बदतर है। यहां दो वाहनों का गुजरना बहुत ही कठिन हो गया है। यहां इतनी धूल-मिट्टी उड़ती है कि मुसाफिर को सड़क तक सही ढंग से नहीं दिखाई देती।
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ग्रामीण सतीश चौहान, दलीप गुप्ता, दिनेश, प्रेम तोमर, वीरेंद्र शर्मा आदि ने बताया कि क्षेत्र में सड़क से इतनी धूल उड़ रही हैं कि जंगलों के पेड़ पौधे भी दूषित हो चुके हैं। मवेशी चारा तक नहीं खा रहे हैं। सड़क में गड्ढे भी भारी मात्रा में है। विभाग को चाहिए कि वह इस मार्ग को अविलंब सुधारे।
एनएच के सहायक अभियंता संजीव अग्रवाल ने बताया कि कुछेक गड्ढों को भरा जा चुका है। केंद्रीय टीम की ओर से जब सड़क का निर्माण कार्य किया जाएगा तब शेष सड़क को दुरुस्त कर दिया जाएगा।
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गौरतलब रहे कि एनएच ने इन गड्ढों पर पैच वर्क करने की बजाए इनको पत्थर और मिट्टी से भरना शुरू कर दिया है। विभाग के सहायक अभियंता की गाड़ी में पत्थर ढोए जा रहे हैं। फिलहाल बद्रीपुर और तारुवाला सड़क पर पड़े गड्ढों को पत्थर व मिट्टी से भर दिया है। मजे की बात यह है कि इन गड्ढों का पैच वर्क विभाग तब कर पाएगा जब केंद्र की टीम इस सड़क का चौड़ीकरण का कार्य करेगी। यह कार्य कब होगा इसका कुछ पता नहीं है।
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ऐसे में अभी वाहन चालकों और पैदल राहगीरों को राहत मिलने की उम्मीद बिल्कुल नहीं है। विभाग ने जिन गड्ढों में पत्थर और मिट्टी डाली है वह अब नई तरह की मुसीबत खड़ी कर रहे हैं। आगे से गुजर रहे वाहन के कारण मिट्टी और धूल उड़ रही है। जो कि पीछे चल रहे वाहन चालकों व पैदल राहगीरों के जी का जंजाल बन चुकी है। कच्ची ढांक के समीप तो स्थिति और भी बदतर है। यहां दो वाहनों का गुजरना बहुत ही कठिन हो गया है। यहां इतनी धूल-मिट्टी उड़ती है कि मुसाफिर को सड़क तक सही ढंग से नहीं दिखाई देती।
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ग्रामीण सतीश चौहान, दलीप गुप्ता, दिनेश, प्रेम तोमर, वीरेंद्र शर्मा आदि ने बताया कि क्षेत्र में सड़क से इतनी धूल उड़ रही हैं कि जंगलों के पेड़ पौधे भी दूषित हो चुके हैं। मवेशी चारा तक नहीं खा रहे हैं। सड़क में गड्ढे भी भारी मात्रा में है। विभाग को चाहिए कि वह इस मार्ग को अविलंब सुधारे।
एनएच के सहायक अभियंता संजीव अग्रवाल ने बताया कि कुछेक गड्ढों को भरा जा चुका है। केंद्रीय टीम की ओर से जब सड़क का निर्माण कार्य किया जाएगा तब शेष सड़क को दुरुस्त कर दिया जाएगा।